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किसानों को औषधीय खेती पर मिलेगा अनुदान

Sat, 04 Jan 2020 11:24 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jan 2020 11:24 PM IST
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Farmers will get subsidy on medicinal farming
अमेठी। औषधीय खेती को प्रोत्साहित कर किसानों की आय बढ़ाने के लिए उद्यान विभाग उन्हें अनुदान देगा। औषधि मिशन योजना में जिले को शामिल करने के बाद निदेशक उद्यान ने विभाग को पत्र भेजकर औषधीय खेती का फसलवार लक्ष्य निर्धारित कर प्रस्ताव भेजने को कहा है। लक्ष्य मंजूर होने के बाद किसानों से ऑनलाइन आवेदन लेकर उनका चयन करते हुए खेती करने वालों को अनुदान दिया जाएगा।
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प्रदेश सरकार के निर्देश पर किसानों की आय बढ़ाने व औषधीय खेती को प्रोत्साहित करने के लिए जिले को उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की ओर से संचालित औषधि मिशन योजना के दायरे में लिया गया है।
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किसानों की मांग पर पिछले दिनों डीएम अरुण कुमार ने शासन को पत्र भेजकर किसानों को योजना से आच्छादित करने को कहा था। इस पर निदेशक एसबी शर्मा ने जिले को योजना में शामिल करते हुए उद्यान विभाग को पत्र भेजकर किसानों की आय बढ़ाने के लिए औषधीय खेती का फसलवार लक्ष्य निर्धारित कर प्रस्ताव कार्यालय भेजने को कहा है।
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निदेशक का पत्र मिलने के बाद विभाग फसलवार लक्ष्य निर्धारित करने में जुटा है। लक्ष्य निर्धारण व मंजूरी मिलने के बाद विभाग किसानों का चयन ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर करेगा। चयन के बाद विभाग ऐसे किसानों को अनुदान राशि सीधे उनके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करेगा, जिन्होंने औषधीय खेती की होगी।
योजना प्रभारी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि औषधि मिशन योजना के तहत अश्वगंधा, सतावर, तुलसी, एलोवेरा, कालमख व खस की खेती शामिल है। जिले में तुलसी, सतावर व खस की खेती के लिए भूमि व वातावरण दोनों अनुकूल हैं। फसलवार लक्ष्य निर्धारण के बाद किसानों का चयन कर जिले में औषधि खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के प्रभारी संजय यादव ने बताया कि जनपद में औषधीय मिशन योजना शुरू होने से न सिर्फ किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि आयुर्वेद विधि से तैयार दवाओं के व्यवसाय को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रभारी ने बताया कि योजना में चिह्नित होने वाले किसानों को औषधि फसल के उत्पादन के साथ ही उन्हें आयुर्वेद दवा तैयार करने लायक पदार्थ बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

जिला उद्यान अधिकारी डॉ. बल्देव प्रसाद ने बताया कि औषधि की खेती करने पर किसानों को प्रति हेक्टेयर लागत का 30 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। योजना से जिले में तुलसी, सतावर व खस की खेती को प्रोत्साहन मिलेगा।
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