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Sultanpur News: किसानों ने ट्रैक्टर से रौंद डाली 30 बीघे फसल, नहीं निकली लागत
Sun, 23 Mar 2025 12:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 23 Mar 2025 12:05 AM IST
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भदैंया क्षेत्र में टमाटर की फसल पर ट्रैक्टर चलाता किसान
भदैंया (सुल्तानपुर)। टमाटर की खेती में लागत न निकलने से परेशान चार किसानों ने तैयार फसल को ट्रैक्टर से 30 बीघे रौंद डाली। कई अन्य किसानों का टमाटर खेत में ही सड़ रहा है। मौजूदा समय में सब्जी मंडी में किसानों का टमाटर लगभग एक रुपया प्रति किलो बिक रहा है।
स्थानीय विकास खंड के सोनबरसा, महानपुर, मिश्रपुर पुरैना, हरीपुर बनवा, लोहरामऊ, सजैया, ऊंचहरा, हनुमानगंज, विकवाजितपुर, पखरौली, जादीपुर, सराय अचल, बरुई, अभियाकलां आदि गांवों के किसानों ने बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती करते हैं। इन गांवों के किसान हर साल 500 से 1000 बीघे में टमाटर की खेती करते हैं। इस बार अगेती टमाटर को किसानों ने नवंबर और दिसंबर के महीने में महंगे हाइब्रिड किस्म के टमाटर बीज की नर्सरी डालकर फसल तैयार की थी।
फरवरी में तैयार अगेती फसल के दाम अचानक गिर जाने से किसान खेतों में तैयार टमाटर की फसल को देखने से भी कतरा रहे हैं। जिले की सब्जी मंडी, अमहट में 20 से 30 रुपये प्रति कैरेट दाम मिल रहा है।
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किसान बोले-पांच साल बाद गिरा रेट
महानपुर के किसान रामचंदर वर्मा पांच बीघा टमाटर लगाए थे। उन्होंने कहा कि टमाटर की प्रति बीघा लागत 10 से 15 हजार रुपये आती है। इस बार टमाटर की बंपर पैदावार हुई। अचानक भाव गिरने से टमाटर मंडी में 20 से 30 रुपये प्रति कैरेट बिकने लगा। इसी गांव के श्याम सुंदर वर्मा ने 10 बीघे में टमाटर की रोपाई किए थे। एक कैरेट टमाटर को तोड़ने से लेकर उसकी छंटाई में 22 रुपये खर्च आ रहा है। लागत भी नहीं निकल रही है। बीसापुर के किसान रामफल ने 10 बीघा टमाटर की खेती की थी। टमाटर की 10 किलो फसल पैदा करने की लागत 30 रुपये है। एक किलो टमाटर की कीमत तीन से चार रुपये आ रही है। मंडी में एक रुपये किलो में टमाटर कैसे बेचा जा सकता है, इससे हम कर्जदार हो गए हैं। मिश्रपुर पुरैना के अनिल मिश्र पांच बीघा में टमाटर तैयार किए थे। कहा कि 30 हजार रुपये किलो का टमाटर का हाइब्रिड बीज लाया था। 15 हजार रुपये प्रति बीघा टमाटर की खेती पर खर्च किया। प्रति बीघा पांच हजार भी नहीं मिल रहा है। महानपुर के किसान मो. मोतीन खां ने पांच बीघा में टमाटर की फसल तैयार की थी। बताया कि टमाटर तोड़वाने पर मजदूरी भी नहीं निकल रही है।
आलू की तरह सब्जियों का भी हो कोल्ड स्टोरेज
मिश्रपुर पुरैना के किसान सुजीत यादव ने कहा कि जब तक सरकार टमाटर रखने की व्यवस्था नहीं करेगी। किसान यूं ही परेशान व कर्जदार बना रहेगा। किसान अवधेश ने कहा कि आलू की तरह सब्जी का भी कोल्ड स्टोरेज में भंडारण किया जाना चाहिए। किसान प्रमोद का कहना है कि हनुमानगंज व लोहरामऊ कोल्ड स्टोरेज में सब्जी फसल संरक्षित करने के उपाय हो जाए तो किसान बर्बाद होने से बच जाएगा।
अनुदान पर किसानों को दिया जाता टमाटर का बीज
टमाटर की खेती करने वाले किसानों को बीज अनुदान पर मिलता है। इस बार मौसम अनुकूल होने से टमाटर की फसल अच्छी हुई है। बाहर से भी टमाटर की खेप आने से भाव गिर गए हैं। - दिनेश कुमार सिंह, सहायक उद्यान निरीक्षक भदैंया।
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स्थानीय विकास खंड के सोनबरसा, महानपुर, मिश्रपुर पुरैना, हरीपुर बनवा, लोहरामऊ, सजैया, ऊंचहरा, हनुमानगंज, विकवाजितपुर, पखरौली, जादीपुर, सराय अचल, बरुई, अभियाकलां आदि गांवों के किसानों ने बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती करते हैं। इन गांवों के किसान हर साल 500 से 1000 बीघे में टमाटर की खेती करते हैं। इस बार अगेती टमाटर को किसानों ने नवंबर और दिसंबर के महीने में महंगे हाइब्रिड किस्म के टमाटर बीज की नर्सरी डालकर फसल तैयार की थी।
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फरवरी में तैयार अगेती फसल के दाम अचानक गिर जाने से किसान खेतों में तैयार टमाटर की फसल को देखने से भी कतरा रहे हैं। जिले की सब्जी मंडी, अमहट में 20 से 30 रुपये प्रति कैरेट दाम मिल रहा है।
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किसान बोले-पांच साल बाद गिरा रेट
महानपुर के किसान रामचंदर वर्मा पांच बीघा टमाटर लगाए थे। उन्होंने कहा कि टमाटर की प्रति बीघा लागत 10 से 15 हजार रुपये आती है। इस बार टमाटर की बंपर पैदावार हुई। अचानक भाव गिरने से टमाटर मंडी में 20 से 30 रुपये प्रति कैरेट बिकने लगा। इसी गांव के श्याम सुंदर वर्मा ने 10 बीघे में टमाटर की रोपाई किए थे। एक कैरेट टमाटर को तोड़ने से लेकर उसकी छंटाई में 22 रुपये खर्च आ रहा है। लागत भी नहीं निकल रही है। बीसापुर के किसान रामफल ने 10 बीघा टमाटर की खेती की थी। टमाटर की 10 किलो फसल पैदा करने की लागत 30 रुपये है। एक किलो टमाटर की कीमत तीन से चार रुपये आ रही है। मंडी में एक रुपये किलो में टमाटर कैसे बेचा जा सकता है, इससे हम कर्जदार हो गए हैं। मिश्रपुर पुरैना के अनिल मिश्र पांच बीघा में टमाटर तैयार किए थे। कहा कि 30 हजार रुपये किलो का टमाटर का हाइब्रिड बीज लाया था। 15 हजार रुपये प्रति बीघा टमाटर की खेती पर खर्च किया। प्रति बीघा पांच हजार भी नहीं मिल रहा है। महानपुर के किसान मो. मोतीन खां ने पांच बीघा में टमाटर की फसल तैयार की थी। बताया कि टमाटर तोड़वाने पर मजदूरी भी नहीं निकल रही है।
आलू की तरह सब्जियों का भी हो कोल्ड स्टोरेज
मिश्रपुर पुरैना के किसान सुजीत यादव ने कहा कि जब तक सरकार टमाटर रखने की व्यवस्था नहीं करेगी। किसान यूं ही परेशान व कर्जदार बना रहेगा। किसान अवधेश ने कहा कि आलू की तरह सब्जी का भी कोल्ड स्टोरेज में भंडारण किया जाना चाहिए। किसान प्रमोद का कहना है कि हनुमानगंज व लोहरामऊ कोल्ड स्टोरेज में सब्जी फसल संरक्षित करने के उपाय हो जाए तो किसान बर्बाद होने से बच जाएगा।
अनुदान पर किसानों को दिया जाता टमाटर का बीज
टमाटर की खेती करने वाले किसानों को बीज अनुदान पर मिलता है। इस बार मौसम अनुकूल होने से टमाटर की फसल अच्छी हुई है। बाहर से भी टमाटर की खेप आने से भाव गिर गए हैं। - दिनेश कुमार सिंह, सहायक उद्यान निरीक्षक भदैंया।