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किसानों को रास नहीं आ रहा मोबाइल क्रय केंद्र

Wed, 04 May 2022 11:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 04 May 2022 11:48 PM IST
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Farmers are not liking mobile purchasing center
सुल्तानपुर। शासन के निर्देश पर जिले में शुरू की गई गेहूं खरीद की मोबाइल क्रय केंद्र सेवा किसानों को रास नहीं आ रही है। किसान मोबाइल क्रय केंद्र पर अपना गेहूं देने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। फोन पर पंचायत भवन अथवा कोटे की दुकानों पर मोबाइल क्रय केंद्र के माध्यम से होने वाली खरीद में गेहूं इकट्ठा करने की मात्रा एक ट्रक होने की शर्त से यह सफल होती नहीं दिख रही है। हालत यह है कि अभी तक मोबाइल क्रय केंद्र की बोहनी तक नहीं हो पाई है।
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रबी विपणन वर्ष 2022-23 में किसानों के गेहूं की खरीद करने के लिए जिले में पहले 44 क्रय केंद्र बनाए गए थे। बाद में क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 70 कर दी गई थी। पहली अप्रैल से गेहूं खरीद की शुरुआत हुई थी। 15 जून तक चलने वाली गेहूं खरीद का लक्ष्य 70 हजार एमटी निर्धारित किया गया है।
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शासन ने इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2,015 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। शासन की ओर से गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने के बाद भी सरकारी क्रय केंद्रों पर सुस्त गति से गेेेहूं की खरीद चल रही है। हालत यह है कि एजेंसियों के लिए निर्धारित लक्ष्य हासिल करना बड़ी चुनौती बन गई है।
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सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद में तेजी न आने पर पिछले दिनों शासन ने मोबाइल क्रय केंद्र खोलने का निर्देश दिया था। शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी ने सरकारी खरीद बढ़ाने के लिए मोबाइल गेहूं क्रय केंद्रों के माध्यम से खरीद करने का आदेश दिया है। इसके तहत क्रय केंद्र प्रभारी ग्रामीण क्षेत्र के उचित दर विक्रेताओं व ग्राम प्रधानों से वार्ता करेंगे।
जिन गांवों में एक ट्रक गेहूं खरीदने की संभावना होगी, वहां मोबाइल क्रय केंद्र के माध्यम से पंचायत भवन अथवा उचित दर विक्रेताओं की दुकानों पर गेहूं की खरीद की जाएगी। वहां से खरीदे गए गेहूं को भारतीय खाद्य निगम के डिपो भेजे जाने की व्यवस्था बनाई गई है।
गेहूं की सरकारी खरीद बढ़ाने के लिए शुरू की गई मोबाइल क्रय केंद्र सेवा किसानों को रास नहीं आ रही है। ग्रामीण इलाकों में मध्यम व छोटे किसानों की संख्या अधिक होने के कारण एक गांव में एक ट्रक गेहूं इकट्ठा होने की शर्त ही प्रमुख समस्या बन गई है। ज्यादा मात्रा में गेहूं इकट्ठा न होने से मोबाइल क्रय पर अभी तक खरीद की बोहनी नहीं हो पाई है।
सरकार की ओर से किसानों का गेहूं का मूल्य बढ़ाए जाने पर व्यापारियों ने भी गेहूं के मूल्य में वृद्धि कर दी है। किसानों के घर से व्यापारी 1,900 रुपये से लेकर साढ़े 19 रुपये तक प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद कर रहे हैं। व्यापारियों की ओर से गेहूं का रेट बढ़ाए जाने से सरकारी क्रय केंद्र से किसानों ने दूरी बना ली है। व्यापारी को गेहूं देने पर किसानों को समय से रुपया मिल जाता है और उन्हें भागदौड़ भी नहीं करनी पड़ती है। सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं देने पर किसानों को समय पर रुपया नहीं मिल पाता है।

गेहूं की सरकारी खरीद में तेजी लाने के लिए जिले में मोबाइल क्रय केंद्र सेवा शुरू की गई है। इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, अभी तक मोबाइल क्रय केंद्र पर खरीद की बोहनी नहीं हो पाई है। मोबाइल क्रय केंद्र की सुविधा का लाभ उठाने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इसके तहत दुबेपुर ब्लॉक के अलहदादपुर गांव में चौपाल लगाकर किसानों को जानकारी दी गई है। किसानों को 72 घंटे में उनके गेहूं के मूल्य का भुगतान करा दिया जाएगा।
-विनीता मिश्रा, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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