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आंगनबाड़ी केंद्रों पर बंट रही ऐसी दाल जिसको खाने की मियाद बीती

Thu, 05 Aug 2021 10:39 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 05 Aug 2021 10:39 PM IST
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Expired pulses is being distributed from anganbadi centres
11. भदैंया के हनुमानगंज में वितरित की गई एक्सपायरी डेट की दाल। - फोटो : SULTANPUR
भदैंया (सुल्तानपुर)। क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पौष्टिक आहार के नाम पर एक्सपायर हुई चने की दाल वितरित की जा रही है। वितरित की जा रही दाल की पैकिंग पर फरवरी 2021 की उत्पादन तिथि के साथ चार महीने की अवधि में उपयोग करने का निर्देश अंकित है। ऐसी दाल के वितरण की शिकायत ग्रामीणों ने जिला कार्यक्रम अधिकारी से करते हुए जांच कर कार्रवाई करने मांग की है।
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बाल विकास परियोजना कार्यालय की ओर से पोषक पदार्थों को सीधा केंद्रों पर नहीं पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए आजीविका मिशन के तहत हर गांव मे महिला समूहों तथा क्लस्टर बनाकर पौष्टिक सामग्री को केंद्रों पर पहुंचाया जाता है।
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ग्रामीण बताते हैं कि इस माह की दो और तीन तारीख को भदैंया के हनुमानगंज, अभियाकलां, गोपालपुर, पखरौली, गौरा, पाल्हनपुर, पन्नाटिकरी, बभनगंवा, पूरे बाघराय, कुछमुछ, सेमरी पुरुषोत्तमपुर, जुड़ारा, करोमी सहित अन्य गांवों मे चने की दाल, दूध पाउडर व देसी घी के पैकेट का वितरण चार साल से छोटे बच्चों और गर्भवतियों के लिए किया गया। इसमें आधा और एक किलो की चने की दाल एक्सपायर होने के बाद वितरित की गई है।
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जो दाल दी गई है उसके पैकेट पर फरवरी 2021 में उत्पादन तिथि लिखी है। दाल के पैकेटों में सिर्फ चार महीने की समय सीमा में उपयोग करने को लिखा गया है। पैकेट प्रिंट अवधि पर गौर किया जाय तो जून माह तक इसका उपयोग हो जाना चाहिए था। अगस्त माह में वितरण किया गया। उपभोग की अवधि समाप्त होने के एक माह बाद वितरण किया जा रहा है। ग्रामीणों ने जिला कार्यक्रम अधिकारी से प्रकरण की जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

एक्सपायर्ड दाल के वितरण की होगी जांच
भदैंया के बाल विकास पुष्टाहार अधिकारी नीरज सिंह का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर समूहों की ओर से दूध, दाल व अन्य पौष्टिक सामग्री वितरण के लिए पहुंचाई जाती है। इसके बाद केंद्रों पर लाभान्वित परिवार को सामग्री वितरित की जाती है। यदि एक्सपायरी दाल दी गई है तो प्रकरण की जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी।
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