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पितरों के मोक्ष के लिए गया धाम रवाना
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर
Updated Wed, 30 Sep 2015 10:22 PM IST
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परतोष (अमेठी)। चैत्र व क्वार माह के पितृ पक्ष में पितरों के तर्पण और मोक्ष के लिए गृहस्थ गया और जगन्नाथपुरी जाकर पिंडदान करते है। इसी परंपरा के तहत क्वार मास कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को काफी संख्या में गृहस्थ पिंडदान के लिए गया और जगन्नाथपुरी यात्रा के लिए रवाना हुए।
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यात्रा पर रवाना होने से पूर्व परिवारीजनों व ग्रामीणों ने गाजे-बाजे के साथ उन्हें विदा किया। गगहुआ गांव निवासी पं. स्वामी नारायण मिश्र शास्त्री ने बताया कि पितृ की आत्मशांति व स्वर्ग प्राप्ति के लिए मुख्यत: लोग आश्विन माह के कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से ही यह प्रक्रिया प्रारंभ करते है और पितृ विसर्जन तक पिंडदान होता है। पिंडदान देकर पूर्वजों की मुक्ति की प्रार्थना की जाती है। बुधवार को क्षेत्र के गांव टिकरी, हारीपुर, परतोष, शहरी, गुंगवाछ से सैकड़ों लोग यात्रा के लिए बस से रवाना हुए।
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