{"_id":"5703ec084f1c1b4333c8111f","slug":"now-tainted-inspector-will-loose-pradhan-post","type":"story","status":"publish","title_hn":"दागी दरोगा की प्रधानी पर भी खतरा मंडराया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दागी दरोगा की प्रधानी पर भी खतरा मंडराया
Amarujala Bureau
Updated Tue, 05 Apr 2016 10:19 PM IST
विज्ञापन
सुल्तानपुर। जिस प्रमोशन की लालच में दरोगा देवेंद्र पांडेय एनकाउंटर टीम में शामिल हुआ था उसका तात्कालिक लाभ भले ही उसे मिल गया लेकिन अगले प्रमोशन के लिए वह रिटायरमेंट तक तरसता रहा। उसके बैच के अधिकतर दरोगा रिटायरमेंट तक डिप्टी एसपी बन गए लेकिन उसे ये खुशी नसीब नहीं हुई।
विज्ञापन
सीबीआई की जांच में यह बात सामने आई थी कि एनकाउंटर टीम में शामिल अधिकतर लोगों को प्रमोशन का लालच था। एनकाउंटर के बाद जिले के बेलासदा गांव निवासी दरोगा का एसएसआई पद पर प्रमोशन हो गया। बाद में सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की जिसमें वह भी अभियुक्त बनाया गया। बस यहीं से उसकी नौकरी पर दाग लग गया।
विज्ञापन
केस की वजह से उसके अगले प्रमोशन पर ब्रेक लग गया। दरोगा के पुत्र धर्मेंद्र पांडेय ने बताया कि केस की वजह से पिताजी डिप्टी एसपी नहीं बन पाए। हालांकि उन्हें डिप्टी एसपी के बराबर सैलरी मिलती थी।
विज्ञापन
डीपीआरओ अरविंद कुमार ने बताया कि इस पर नियम कानूनों का परीक्षण, विधि विशेषज्ञों से सलाह एवं उच्चाधिकारियों से राय लेने के बाद कुछ कदम उठाया जाएगा। कोर्ट से सजा मिलने के बाद प्रधान पद पर खतरा बरकरार है। जिला मजिस्ट्रेट एस राजलिंगम ने बताया कि प्रधान यदि अपना दायित्व निर्वहन करने में अक्षम पाया जाता है तभी पंचायत एक्ट के नियमों के तहत कार्रवाई होगी। अभी फिलहाल अपील का रास्ता है।