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स्मृति ईरानी के हाथों ई-रिक्शा लेकर फंसे अमेठी के गरीब
Amarujala Bureau
Updated Wed, 20 Jul 2016 10:35 PM IST
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कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के हाथों छूट पर ई-रिक्शा खरीद कर अमेठी के दो दर्जन गरीब फंस गए हैं। छूट देने के बजाय ई-रिक्शा वितरित करने वाली कंपनी ने लाभार्थियों से साप्ताहिक पूरी किस्त वसूलना शुरू कर दिया है। साप्ताहिक पूरी किस्त नहीं देने वाले कुछ लोगों के रिक्शे को कंपनी ने जमा करा लिया है।
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अभी तक छूट नहीं मिलने एवं पूरा दाम किस्त में वसूले जाने के विरोध में बुधवार को करीब दर्जन भर ई-रिक्शा के लाभार्थियों ने मंत्री व कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन किया एवं एसडीएम को ज्ञापन दिया। लाभार्थियों ने मंत्री एवं कंपनी पर छूट के नाम पर ठगने का आरोप लगाया है।
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तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने बीती 26 मई को अपने एक दिवसीय अमेठी दौरे में अमेठी के आवास विकास कॉलोनी में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 25 गरीबों को ई-रिक्शा वितरित किया था। लाभार्थियों के मुताबिक उनसे उस समय 1750 रुपये जमा कराया गया था। उस समय मंत्री ने रिक्शे का दाम मय ब्याज व रजिस्ट्रेशन एक लाख 51 हजार बताया था।
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स्वरोजगार के नाम पर केंद्रीय मंत्री के हाथों छूट पर ई-रिक्शा पाने वाले लोगों की खुुशी कुछ ही दिनों में तब काफूर हो गई, जब भारतीय माइक्रो कंपनी उनसे 1400 रुपये साप्ताहिक किस्त वसूलने लगी। छूट वाले ई-रिक्शा को पूरा दाम वसूलने पर लाभार्थी भड़क गए। करीब दर्जन भर लाभार्थी बुधवार को तहसील पहुंच गए। रिक्शा समेत तहसील आए लाभार्थी राजबहादुर, विनोद कुमार, प्रदीप गुप्त, रामअचल, विजय सोनी, राम औतार, बृजलाल, सूरज कुमार, पंकज ने प्रदर्शन किया। रिक्शा उपलब्ध कराने वाली भारतीय माइक्रो क्रेडिट कंपनी और मंत्री पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया।
एसडीएम अशोक कुमार कनौजिया को दिए ज्ञापन में कहा है कि रिक्शा सौंपते समय स्मृति ईरानी ने कहा था कि 1750 जमा कर रिक्शा ले जाइये। छूट आ जाएगी और रिक्शे की कीमत मय रजिस्ट्रेशन व ब्याज सहित एक लाख 51 हजार रुपये ही देनी होगी। आरोप है कि अब संबंधित कंपनी की ओर से 1400 रुपये साप्ताहिक किस्त की दर से दो लाख एक हजार रुपये भरने को कह रहे हैं। लाभार्थियों का कहना है कि मार्केट में नए रिक्शे की कीमत 80 हजार रुपये है।