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पूर्व विधायक सोनू सिंह व जिला पंचायत अध्यक्ष के बीच सुलह की कोशिश हुई फेल
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सुल्तानपुर। धनपतगंज ब्लॉक मुख्यालय पर हुए बवाल से जुड़े मामले में बृहस्पतिवार को इसौली के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू व उनके भाई ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू और दूसरे पक्ष से जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह व उनके पति ब्लॉक प्रमुख शिवकुमार सिंह की ओर से संयुक्त रूप से सुलहनामा दाखिल करके मुकदमे का निस्तारण करने की कोशिश फेल हो गई। स्पेशल जज एमपी-एमएलए पीके जयंत ने सुलहनामा के आधार पर मुकदमे का फैसला करने से इन्कार कर दिया। कोर्ट ने दोनों पक्षों को बहस करने का आदेश देते हुए अगली सुनवाई के लिए 28 जून की तिथि नियत की है। मामला कूरेभार (अब धनपतगंज थाना) से जुड़ा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह उनके पति शिवकुमार सिंह वर्ष 2016 में धनपतगंज ब्लॉक मुख्यालय पर अपने समर्थक का ब्लॉक प्रमुख के लिए पर्चा दाखिल कराने गए थे। वहां पर उनका इसौली के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू, उनके भाई यशभद्र सिंह मोनू एवं उनके समर्थकों से विवाद हो गया था। दोनों पक्षों से एक दूसरे के खिलाफ हमला करने, मारपीट करने का आरोप लगाया था। एक पक्ष से जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह ने और दूसरे पक्ष से यशभद्र सिंह मोनू ने कूरेभार थाने में केस दर्ज कराया। मामले में दोनों पक्षों की ओर से कोर्ट में गवाही भी हो चुकी है। बृहस्पतिवार को दोनों पक्ष की ओर से संयुक्त रूप से सुलहनामा कोर्ट में दाखिल किया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह व शिवकुमार सिंह के अधिवक्ता अरविंद सिंह राजा और पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू के अधिवक्ता रुद्र प्रताप सिंह ने कोर्ट से मामले का निस्तारण सुलहनामा के आधार पर करने की मांग की। अभियोजन पक्ष की ओर से इसका शासकीय अधिवक्ता कालिका प्रसाद मिश्र व वैभव पांडेय ने विरोध किया। कहा कि मामला शमनीय नहीं होने के कारण सुलहनामा के आधार पर फैसला नहीं हो सकता है। स्पेशल जज एमपी-एमएलए पीके जयंत ने सुलहनामा के आधार पर मुकदमे का फैसला करने से इन्कार कर दिया। कोर्ट ने दोनों पक्षों को बहस करने का आदेश देते हुए अगली सुनवाई के लिए 28 जून की तिथि नियत कर दी है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह उनके पति शिवकुमार सिंह वर्ष 2016 में धनपतगंज ब्लॉक मुख्यालय पर अपने समर्थक का ब्लॉक प्रमुख के लिए पर्चा दाखिल कराने गए थे। वहां पर उनका इसौली के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू, उनके भाई यशभद्र सिंह मोनू एवं उनके समर्थकों से विवाद हो गया था। दोनों पक्षों से एक दूसरे के खिलाफ हमला करने, मारपीट करने का आरोप लगाया था। एक पक्ष से जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह ने और दूसरे पक्ष से यशभद्र सिंह मोनू ने कूरेभार थाने में केस दर्ज कराया। मामले में दोनों पक्षों की ओर से कोर्ट में गवाही भी हो चुकी है। बृहस्पतिवार को दोनों पक्ष की ओर से संयुक्त रूप से सुलहनामा कोर्ट में दाखिल किया गया।
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जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह व शिवकुमार सिंह के अधिवक्ता अरविंद सिंह राजा और पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू के अधिवक्ता रुद्र प्रताप सिंह ने कोर्ट से मामले का निस्तारण सुलहनामा के आधार पर करने की मांग की। अभियोजन पक्ष की ओर से इसका शासकीय अधिवक्ता कालिका प्रसाद मिश्र व वैभव पांडेय ने विरोध किया। कहा कि मामला शमनीय नहीं होने के कारण सुलहनामा के आधार पर फैसला नहीं हो सकता है। स्पेशल जज एमपी-एमएलए पीके जयंत ने सुलहनामा के आधार पर मुकदमे का फैसला करने से इन्कार कर दिया। कोर्ट ने दोनों पक्षों को बहस करने का आदेश देते हुए अगली सुनवाई के लिए 28 जून की तिथि नियत कर दी है।
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