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2.42 लाख बच्चों में 3,388 मिले कुपोषित
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सुल्तानपुर। आंगनबाड़ी केंद्रों के 2.42 लाख बच्चों के कराए गए सर्वे में 3,388 बच्चे कुपोषित पाए गए हैं। इसमें 955 बच्चे अतिकुपोषित की श्रेणी में मिले हैं। मार्च में कराए गए सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद बाल विकास विभाग इन बच्चों को स्वस्थ बनाने की कोशिश में जुटा है। इसमें कुछ बच्चों को एनआरसी में भी भर्ती कराया गया था।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से कुपोषण की समस्या दूर करने के लिए बच्चों का एक अंतराल पर सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों की लंबाई, ऊंचाई व वजन लिया जाता है। इसके लिए बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ स्वास्थ्य विभाग की आशा बहुओं को भी लगाया गया है। मार्च माह में आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों का सर्वे कराया गया था। बाल विकास विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक सर्वे में छह वर्ष तक के 2,55,445 बच्चे पंजीकृत पाए गए थे। इसमें 2,42,693 बच्चों की वजन, लंबाई व ऊंचाई की तौल व माप आंगनबाड़ी केंद्रों पर की गई थी। प्रत्येक केंद्रों पर किए गए सर्वे में 2,39,305 बच्चे सामान्य की श्रेणी में पाए गए थे। साथ ही 955 बच्चे अतिकुपोषित व 2433 बच्चे कुपोषित पाए गए हैं।
रिपोर्ट आने के बाद बाल विकास विभाग की ओर से अतिकुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण कराते हुए कुछ बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराया गया था। इसके साथ ही विभाग की ओर से ऐसे परिवार के अभिभावकों को बच्चों के खानपान के लिए जागरूक करते हुए अतिरिक्त पुष्टाहार देकर बच्चों को स्वस्थ बनाने की कोशिश की जा रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी विकास चंद्र ने बताया कि कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिए विभाग की ओर से सर्वे कराया जाता है। सर्वे में कुपोषित व अतिकुपोषित पाए जाने वाले बच्चों की देखभाल करके उन्हें स्वस्थ बनाया जा रहा है। इसमें विभाग के साथ ऐसे बच्चों के अभिभावकों को जागरूक करके उनका सहयोग लिया जाता है।
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5146 बच्चे गंभीर अल्पवजन के शिकार
सर्वे में आयु के हिसाब से भी बच्चों का वजन लिया गया था। आयु के हिसाब से लिए गए वजन में 11,863 बच्चे अल्प वजन की श्रेणी में पाए गए हैं। सर्वे में 5146 बच्चे गंभीर अल्प वजन की श्रेणी में मिले हैं। उम्र के हिसाब से गंभीर अल्पवजन वाले बच्चों को चिह्नित कर लिया गया है।
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बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से कुपोषण की समस्या दूर करने के लिए बच्चों का एक अंतराल पर सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों की लंबाई, ऊंचाई व वजन लिया जाता है। इसके लिए बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ स्वास्थ्य विभाग की आशा बहुओं को भी लगाया गया है। मार्च माह में आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों का सर्वे कराया गया था। बाल विकास विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक सर्वे में छह वर्ष तक के 2,55,445 बच्चे पंजीकृत पाए गए थे। इसमें 2,42,693 बच्चों की वजन, लंबाई व ऊंचाई की तौल व माप आंगनबाड़ी केंद्रों पर की गई थी। प्रत्येक केंद्रों पर किए गए सर्वे में 2,39,305 बच्चे सामान्य की श्रेणी में पाए गए थे। साथ ही 955 बच्चे अतिकुपोषित व 2433 बच्चे कुपोषित पाए गए हैं।
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रिपोर्ट आने के बाद बाल विकास विभाग की ओर से अतिकुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण कराते हुए कुछ बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराया गया था। इसके साथ ही विभाग की ओर से ऐसे परिवार के अभिभावकों को बच्चों के खानपान के लिए जागरूक करते हुए अतिरिक्त पुष्टाहार देकर बच्चों को स्वस्थ बनाने की कोशिश की जा रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी विकास चंद्र ने बताया कि कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिए विभाग की ओर से सर्वे कराया जाता है। सर्वे में कुपोषित व अतिकुपोषित पाए जाने वाले बच्चों की देखभाल करके उन्हें स्वस्थ बनाया जा रहा है। इसमें विभाग के साथ ऐसे बच्चों के अभिभावकों को जागरूक करके उनका सहयोग लिया जाता है।
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5146 बच्चे गंभीर अल्पवजन के शिकार
सर्वे में आयु के हिसाब से भी बच्चों का वजन लिया गया था। आयु के हिसाब से लिए गए वजन में 11,863 बच्चे अल्प वजन की श्रेणी में पाए गए हैं। सर्वे में 5146 बच्चे गंभीर अल्प वजन की श्रेणी में मिले हैं। उम्र के हिसाब से गंभीर अल्पवजन वाले बच्चों को चिह्नित कर लिया गया है।