{"_id":"5da0bc1d8ebc3e01830a239d","slug":"carelessness-sultanpur-news-lko4863189165","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्यूमर के ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक ने पेट में छोड दिया था कॉटन बैंडेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्यूमर के ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक ने पेट में छोड दिया था कॉटन बैंडेज
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सुल्तानपुर। जिले में दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। पेट दर्द होने पर प्राइवेट हॉस्पिटल पहुंची एक महिला की मौत चिकित्सक की घोर लापरवाही से हो गई। ट्यूमर के ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक ने पेट में कॉटन बैंडेज छोड़ दिया।
इंफेक्शन से महिला की मौत हो गई। कोतवाली नगर पुलिस ने महिला के पति की तहरीर पर चिकित्सक के खिलाफ केस दर्ज किया है। प्रतापगढ़ जिले के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के भवसरनपुर गांव निवासी कृपा शंकर मिश्र की पत्नी शीला के पेट में दर्द था।
12 अगस्त 2018 को उसे लेकर कृपाशंकर सुल्तानपुर जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित आभा हॉस्पिटल पहुंचे थे। चिकित्सक डॉ. आलोक कुमार सिंह ने जांच के बाद बताया कि पेट में ट्यूमर है, ऑपरेशन करना होगा। 70 हजार रुपये लगेंगे।
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13 अगस्त को डॉ. आलोक ने ऑपरेशन कर ट्यूमर निकाल दिया, 21 अगस्त को डिस्चार्ज कर दिया। इसके बाद भी शीला की हालत ठीक नहीं हुई। इस पर कृपाशंकर उसे लेकर तीन दिसंबर को लखनऊ के डॉ. अजय चौधरी के पास पहुंचे।
डॉ. अजय ने अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे कराने के बाद बताया कि चिकित्सक ने पेट में धागा छोड़ दिया है। डॉ. अजय को कृपाशंकर ने पूरी बात बताई। डॉ. अजय ने फोन करके डॉ. आलोक को फटकार लगाई।
इस पर डॉ. आलोक ने माफी मांगते हुए शीला को दोबारा अपने हॉस्पिटल में 10 दिसंबर 2018 को बुलाकर ऑपरेशन किया। इसके बाद भी शीला को आराम नहीं हुआ। इस पर कृपाशंकर शीला को लेकर छह मार्च 2019 को मुंबई के एलटीएमजी सायन हॉस्पिटल पहुंचे।
जांच के दौरान वहां के चिकित्सक ने बताया कि पेट में कॉटन बैंडेज मिला है। इसी वजह से आंत में इंफेक्शन हो गया है और उसका बच पाना संभव नहीं है। इस दौरान 27 मार्च 2019 को शीला की मौत हो गई। पत्नी की मौत के बाद कृपाशंकर ने सायन नगर कोतवाली मुंबई में जीरो प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
चूंकि घटनास्थल सुल्तानपुर होने के कारण नगर कोतवाली पुलिस ने गुरुवार को आभा हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ. आलोक कुमार सिंह व अन्य स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज किया है। नगर कोतवाल केबी सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की तफ्तीश की जा रही है।
इस संबंध में चिकित्सक डॉ. आलोक कुमार सिंह ने आरोपों को निराधार बताया। बताया कि ऑपरेशन के बाद महिला की हालत सामान्य थी। परिवारीजन बदनाम करने व पैसे के लिए दबाव बना रहे हैं। एक बार इससे पहले भी पुलिस में शिकायत की गई थी।
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इंफेक्शन से महिला की मौत हो गई। कोतवाली नगर पुलिस ने महिला के पति की तहरीर पर चिकित्सक के खिलाफ केस दर्ज किया है। प्रतापगढ़ जिले के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के भवसरनपुर गांव निवासी कृपा शंकर मिश्र की पत्नी शीला के पेट में दर्द था।
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12 अगस्त 2018 को उसे लेकर कृपाशंकर सुल्तानपुर जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित आभा हॉस्पिटल पहुंचे थे। चिकित्सक डॉ. आलोक कुमार सिंह ने जांच के बाद बताया कि पेट में ट्यूमर है, ऑपरेशन करना होगा। 70 हजार रुपये लगेंगे।
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13 अगस्त को डॉ. आलोक ने ऑपरेशन कर ट्यूमर निकाल दिया, 21 अगस्त को डिस्चार्ज कर दिया। इसके बाद भी शीला की हालत ठीक नहीं हुई। इस पर कृपाशंकर उसे लेकर तीन दिसंबर को लखनऊ के डॉ. अजय चौधरी के पास पहुंचे।
डॉ. अजय ने अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे कराने के बाद बताया कि चिकित्सक ने पेट में धागा छोड़ दिया है। डॉ. अजय को कृपाशंकर ने पूरी बात बताई। डॉ. अजय ने फोन करके डॉ. आलोक को फटकार लगाई।
इस पर डॉ. आलोक ने माफी मांगते हुए शीला को दोबारा अपने हॉस्पिटल में 10 दिसंबर 2018 को बुलाकर ऑपरेशन किया। इसके बाद भी शीला को आराम नहीं हुआ। इस पर कृपाशंकर शीला को लेकर छह मार्च 2019 को मुंबई के एलटीएमजी सायन हॉस्पिटल पहुंचे।
जांच के दौरान वहां के चिकित्सक ने बताया कि पेट में कॉटन बैंडेज मिला है। इसी वजह से आंत में इंफेक्शन हो गया है और उसका बच पाना संभव नहीं है। इस दौरान 27 मार्च 2019 को शीला की मौत हो गई। पत्नी की मौत के बाद कृपाशंकर ने सायन नगर कोतवाली मुंबई में जीरो प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
चूंकि घटनास्थल सुल्तानपुर होने के कारण नगर कोतवाली पुलिस ने गुरुवार को आभा हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ. आलोक कुमार सिंह व अन्य स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज किया है। नगर कोतवाल केबी सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की तफ्तीश की जा रही है।
इस संबंध में चिकित्सक डॉ. आलोक कुमार सिंह ने आरोपों को निराधार बताया। बताया कि ऑपरेशन के बाद महिला की हालत सामान्य थी। परिवारीजन बदनाम करने व पैसे के लिए दबाव बना रहे हैं। एक बार इससे पहले भी पुलिस में शिकायत की गई थी।