Sultanpur Nagar Nikay: चौथी बार बनाई शहर की सरकार, भाजपा का दबदबा बरकरार
सुल्तानपुर नगर पालिका व नगर पंचायत कादीपुर में भाजपा, कोइरीपुर में बसपा, दोस्तपुर में सपा तो लंभुआ में निर्दलीय की जीत हुई है। भाजपा की आंधी में सपा, बसपा, कांग्रेस व आप के तंबू उखड़ गए।
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विस्तार
अमहट स्थित मंडी परिषद में सुबह करीब आठ बजे मतगणना शुरू हुई। भाजपा प्रत्याशी प्रवीन कुमार अग्रवाल शुरुआत से ही बढ़त बनाने लगे। पहले चक्र के बाद राउंड वार नतीजे आते रहे और मतों का अंतर लगातार बढ़ता रहा। दोपहर बाद मतों का अंतर करीब छह हजार तक पहुंच गया। इससे भाजपा प्रत्याशी की जीत करीब दो बजे से ही पक्की मानी जाने लगी।
भाजपा प्रत्याशी के ऐतिहासिक जीत की ओर से लगातार बढ़ने से अन्य प्रत्याशी धीरे-धीरे खिसकने लगे। नतीजे की घोषणा के पहले ही तकरीबन सभी प्रत्याशी लौट गए। चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की आंधी में कोई भी प्रत्याशी टिक नहीं सका। कांग्रेस प्रत्याशी वरुण मिश्र कुछ संघर्ष करते दिखाई दिए लेकिन सपा प्रत्याशी सैयद रहमान मानू, बसपा प्रत्याशी श्वेतांग सिंह व आम आदमी पार्टी प्रत्याशी डॉ. संदीप शुक्ल कभी लड़ाई में ही नहीं दिखे।
सपा प्रत्याशी सैयद रहमान मानू लगातार दूसरे स्थान पर आने के लिए संघर्ष करते रहे लेकिन वे किसी भी राउंड में दूसरे स्थान पर नहीं पहुंच सके। नौ राउंड की गणना पूरी होने के बाद आरओ विदुषी सिंह ने नतीजे की घोषणा कर दी। भाजपा प्रत्याशी प्रवीन अग्रवाल ने 27,414 मत हासिल कर ऐतिहासिक वोटों से जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी वरुण मिश्र को 19,019 मतों से शिकस्त दी है।
कांग्रेस के वरुण मिश्र को 8,542 व सपा के सैयद रहमान मानू को 8,227 मत हासिल हुए। एआईएमआईएम के प्रत्याशी मोहर्रम अली मद्दन को 2,600, बसपा प्रत्याशी श्वेतांग सिंह को 1583 व आम आदमी पार्टी प्रत्याशी डॉ. संदीप शुक्ल को 1827 मत मिले। माकपा के शशांक पांडेय को 338, निर्दल बसंतलाल को 110, संजय कुमार गुप्ता को 197 व संजय जायसवाल को 76 वोट मिले।
कोइरीपुर में कमल पर भारी पड़ा हाथी
कोइरीपुर नगर पंचायत में अध्यक्ष पद को लेकर हुई दिलचस्प लड़ाई में हाथी की सवारी कमल पर भारी पड़ी। यहां बसपा प्रत्याशी रुबीना खातून ने 2,152 मत प्राप्त कर भाजपा की सीमा साहू को 68 मतों से हराया। मतगणना के दौरान भाजपा प्रत्याशी ने गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए मतों की पुनर्गणना भी कराई, लेकिन यह दांव भी भाजपा को हार से नहीं बचा पाया। उल्टा पुनर्गणना के बाद विजयी बसपा प्रत्याशी का एक वोट जरूर बढ़ गया। दूसरे स्थान पर रही भाजपा प्रत्याशी को 2,084 व तीसरे स्थान पर रही कांग्रेस प्रत्याशी नसरीन अतहर को 472 मत मिले।
कोइरीपुर नगर पंचायत के अध्यक्ष व सदस्य पद की मतगणना सुबह आठ बजे से लंभुआ तहसील परिसर में बने मतगणना केंद्र पर शुरू हुई। यहां अध्यक्ष पद का नतीजा दोपहर बाद घोषित हुआ। चुनाव मैदान में मौजूद नौ प्रत्याशियों में से बसपा प्रत्याशी रुबीना खातून ने सर्वाधिक 2,152 मत हासिल करके जीत दर्ज कराई। मतगणना के दौरान गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए भाजपा प्रत्याशी ने आरओ से मतों की पुनर्गणना की मांग की। पुन: हुई मतों की गणना में भाजपा प्रत्याशी का एक वोट कम हो कर जीत हासिल करने वाली बसपा प्रत्याशी के खाते में चला गया। इस दौरान दोनों ही पक्षों के समर्थक व एजेंटों के बीच हुई नोकझोंक से माहौल कुछ समय तक गराया रहा। उप जिलाधिकारी बल्दीराय महेंद्र श्रीवास्तव ने विजयी प्रत्याशी को जीत का प्रमाणपत्र सौंपा।
तीसरी बार चेयरमैन बनकर प्रवीन ने रचा इतिहास
नगर पालिका के अध्यक्ष पद पर लगातार चौथी बार ऐतिहासिक जीत हासिल कर भाजपा ने शहर में अपना दबदबा कायम बनाए रखा है। पार्टी की तरफ से प्रवीन अग्रवाल ने तीसरी बार चेयरमैन की कुर्सी पर कब्जा कर नया इतिहास भी रचा।
दो दशक पूर्व वर्ष 2000 में हुए चुनाव के दौरान यहां सपा जीती थी। इसके बाद वर्ष 2006 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के बतौर प्रवीन अग्रवाल ने पहली बार जीत हासिल की। वर्ष 2012 में हुए चुनाव में पार्टी ने एक बार फिर प्रवीन अग्रवाल पर भरोसा जता कर मैदान में उतारा। उन्होंने भी लगातार दूसरी बार अध्यक्ष पद पर जीत हासिल कर पार्टी के विश्वास को कायम रखा।
वर्ष 2017 में पार्टी ने प्रवीन अग्रवाल का टिकट काटकर बबिता जायसवाल को मैदान में उतारा। बबिता ने भी जीत हासिल कर अध्यक्ष पद की कुर्सी पर भाजपा का कब्जा कायम बनाए रखा। वर्ष 2017 में पार्टी से प्रत्याशी नहीं बनाए जाने से प्रवीन अग्रवाल जीत की हैट्रिक लगाने से दूर रह गए। इस बार पार्टी ने उन पर फिर भरोसा जताते हुए चुनाव मैदान में उतारा तो प्रवीन अग्रवाल ने रिकॉर्ड मतों से तीसरी बार अध्यक्ष पद पर काबिज होकर इतिहास रच दिया।
नगर पालिका चेयरमैन पद पर पार्टी प्रत्याशी प्रवीन अग्रवाल के रिकॉर्ड मतों की जीत पर भाजपा में जश्न का माहौल रहा। मतगणना केंद्र से जीत का प्रमाण पत्र लेकर बाहर आते ही भाजपाइयों में नवनिर्वाचित अध्यक्ष के साथ सेल्फी लेने की होड़ मच गई। इस दौरान पार्टी कार्यालय व पार्टी प्रत्याशी के घर पर मिठाई खिलाने के दौर के साथ जश्न का माहौल रहा।
निर्दलीय अवनीश सिंह बने लंभुआ के नगर पंचायत अध्यक्ष
नवगठित लंभुआ नगर पंचायत में पहली बार हुए आमचुनाव में चेयरमैन की सीट पर निर्दलीय ने जीत दर्ज की है। चुनाव में सत्तासीन भाजपा तीसरे स्थान पर खिसक गई है। शुरुआती दौर से ही अवनीश पहले स्थान पर काबिज रहे।
तहसील परिसर में सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होते ही रुझान आने लगे। शुरुआती रुझानों में ही निर्दलीयों का दबदबा बना रहा। पहले स्थान पर निर्दलीय अवनीश तो दूसरे स्थान पर कुसुम सिंह बनी रहीं। दोपहर तक इन्हीं दोनों प्रत्याशियों के बीच संघर्ष होता रहा।
भाजपा प्रत्याशी विजय त्रिपाठी व निर्दलीय प्रत्याशी कुसुम सिंह के बीच तीसरे स्थान को लेकर टक्कर चलती रही। शाम को भाजपा प्रत्याशी तीसरे स्थान पर पहुंच गए और निर्दल कुसुम सिंह खिसक कर चौथे स्थान पहुंच गईं। निर्दलीय प्रत्याशी अवनीश सिंह व सपा प्रत्याशी अतेंद्र जायसवाल के बीच शाम तक मुकाबला चला लेकिन निर्दल प्रत्याशी अपने स्थान पर काबिज रहे।
शाम को घोषित नतीजे में निर्दल प्रत्याशी अवनीश सिंह अंगद 1183 मतों से जीत दर्ज करते हुए नवगठित नगर पंचायत लंभुआ के पहले अध्यक्ष बन गए। उन्हें 3310 व उनके निकटतम प्रत्याशी सपा के अतेंद्र जायसवाल को 2127 वोट मिले। भाजपा प्रत्याशी विजय त्रिपाठी 1,881 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे। निर्दल प्रत्याशी कुसुम सिंह को 1,711, बसपा की रोहिणी पटेल को 1,329 मत मिले।
कांग्रेस के अनिल अग्रवाल को 67, आम आदमी पार्टी के अमित को 28 मतों से संतोष करना पड़ा। निर्दल जगत नारायण को 46, जयशंकर को 376, बाबूलाल को 175, माताप्रसाद को 164, श्यामसुंदर को 21, सत्येंद्र को 595 व सत्यप्रकाश को 78 मत मिले। 48 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया। 278 मत अवैध पाए गए। नतीजे की घोषणा के बाद विजयी प्रत्याशी अवनीश सिंह अंगद को तहसीलदार अरविंद कुमार मिश्र ने प्रमाण पत्र दिया।
नगर पालिका व कादीपुर अध्यक्ष पद पर भाजपा ने लहराया परचम
भाजपा ने नगर पालिका व कादीपुर में अध्यक्ष पद पर परचम लहराया है। एक सीट पर सपा तो एक सीट पर बसपा ने कब्जा कर पार्टी की लाज बचाई है। नवगठित लंभुआ नगर पंचायत में पहली बार हुए चुनाव में निर्दल प्रत्याशी ने सीट झटक ली है। कांग्रेस का सूपड़ा फिर साफ हो गया है। कोइरीपुर में मतों के विवाद में प्रशासन को दोबारा काउंटिंग करानी पड़ी। देर रात पांचों निकायों का नतीजा घोषित होने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
नगर पालिका की मतगणना अमहट स्थित मंडी परिषद, कादीपुर में दोस्तपुर व कादीपुर और लंभुुुआ में कोइरीपुर व लंभुआ नगर पंचायत की मतगणना हुई। तीनों जगहों पर सुबह आठ बजे से शुरू हुई दो चक्र की गणना के बाद रुझान आने शुरू हो गए।
लंभुआ नगर पंचायत में गणना के दौरान विवाद की वजह से भाजपा के चेयरमैन प्रत्याशी की मांग पर तीन टेबलों के मतों की दोबारा गणना करानी पड़ी। नगर पालिका में कुछ सभासदों व कादीपुर में वार्ड संख्या आठ प्रत्याशियों के बीच विवाद में सभासदों के मतों की रिकाउंटिंग करानी पड़ी।
दोपहर होते-होते नगर पालिका व नगर पंचायतों के सभासद पद के नतीजे आने शुरू हो गए। शाम तक तकरीबन पांचों निकायों के 70 सभासदों के नतीजे एक-एक करके घोषित कर दिए गए। करीब पांच बजे से नगर निकाय के चेयरमैन पद के नतीजे भी आने शुरू हो गए।
सबसे पहले कादीपुर नगर पंचायत के चेयरमैन की घोषणा हुई। कादीपुर में भाजपा प्रत्याशी आनंद जायसवाल ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी निर्दल प्रभुराज सिंह को 72 मतों से शिकस्त दी। भाजपा प्रत्याशी आनंद जायसवाल को 2198 व प्रभुराज को 2126 वोट मिले।
कोइरीपुर नगर पंचायत में बसपा की चेयरमैन प्रत्याशी रुबीना खातून ने कांटे की टक्कर में भाजपा प्रत्याशी सीमा साहू को 68 मतों से हराया है। रुबीना खातून को 2152 व सीमा साहू को 2084 मत मिले। दोस्तपुर नगर पंचायत के आए नतीजे में सपा उम्मीदवार शकुंतला देवी ने 941 वोटों से भाजपा प्रत्याशी सोनी गौतम को पराजित किया है। शकुंतला को 2683 व सोनी गौतम को 1742 वोट हासिल हुए।
नवगठित लंभुआ नगर पंचायत के देर शाम घोषित नतीजे में निर्दल अवनीश सिंह अंगद ने अपने करीबी प्रत्याशी सपा के अतेंद्र जायसवाल को 1183 वोटो के अंतर से हराया है। निर्दल प्रत्याशी अवनीश सिंह को 3310 व सपा के अतेंद्र जायसवाल को 2127 मत मिले।
सबसे आखिर में घोषित नगर पालिका के परिणाम में भाजपा प्रत्याशी प्रवीन अग्रवाल ने कांग्रेस प्रत्याशी वरुण मिश्र को 19,019 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से शिकस्त दी है। भाजपा प्रत्याशी प्रवीन अग्रवाल को 27,414 व कांग्रेस के वरुण मिश्र को 8,542 मत प्राप्त हुए। नतीजों की घोषणा के बाद विजयी प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र वितरित कर दिए गए।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में सुबह से शुरू मतगणना का अधिकारियों ने जायजा लिया। जिलाधिकारी जसजीत कौर व एसपी सोमेन बर्मा ने शहर के मंडी परिषद, कादीपुर व लंभुआ तहसील में गणना का निरीक्षण किया। कमिश्नर गौरव दयाल, डीआईजी प्रवीण कुमार, डीएम जसजीत कौर, प्रेक्षक राजाराम व सीडीओ अंकुर कौशिक ने भी गणना केंद्र का जायजा लिया।
दो दशक बाद भी खत्म नहीं हुआ सपा का वनवास
नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव में दो दशक बाद भी सपा का वनवास खत्म नहीं हुआ। शनिवार को आए नतीजों ने पार्टी के जिम्मेदारों को आत्म मंथन के लिए मजबूर कर दिया है। हार के पीछे पार्टी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और भितरघात को प्रमुख कारण बताया जा रहा है। हालांकि दोस्तपुर में सपा प्रत्याशी की जीत ने पार्टी को कुछ राहत जरूर प्रदान की।
वर्ष 2001 में नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने शहर के खैराबाद निवासी सैय्यद रहमान उर्फ मानू को मैदान में उतारा था। मुकाबले में भाजपा से शिव कुमार अग्रहरि और निर्दल राम निवास अग्रवाल थे। इस चुनाव में सपा प्रत्याशी ने पहली बार जीत हासिल की थी। वर्ष 2006 में सपा ने परवीन अयूब को पार्टी से टिकट देकर मैदान में उतारा तो पार्टी के ही एक धड़े ने खुलकर इसका विरोध किया, जिसका फायदा उठाते हुए भाजपा प्रत्याशी प्रवीण कुमार अग्रवाल ने जीत हासिल कर सपा से यह सीट छीन ली थी।
वर्ष 2012 के नगर पालिका के चुनाव में सपा ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा था। इस बार भी भाजपा के प्रवीण अग्रवाल ने अध्यक्ष पद पर कब्जा बरकरार रखा। वर्ष 2017 में सपा ने पूर्व विधायक अशोक पांडेय की पत्नी निर्मला पांडेय को मैदान में उतारा तो भाजपा ने भी प्रवीण अग्रवाल का टिकट काटकर पहली बार बबिता जायसवाल पर दांव लगा कर सीट को अपने कब्जे में बनाए रखा। इस बार नपा अध्यक्ष पद के चुनाव में सपा ने अल्पसंख्यक पर दांव लगाते हुए पूर्व चेयरमैन रहे सैय्यद रहमान उर्फ मानू को मैदान में उतारा।
बेअसर रहा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का प्रयास
पार्टी कार्यकर्ताओं में इसे लेकर गहरी नाराजगी दिखी। इससे पार्टी के अंदर कलह तेज हो गई। सपा से जुड़े कई कद्दावर नेताओं ने विरोध में गुपचुप तरह से पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ ही माहौल बनाने का कार्य किया। हालांकि सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने चुनाव प्रचार में सपा प्रत्याशी के पक्ष में पहुंच कर माहौल बनाने का प्रयास भी किया लेकिन वह बेअसर साबित दिखा। इसी कारण सपा का वोट बैंक कहे जाने वाला अल्पसंख्यक वर्ग भी कई स्थानों पर पार्टी से छिटका नजर आया। इसके चलते ही शनिवार को घोषित चुनाव परिणाम में सपा को करारी शिकस्त मिली और वह दूसरे से तीसरे स्थान पर पहुंच गई।