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नववर्ष का आगाज: दर्शन-पूजन कर सीताकुंड धाम में करेंगे नौका विहार
Thu, 01 Jan 2026 12:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 01 Jan 2026 12:21 AM IST
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लंभुआ का बाबा जनवारी नाथ धाम। संवाद
सुल्तानपुर। नववर्ष पर पर्यटकों के स्वागत के लिए सीताकुंड धाम पूरी तरह तैयार है। बृहस्पतिवार को यहां लोग दर्शन-पूजन के साथ नौका विहार का लुत्फ भी उठाएंगे। इसके लिए दिन भर तैयारियां चलती रहीं। नाविकों को आस है कि नए साल पर भीड़ बढ़ने से व्यवसाय में इजाफा होगा।
अयोध्या से महज 60 किमी दूरी पर सीताकुंड धाम गोमती नदी के किनारे स्थित है। पौराणिक मान्यता है कि यहां भगवान राम ने वनगमन के समय माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ रुककर रात्रि विश्राम किया था। यहां सैकड़ों वर्ष पुराने देवी-देवताओं के मंदिर भी हैं। शहर के जीएन रोड मोहल्ले में रहने वाले मनोज कसौधन ने बताया कि हर बार मनाली जाकर नया साल मनाते थे, लेकिन इस बार सीताकुंड धाम पर जाकर देवी-देवताओं की पूजा के साथ नौका विहार करेंगे। परिवार के सदस्य भी नए साल का जश्न धाम परिसर में ही मनाएंगे।
बल्दीराय के शिवशंकर ने सीताकुंड धाम को पर्यटन के लिहाज से अच्छा बताया। नाव चलाने वाले राम नयन ने बताया कि इस बार ग्राहकों के लिए हम लोगों ने अच्छी तैयारी की है। उम्मीद है कि नया साल व्यवसाय के लिहाज से भी अच्छा होगा।
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बाबा जनवारीनाथ के दर्शन से करेंगे नए साल की शुरुआत
लंभुआ। नववर्ष पर लंभुआ नगर पंचायत के युवाओं की टोली ने इस बार बाबा जनवारीनाथ धाम का दर्शन करने की योजना बनाई है। इसके बाद बृहस्पतिवार को ही चार युवाओं की यह टोली माता वैष्णो धाम के लिए रवाना होगी। नववर्ष का आगाज पूरी तरह देव दर्शन को समर्पित करके युवा परिवार व समाज की खुशहाली की कामना करेंगे। रामनगर मोहल्ला निवासी सिद्धार्थ बरनवाल ने बताया कि प्रत्येक सोमवार व शनिवार को बाबा जनवारी नाथ का दर्शन जरूर करते हैं। नववर्ष के पहले दिन की शुरुआत भी यहीं से होगी। अपने साथियों के साथ हम वैष्णो देवी धाम जाएंगे।
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अयोध्या से महज 60 किमी दूरी पर सीताकुंड धाम गोमती नदी के किनारे स्थित है। पौराणिक मान्यता है कि यहां भगवान राम ने वनगमन के समय माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ रुककर रात्रि विश्राम किया था। यहां सैकड़ों वर्ष पुराने देवी-देवताओं के मंदिर भी हैं। शहर के जीएन रोड मोहल्ले में रहने वाले मनोज कसौधन ने बताया कि हर बार मनाली जाकर नया साल मनाते थे, लेकिन इस बार सीताकुंड धाम पर जाकर देवी-देवताओं की पूजा के साथ नौका विहार करेंगे। परिवार के सदस्य भी नए साल का जश्न धाम परिसर में ही मनाएंगे।
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बल्दीराय के शिवशंकर ने सीताकुंड धाम को पर्यटन के लिहाज से अच्छा बताया। नाव चलाने वाले राम नयन ने बताया कि इस बार ग्राहकों के लिए हम लोगों ने अच्छी तैयारी की है। उम्मीद है कि नया साल व्यवसाय के लिहाज से भी अच्छा होगा।
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बाबा जनवारीनाथ के दर्शन से करेंगे नए साल की शुरुआत
लंभुआ। नववर्ष पर लंभुआ नगर पंचायत के युवाओं की टोली ने इस बार बाबा जनवारीनाथ धाम का दर्शन करने की योजना बनाई है। इसके बाद बृहस्पतिवार को ही चार युवाओं की यह टोली माता वैष्णो धाम के लिए रवाना होगी। नववर्ष का आगाज पूरी तरह देव दर्शन को समर्पित करके युवा परिवार व समाज की खुशहाली की कामना करेंगे। रामनगर मोहल्ला निवासी सिद्धार्थ बरनवाल ने बताया कि प्रत्येक सोमवार व शनिवार को बाबा जनवारी नाथ का दर्शन जरूर करते हैं। नववर्ष के पहले दिन की शुरुआत भी यहीं से होगी। अपने साथियों के साथ हम वैष्णो देवी धाम जाएंगे।