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खाली हो गए अधिकतर ग्राम पंचायतों के खाते
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सुल्तानपुर। जिले की अधिकतर ग्राम पंचायतों के बैंक खाते मौजूदा समय में खाली हो गए हैं। करीब तीन माह से ग्राम पंचायतों को केंद्रीय व राज्य वित्त आयोग से धनराशि नहीं मिलने से ऐसी स्थिति उपजी है। इसका असर ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों पर पड़ने के आसार जताए जा रहे हैं।
मानसून बारिश का मौसम चल रहा है। ऐसे में बारिश से बचाव के लिए ग्राम पंचायतों पर विभिन्न कार्यों की मरम्मत व जलनिकासी की व्यवस्था संबंधी कार्य का दबाव रहता है। ग्राम प्रधानों के मुताबिक इन कार्यों को अधिकतर केंद्रीय व राज्य वित्त की धनराशि से कराया जाता है। इस बीच करीब तीन माह से ग्राम पंचायतों को केंद्रीय व राज्य वित्त आयोग की धनराशि नहीं मिल सकी है। जून माह में धनराशि मिलने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन राशि नहीं आई।
तीन माह से धनराशि नहीं मिलने से अधिकतर ग्राम पंचायतों के बैंक खाते खाली हो गए हैं। कार्य के दबाव से प्रधान व पंचायत सचिव परेशान हैं। पैसे के अभाव मेें वे कार्ययोजना में शामिल कार्य नहीं करवा पा रहे हैं। खाते में धनराशि नहीं रहने से ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ने के आसार जताए जा रहे हैं।
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जिले में 979 ग्राम पंचायतें हैं। ग्राम पंचायतों में आबादी के हिसाब से केंद्रीय व राज्य वित्त आयोग की धनराशि कई किस्तों में जारी की जाती है। चालू वित्तीय वर्ष में ग्राम पंचायतों को अभी एक किस्त की धनराशि ही मिल सकी है। ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले मरम्मत व निर्माण के अलावा प्रशासन की ओर से प्राथमिक विद्यालयों का कायाकल्प कराने का भी निर्देश दिया गया है।
कायाकल्प का कार्य भी केंद्रीय व राज्य वित्त आयोग की धनराशि से कराया जाता है। धनराशि के अभाव में विद्यालयों के कायाकल्प का भी कार्य प्रभावित रहने के आसार जताए जा रहे हैं।
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मानसून बारिश का मौसम चल रहा है। ऐसे में बारिश से बचाव के लिए ग्राम पंचायतों पर विभिन्न कार्यों की मरम्मत व जलनिकासी की व्यवस्था संबंधी कार्य का दबाव रहता है। ग्राम प्रधानों के मुताबिक इन कार्यों को अधिकतर केंद्रीय व राज्य वित्त की धनराशि से कराया जाता है। इस बीच करीब तीन माह से ग्राम पंचायतों को केंद्रीय व राज्य वित्त आयोग की धनराशि नहीं मिल सकी है। जून माह में धनराशि मिलने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन राशि नहीं आई।
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तीन माह से धनराशि नहीं मिलने से अधिकतर ग्राम पंचायतों के बैंक खाते खाली हो गए हैं। कार्य के दबाव से प्रधान व पंचायत सचिव परेशान हैं। पैसे के अभाव मेें वे कार्ययोजना में शामिल कार्य नहीं करवा पा रहे हैं। खाते में धनराशि नहीं रहने से ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ने के आसार जताए जा रहे हैं।
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जिले में 979 ग्राम पंचायतें हैं। ग्राम पंचायतों में आबादी के हिसाब से केंद्रीय व राज्य वित्त आयोग की धनराशि कई किस्तों में जारी की जाती है। चालू वित्तीय वर्ष में ग्राम पंचायतों को अभी एक किस्त की धनराशि ही मिल सकी है। ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले मरम्मत व निर्माण के अलावा प्रशासन की ओर से प्राथमिक विद्यालयों का कायाकल्प कराने का भी निर्देश दिया गया है।
कायाकल्प का कार्य भी केंद्रीय व राज्य वित्त आयोग की धनराशि से कराया जाता है। धनराशि के अभाव में विद्यालयों के कायाकल्प का भी कार्य प्रभावित रहने के आसार जताए जा रहे हैं।