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त्रिसुंडी में नहीं होगी ‘नैट्रिप’ की स्थापना
Amarujala Bureau
Updated Fri, 01 Jul 2016 10:23 PM IST
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सौ करोड़ के प्रोजेक्ट को झटका
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्र की मोदी सरकार ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी को एक और झटका दिया है। केंद्र ने तत्कालीन संप्रग सरकार के कार्यकाल में स्वीकृत नेशनल ऑटोमेटिव टेस्टिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट (नैट्रिप) की स्थापना को रेड सिग्नल दिखा दिया है। केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने 10 जून को उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर इस प्रोजेक्ट की भूमि को सरेंडर कर दिया है।
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केंद्र की यूपीए सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय ने वर्ष 2012 में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी को नेशनल ऑटोमोटिव टेस्टिंग एंड डवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट (नैट्रिप) का तोहफा दिया था। प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के बाद केंद्र सरकार ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर इसकी स्थापना के लिए जिले में करीब सवा सौ एकड़ भूमि दिलाने का अनुरोध किया था।
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केंद्र सरकार के अनुरोध पर जिला प्रशासन ने भादर ब्लॉक के गांव त्रिसुंडी स्थित औद्योगिक क्षेत्र में स्थित यूपीएसआईडीसी की 120.74 एकड़ भूमि प्रोजेक्ट की स्थापना के लिए चिह्नित की थी। भूमि का चिह्नीकरण होने के बाद पांच फरवरी 2013 को इसे नैट्रिप को आवंटित करते हुए भारी उद्योग मंत्रालय से भूमि की प्रचलित औद्योगिक प्रीमियम दर (उस समय 1300 प्रति वर्ग मीटर) के हिसाब से संपूर्ण धनराशि जमा करने को कहा गया।
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जिला प्रशासन की ओर से आवंटन पत्र मिलने के बाद भारी उद्योग मंत्रालय ने 31 दिसंबर 2013 को ही संपूर्ण धनराशि यूपीएसआईडीसी के खाते में ट्रांसफर कर दी। धन मिलने के बाद जिला प्रशासन ने नैट्रिप से भूमि की लीज डीड का निष्पादन कराने को कहा जिससे भूमि पर उन्हें कब्जा दिया जा सके। यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई थी। इसी बीच केंद्र की मौजूदा सरकार ने तत्कालीन सरकार की ओर से स्वीकृत इस प्रोजेक्ट की स्थापना को न बोलकर अमेठी में सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है।