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भाई के कातिल को उम्रकैद
Sultanpur
Updated Sun, 08 Dec 2013 05:43 AM IST
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सुल्तानपुर। संपत्ति के विवाद में सगे भाई को गोली मारकर हत्या करने के मामले में स्पेशल जज ईसी एक्ट ने शनिवार को आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व 12 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामला अमेठी जिले के बाजारशुकुल थाने के बलापुर गांव का है।
गांव निवासी मुशीर आलम का सगे छोटे भाई मंसूब अली से पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते 28 जुलाई 2010 को मंसूब अली ने मुशीर आलम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक की पत्नी रईसा बेगम की तहरीर पर अभियुक्त मंसूब अली के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने हत्याभियुक्त मंसूब अली को 30 जुलाई 2010 को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया था। पुलिस ने अभियुक्त मंसूब अली के खिलाफ हत्या व आर्म्स एक्ट के तहत चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी क्रिमिनल अतुल शुक्ल व अधिवक्ता अरविंद सिंह राजा ने घटना को साबित करने के लिए आठ गवाहों को कोर्ट में पेश किया। आवश्यक वस्तु अधिनियम (ईसी एक्ट) के विशेष अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र पांडेय ने शनिवार को अभियुक्त मंसूब अली को दोषी करार देते हुए सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।
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गांव निवासी मुशीर आलम का सगे छोटे भाई मंसूब अली से पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते 28 जुलाई 2010 को मंसूब अली ने मुशीर आलम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक की पत्नी रईसा बेगम की तहरीर पर अभियुक्त मंसूब अली के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने हत्याभियुक्त मंसूब अली को 30 जुलाई 2010 को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया था। पुलिस ने अभियुक्त मंसूब अली के खिलाफ हत्या व आर्म्स एक्ट के तहत चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी क्रिमिनल अतुल शुक्ल व अधिवक्ता अरविंद सिंह राजा ने घटना को साबित करने के लिए आठ गवाहों को कोर्ट में पेश किया। आवश्यक वस्तु अधिनियम (ईसी एक्ट) के विशेष अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र पांडेय ने शनिवार को अभियुक्त मंसूब अली को दोषी करार देते हुए सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।
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