{"_id":"5d695afc8ebc3e017d361db1","slug":"57-residential-allotments-will-be-canceled-sultanpur-news-lko4789542148","type":"story","status":"publish","title_hn":"निरस्त होंगे पूरे चितई के 57 आवासीय आवंटन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निरस्त होंगे पूरे चितई के 57 आवासीय आवंटन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गौरीगंज। स्थानीय तहसील के पूरे चितई गांव में आवासीय भूमि के आवंटन में गड़बड़ी सामने आई है। जांच में तत्कालीन जिम्मेदार कर्मचारियों की मिलीभगत व सड़क किनारे बेशकीमती भूमि अपात्रों को आवंटन की पुष्टि के बाद एसडीएम ने सभी 57 आवंटन निरस्त करने की संस्तुति करते हुए पत्रावाली डीएम के पास भेज दी है।
पूरे चितई गांव में 29 दिसंबर 2017 में ग्राम प्रधान मोहम्मद सईद व भूमि प्रबंध समिति की अध्यक्षता में गांव से गुजरने वाले मीरामऊ संपर्क मार्ग के किनारे अनुसूचित जाति के 25, ओबीसी वर्ग के 35 तथा सामान्य वर्ग के नौ लोगों को आवासीय भूमि आवंटन का प्रस्ताव तैयार किया गया था।
तैयार प्रस्ताव पर तत्कालीन लेखपाल, कानूनगो व तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के बाद एसडीएम मोतीलाल यादव ने 57 लोगों को आवासीय भूमि का आवंटन किया था।
इस बीच एसडीएम गौरीगंज अमित कुमार पर आवंटियों को कब्जा दिलाने का राजनीतिक व प्रशासनिक दबाव बढ़ा तो एसडीएम ने तहसीलदार संगीता पांडेय की अगुवाई में टीम गठित कर आवंटन प्रक्रिया व आवंटियों की पात्रता की जांच कर रिपोर्ट तलब की।
विज्ञापन
तहसीलदार ने गांव में आवासीय भूमि आवंटन की जांच की तो करीब 85 से 90 फीसदी आवंटी अपात्र मिले। आवंटन प्रक्रिया में सभी को अलग-अलग रकबे का आवंटन सड़क के दोनों किनारे मिला।
आवंटन में गड़बड़ी की रिपोर्ट मिलने के बाद एसडीएम ने सभी 57 आवासीय आवंटन पट्टे निरस्त करने तथा तत्कालीन जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए पत्रावली डीएम के पास भेज दी है।
एसडीएम की ओर से पट्टा निरस्त करने के साथ जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति होने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों व पट्टाधारकों में हड़कंप मचा है।
विज्ञापन
पूरे चितई गांव में 29 दिसंबर 2017 में ग्राम प्रधान मोहम्मद सईद व भूमि प्रबंध समिति की अध्यक्षता में गांव से गुजरने वाले मीरामऊ संपर्क मार्ग के किनारे अनुसूचित जाति के 25, ओबीसी वर्ग के 35 तथा सामान्य वर्ग के नौ लोगों को आवासीय भूमि आवंटन का प्रस्ताव तैयार किया गया था।
विज्ञापन
तैयार प्रस्ताव पर तत्कालीन लेखपाल, कानूनगो व तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के बाद एसडीएम मोतीलाल यादव ने 57 लोगों को आवासीय भूमि का आवंटन किया था।
इस बीच एसडीएम गौरीगंज अमित कुमार पर आवंटियों को कब्जा दिलाने का राजनीतिक व प्रशासनिक दबाव बढ़ा तो एसडीएम ने तहसीलदार संगीता पांडेय की अगुवाई में टीम गठित कर आवंटन प्रक्रिया व आवंटियों की पात्रता की जांच कर रिपोर्ट तलब की।
विज्ञापन
तहसीलदार ने गांव में आवासीय भूमि आवंटन की जांच की तो करीब 85 से 90 फीसदी आवंटी अपात्र मिले। आवंटन प्रक्रिया में सभी को अलग-अलग रकबे का आवंटन सड़क के दोनों किनारे मिला।
आवंटन में गड़बड़ी की रिपोर्ट मिलने के बाद एसडीएम ने सभी 57 आवासीय आवंटन पट्टे निरस्त करने तथा तत्कालीन जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए पत्रावली डीएम के पास भेज दी है।
एसडीएम की ओर से पट्टा निरस्त करने के साथ जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति होने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों व पट्टाधारकों में हड़कंप मचा है।