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आश्वासन में फंसा ठेकेदारों का चार करोड़ रुपये भुगतान
Updated Mon, 11 Sep 2017 10:15 PM IST
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सड़क बन गई लेकिन नहीं मिला पैसा
आश्वासन में फंसा ठेकेदारों के चार करोड़ का भुगतान
लोक निर्माण विभाग का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। सरकार व अधिकारियों के आश्वासन पर सड़क ठेकेदार फंस गए हैं। आश्वासन में ठेकेदारों का करीब चार करोड़ रुपये का भुगतान लटक गया है। चार माह से भुगतान नहीं मिलने से ठेकेदारों ने कार्य ठप कर दिया है। मांग के बाद भी लोक निर्माण विभाग को शासन से धनराशि नहीं मिल सकी है।
शासन के निर्देश व अधिकारियों के आश्वासन पर सड़क को गड्ढामुक्त कराने वाले ठेकेदार फंस गए हैं। अधिकारियों की ओर से जल्द भुगतान का आश्वासन मिलने पर ठेकेदारों ने सड़कों का नवीनीकरण एवं गड्ढामुक्त का कार्य करा दिया। अप्रैल से लेकर जून तक चले कार्य के दौरान लोक निर्माण विभाग की करीब एक हजार किमी सड़क को गड्ढामुक्त करने का दावा किया गया। साथ ही कुछ अन्य योजनाओं के कार्य कराए गए। विभाग ने ठेकेदारों से कार्य तो करा लिया लेकिन उसका भुगतान नहीं किया। सूत्रों की मानें तो कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग के दोनों खंडों के पास बजट ही नहीं था। ठेकेदारों का दबाव बढ़ने के बाद विभाग ने शासन से बजट की मांग की लेकिन अभी तक धनराशि नहीं मिल सकी। इससे कार्य कराने वाले ठेकेदारों का करीब चार माह से भुगतान फंस गया है। इसमें लोक निर्माण प्रांतीय खंड में करीब दो करोड़ रुपये व निर्माण खंड तीन में भी करीब दो करोड़ रुपये का भुगतान अटका है। भुगतान नहीं मिलने से ठेकेदारों ने कार्य ठप कर दिया है। अन्य विभागों में चल रहे उनके कार्य भी प्रभावित हो गए हैं।
इनसेट:
सिर्फ 20 फीसदी मिला बजट
विभागीय सूत्रों की मानें तो सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए शासन ने कुल लागत की करीब 20 फीसदी धनराशि ही आवंटित की थी। शेष धनराशि जल्द आवंटित करने का भरोसा दिया था। अब विभाग की डिमांड के बाद भी शासन ने धनराशि का आवंटन नहीं किया। धनराशि के अभाव में भुगतान फंसा है।
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इनसेट
शासन से की गई डिमांड
लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड तीन के अधिशाषी अभियंता रविकांत रजक ने बताया कि शासन से धनराशि की डिमांड की गई है। रकम मिलते ही ठेकेदारों का भुगतान कर दिया जाएगा।
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आश्वासन में फंसा ठेकेदारों के चार करोड़ का भुगतान
लोक निर्माण विभाग का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। सरकार व अधिकारियों के आश्वासन पर सड़क ठेकेदार फंस गए हैं। आश्वासन में ठेकेदारों का करीब चार करोड़ रुपये का भुगतान लटक गया है। चार माह से भुगतान नहीं मिलने से ठेकेदारों ने कार्य ठप कर दिया है। मांग के बाद भी लोक निर्माण विभाग को शासन से धनराशि नहीं मिल सकी है।
शासन के निर्देश व अधिकारियों के आश्वासन पर सड़क को गड्ढामुक्त कराने वाले ठेकेदार फंस गए हैं। अधिकारियों की ओर से जल्द भुगतान का आश्वासन मिलने पर ठेकेदारों ने सड़कों का नवीनीकरण एवं गड्ढामुक्त का कार्य करा दिया। अप्रैल से लेकर जून तक चले कार्य के दौरान लोक निर्माण विभाग की करीब एक हजार किमी सड़क को गड्ढामुक्त करने का दावा किया गया। साथ ही कुछ अन्य योजनाओं के कार्य कराए गए। विभाग ने ठेकेदारों से कार्य तो करा लिया लेकिन उसका भुगतान नहीं किया। सूत्रों की मानें तो कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग के दोनों खंडों के पास बजट ही नहीं था। ठेकेदारों का दबाव बढ़ने के बाद विभाग ने शासन से बजट की मांग की लेकिन अभी तक धनराशि नहीं मिल सकी। इससे कार्य कराने वाले ठेकेदारों का करीब चार माह से भुगतान फंस गया है। इसमें लोक निर्माण प्रांतीय खंड में करीब दो करोड़ रुपये व निर्माण खंड तीन में भी करीब दो करोड़ रुपये का भुगतान अटका है। भुगतान नहीं मिलने से ठेकेदारों ने कार्य ठप कर दिया है। अन्य विभागों में चल रहे उनके कार्य भी प्रभावित हो गए हैं।
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सिर्फ 20 फीसदी मिला बजट
विभागीय सूत्रों की मानें तो सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए शासन ने कुल लागत की करीब 20 फीसदी धनराशि ही आवंटित की थी। शेष धनराशि जल्द आवंटित करने का भरोसा दिया था। अब विभाग की डिमांड के बाद भी शासन ने धनराशि का आवंटन नहीं किया। धनराशि के अभाव में भुगतान फंसा है।
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शासन से की गई डिमांड
लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड तीन के अधिशाषी अभियंता रविकांत रजक ने बताया कि शासन से धनराशि की डिमांड की गई है। रकम मिलते ही ठेकेदारों का भुगतान कर दिया जाएगा।