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Sultanpur News: 50 से कम छात्रों वाले 360 परिषदीय स्कूलों पर लटकेगा ताला
Sat, 10 Aug 2024 04:46 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 10 Aug 2024 04:46 AM IST
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सुल्तानपुर। 50 से कम छात्र संख्या वाले 360 परिषदीय स्कूलों पर ताला लटकने वाला है। बार-बार चेतावनी के बाद भी शिक्षा विभाग के जिम्मेदार इन स्कूलों में छात्र संख्या नहीं बढ़ा सके। 10 अगस्त तक हर हाल में इन स्कूलों की सूची शासन को भेजी जानी है। बंद होने वाले स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को पास के स्कूलों में समायोजित करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। साथ ही शिक्षकों का विषयवार ब्योरा भी जुटाया जा रहा है।
राज्य परियोजना कार्यालय ने 10 जून, 2024 को डू-डायस पोर्टल पर अंकित छात्र संख्या को आधार बनाते हुए नामांकन की प्रगति की समीक्षा की। जिसमें जिले के कुल 360 स्कूल ऐसे मिले, जहां छात्र संख्या 50 से कम थे। इसमें 289 प्राथमिक स्कूल और 71 उच्च प्राथमिक स्कूल शामिल हैं। पूर्व में बेसिक शिक्षा अधिकारी से इन स्कूलों की सूची तैयार कर छात्र संख्या बढ़ाने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद अधिकारियों और अध्यापकों की तरफ से विशेष प्रयास नहीं किए गए।
बार-बार निर्देश के बाद भी स्कूलों की छात्र संख्या नहीं बढ़ी। लगभग एक हफ्ते पहले ही महानिदेशक स्कूली शिक्षा कंचन वर्मा ने बीएसए को पत्र जारी कर 50 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलाें की सूची तलब की है, जिसके लिए 10 अगस्त तक समय दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि 50 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को बंद कर दिया जाएगा।
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छात्रों का समायोजन बनी चुनौती
50 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों के बंद होने से वहां पढ़ रहे बच्चों का पास के विद्यालय में समायोजन बड़ी चुनौती होगी। कुछ बच्चों के स्कूल की दूरी बढ़ जाएगी तो कहीं संसाधनों की कमी रोड़ा बनेगी। इसीलिए शासन की तरफ से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि जहां बच्चों का समायोजन किया जाना है, वहां के स्कूलों में कमरों की उपलब्धता, शिक्षकों की उपलब्धता समेत सुविधाओं की स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराएं।
सभी बीईओ से मांगा ब्योरा
सभी खंड शिक्षाधिकारियों से अपने यहां के 50 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों का चिह्नीकरण कर ब्योरा जुटाने को कहा गया है। अभी नई सूची नहीं मिली है। रिपोर्ट आने के बाद उसे शासन को भेजा जाएगा।
- उपेंद्र गुप्ता, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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राज्य परियोजना कार्यालय ने 10 जून, 2024 को डू-डायस पोर्टल पर अंकित छात्र संख्या को आधार बनाते हुए नामांकन की प्रगति की समीक्षा की। जिसमें जिले के कुल 360 स्कूल ऐसे मिले, जहां छात्र संख्या 50 से कम थे। इसमें 289 प्राथमिक स्कूल और 71 उच्च प्राथमिक स्कूल शामिल हैं। पूर्व में बेसिक शिक्षा अधिकारी से इन स्कूलों की सूची तैयार कर छात्र संख्या बढ़ाने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद अधिकारियों और अध्यापकों की तरफ से विशेष प्रयास नहीं किए गए।
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बार-बार निर्देश के बाद भी स्कूलों की छात्र संख्या नहीं बढ़ी। लगभग एक हफ्ते पहले ही महानिदेशक स्कूली शिक्षा कंचन वर्मा ने बीएसए को पत्र जारी कर 50 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलाें की सूची तलब की है, जिसके लिए 10 अगस्त तक समय दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि 50 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को बंद कर दिया जाएगा।
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छात्रों का समायोजन बनी चुनौती
50 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों के बंद होने से वहां पढ़ रहे बच्चों का पास के विद्यालय में समायोजन बड़ी चुनौती होगी। कुछ बच्चों के स्कूल की दूरी बढ़ जाएगी तो कहीं संसाधनों की कमी रोड़ा बनेगी। इसीलिए शासन की तरफ से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि जहां बच्चों का समायोजन किया जाना है, वहां के स्कूलों में कमरों की उपलब्धता, शिक्षकों की उपलब्धता समेत सुविधाओं की स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराएं।
सभी बीईओ से मांगा ब्योरा
सभी खंड शिक्षाधिकारियों से अपने यहां के 50 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों का चिह्नीकरण कर ब्योरा जुटाने को कहा गया है। अभी नई सूची नहीं मिली है। रिपोर्ट आने के बाद उसे शासन को भेजा जाएगा।
- उपेंद्र गुप्ता, बेसिक शिक्षा अधिकारी