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दो दिनों से अंधेरे में चांदा क्षेत्र के 60 गांव
Updated Sat, 07 Oct 2017 10:47 PM IST
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चांदा (सुल्तानपुर)। क्षेत्र के ढाखापुर व किंदीपुर विद्युत वितरण उपकेंद्र की करीब एक लाख आबादी पिछले 48 घंटे से बिजली के लिए बेहाल हो गई है। दो दिनों के दौरान दोनों उपकेंद्रों से जुड़े उपभोक्ता महज तीन घंटे आपूर्ति पा सके हैं। आपूर्ति अव्यवस्था की चपेट में दोनों उपकेंद्रों के 60 गांव आए हैं। खामी के बारे में वितरण खंड के अधिकारी विरोधाभासी बयान दे रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का सरकार का दावा चांदा क्षेत्र में धराशायी हो गया है। क्षेत्र में स्थापित ढाखापुर व किंदीपुर विद्युत वितरण उपकेंद्र से दो दिनों (48 घंटे) के बीच से आपूर्ति तकरीबन ठप हो गई है। दोनों उपकेंद्रों से जुड़े टाउन एरिया कोइरीपुर समेत करीब 60 गांवों को 48 घंटे के बीच महज तीन घंटे बिजली मिल सकी है। इन गांवों एवं कस्बों की करीब एक लाख आबादी दो दिनों से बिजली को लेकर परेशान है। घरों में लगे इन्वर्टर जवाब दे गए हैं। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शोपीस बने हैं। आपूर्ति के अभाव में खेती किसानी समेत बिजली से जुड़ा व्यवसाय चौपट हो गया है। नलकूप ठप होने से सिंचाई कार्य नहीं हो पा रहा है। बिजली का प्रभाव सरकारी कामकाजों पर भी पड़ा है। ऑनलाइन कार्य दो दिनों से प्रभावित चल रहे हैं। खासकर कोइरीपुर कस्बे वालों के सामने पानी की समस्या खड़ी हो गई है। समस्या पर विद्युत वितरण के इंजीनियर विरोधाभासी बयान दे रहे हैं। एसडीओ सुजीत कुमार का कहना है कि शुक्रवार को कुछ समस्या थी। मुख्यालय से बिजली कम मिलने से आपूर्ति में दिक्कत आ रही है। मुख्य अभियंता हर्षमुंशी का कहना है कि उन्हें ऐसी समस्या की जानकारी नहीं है। बिजली पूरी देने के निर्देश हैं। मामले की जांच कराएंगे।
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ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का सरकार का दावा चांदा क्षेत्र में धराशायी हो गया है। क्षेत्र में स्थापित ढाखापुर व किंदीपुर विद्युत वितरण उपकेंद्र से दो दिनों (48 घंटे) के बीच से आपूर्ति तकरीबन ठप हो गई है। दोनों उपकेंद्रों से जुड़े टाउन एरिया कोइरीपुर समेत करीब 60 गांवों को 48 घंटे के बीच महज तीन घंटे बिजली मिल सकी है। इन गांवों एवं कस्बों की करीब एक लाख आबादी दो दिनों से बिजली को लेकर परेशान है। घरों में लगे इन्वर्टर जवाब दे गए हैं। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शोपीस बने हैं। आपूर्ति के अभाव में खेती किसानी समेत बिजली से जुड़ा व्यवसाय चौपट हो गया है। नलकूप ठप होने से सिंचाई कार्य नहीं हो पा रहा है। बिजली का प्रभाव सरकारी कामकाजों पर भी पड़ा है। ऑनलाइन कार्य दो दिनों से प्रभावित चल रहे हैं। खासकर कोइरीपुर कस्बे वालों के सामने पानी की समस्या खड़ी हो गई है। समस्या पर विद्युत वितरण के इंजीनियर विरोधाभासी बयान दे रहे हैं। एसडीओ सुजीत कुमार का कहना है कि शुक्रवार को कुछ समस्या थी। मुख्यालय से बिजली कम मिलने से आपूर्ति में दिक्कत आ रही है। मुख्य अभियंता हर्षमुंशी का कहना है कि उन्हें ऐसी समस्या की जानकारी नहीं है। बिजली पूरी देने के निर्देश हैं। मामले की जांच कराएंगे।
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