{"_id":"6a6653b56f71c7cb210ddf5f","slug":"1801-couples-under-scrutiny-regarding-pm-kisan-nidhi-one-spouse-to-be-removed-from-the-list-sultanpur-news-c-103-1-slko1047-161432-2026-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: पीएम किसान निधि की जांच में फंसे 1801 दंपती, एक का कटेगा नाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: पीएम किसान निधि की जांच में फंसे 1801 दंपती, एक का कटेगा नाम
Mon, 27 Jul 2026 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 27 Jul 2026 12:06 AM IST
विज्ञापन
सुल्तानपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में अपात्र लाभार्थियों की पहचान का अभियान तेज हो गया है। जिले में ऐसे 1801 मामले सामने आए हैं, जिसमें पति-पत्नी दोनों के खाते में सम्मान निधि की राशि पहुंच रही है।
शासन ने इन मामलों को भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश कृषि विभाग को दिए हैं। सत्यापन के बाद पात्रता के आधार पर दंपती में से एक का नाम योजना से हटाया जाएगा।
जिले में योजना की 23 वीं किस्त का लाभ 3.89 लाख से अधिक किसानों को मिला था। केंद्र सरकार ने डाटा मिलान करते हुए पति-पत्नी की ओर से लाभ लेने वालों को चिह्नित किया। प्रदेश में ऐसे 35,739 मामले मिले हैं। इसमें जिले के 1801 लाभार्थी किसान शामिल हैं।
विज्ञापन
उप कृषि निदेशक सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शासन से प्राप्त सूची के आधार पर विभागीय कर्मचारियों को भौतिक सत्यापन के लिए लगाया जाएगा। जांच रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड होने के बाद शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
शासन ने इन मामलों को भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश कृषि विभाग को दिए हैं। सत्यापन के बाद पात्रता के आधार पर दंपती में से एक का नाम योजना से हटाया जाएगा।
विज्ञापन
जिले में योजना की 23 वीं किस्त का लाभ 3.89 लाख से अधिक किसानों को मिला था। केंद्र सरकार ने डाटा मिलान करते हुए पति-पत्नी की ओर से लाभ लेने वालों को चिह्नित किया। प्रदेश में ऐसे 35,739 मामले मिले हैं। इसमें जिले के 1801 लाभार्थी किसान शामिल हैं।
विज्ञापन
उप कृषि निदेशक सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शासन से प्राप्त सूची के आधार पर विभागीय कर्मचारियों को भौतिक सत्यापन के लिए लगाया जाएगा। जांच रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड होने के बाद शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।