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फरवरी में शुरू होगा 100 शय्या का महिला अस्पताल
Updated Sat, 13 Jan 2018 11:01 PM IST
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महिला अस्पताल में बढ़े 100 बेड, जच्चा-बच्चा का होगा बेहतर इलाज
सुल्तानपुर। जिला महिला अस्पताल में बन रही 100 बेड की विंग फरवरी माह में शुरू हो जाएगी। 19 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत से बने इस अत्याधुनिक अस्पताल में प्रसूताओं को बेहतर इलाज मिलेगा। उन्हें बेड के अभाव में फर्श पर नहीं सोना पड़ेगा। दो लिफ्ट के सहारे महिलाओं को उनके वार्डो में शिफ्ट करने में भी सुविधा होगी। न्यू बॉर्न केयर यूनिट होने से जच्चा-बच्चा का बेहतर उपचार किया जा सकेगा। अब तक जिला महिला अस्पताल में 82 बेड हैं। इस विंग के शुरू होने से यह संख्या बढ़कर 182 हो जाएगी।
महिला अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सक प्रतिदिन तीन सौ मरीजों को देखते हैं। अस्पताल में औसतन 80 नॉर्मल डिलीवरी, 10 मेजर ऑपरेशन और 20 माइनर ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराए जाते हैं। बेड कम होने की वजह से करीब 25 प्रसूताओं को फर्श पर ही लेटने को विवश होना पड़ता है। प्रसूताओं की परेशानी को देखते हुए स्वास्थ्य महकमे ने शासन से जिला महिला अस्पताल में 100 बेड के अतिरिक्त अस्पताल की मांग की थी। शासन ने 2016 में जिला महिला अस्पताल में 100 बेड का अस्पताल खोलने के लिए हरी झंडी दी थी।
सितंबर 2016 में उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड ने निर्माण कार्य शुरू कराया था। जनवरी 2018 को जिला महिला अस्पताल का छह तल का 100 बेड का अस्पताल बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया है। अस्पताल की बिल्डिंग भूकंपरोधी होने के साथ ही अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। अस्पताल पूरी तरह से एसी है। इसमें आग से निपटने के लिए यंत्र लगे हैं। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए बकायदा तीन द्वार हैं जिससे मरीजों को अस्पताल की बिल्डिंग से बाहर निकाला जा सकता है।
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इसी माह किया जाएगा हैंडओवर: जेई
उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड के जेई एसपी सिंह ने बताया कि 19 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत से 100 शय्या की बिल्डिंग बनकर तैयार है। इसे जनवरी अंतिम सप्ताह में स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
न्यू बॉर्न केयर यूनिट से आएगी मातृ मृत्यु दर में कमी: सीएमओ
सीएमओ डॉ. चंद्रभूषण नाथ त्रिपाठी ने बताया कि जिला महिला अस्पताल के 100 शय्या का अस्पताल मिलने से लो्गों को राहत मिलेगी। फरवरी के प्रथम हफ्ते में हर हाल में अस्पताल की नई बिल्डिंग में ओपीडी के साथ ही प्रसूताओं को भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया जाएगा। महिला अस्पताल में न्यू बॉर्न केयर यूनिट होने से जच्चा-बच्चा की देखभाल पूरी तरह से संभव होगी। इससे मृत्यु दर में भी कमी आएगी।
बढ़ेगी सुविधाएं: डॉ. आनंद सिंह
जिला महिला अस्पताल के सर्जन डॉ. आनंद सिंह ने बताया कि जिला महिला अस्पताल में औसतन तीन सौ मरीजों की ओपीडी होती है। प्रतिदिन 110 प्रसव कराए जाते हैं। ऐसे में शय्या न होने से प्रसूताओं को फर्श पर लेटना पड़ता था। इसकी वजह से आए दिन तीमारदारों व चिकित्सकों के बीच नोकझोंक व मारपीट होती थी। 100 शय्या के इस अस्पताल में प्रसूताओं को बेहतर उपचार मिलेगा और उन्हें अब फर्श पर लेटने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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सुल्तानपुर। जिला महिला अस्पताल में बन रही 100 बेड की विंग फरवरी माह में शुरू हो जाएगी। 19 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत से बने इस अत्याधुनिक अस्पताल में प्रसूताओं को बेहतर इलाज मिलेगा। उन्हें बेड के अभाव में फर्श पर नहीं सोना पड़ेगा। दो लिफ्ट के सहारे महिलाओं को उनके वार्डो में शिफ्ट करने में भी सुविधा होगी। न्यू बॉर्न केयर यूनिट होने से जच्चा-बच्चा का बेहतर उपचार किया जा सकेगा। अब तक जिला महिला अस्पताल में 82 बेड हैं। इस विंग के शुरू होने से यह संख्या बढ़कर 182 हो जाएगी।
महिला अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सक प्रतिदिन तीन सौ मरीजों को देखते हैं। अस्पताल में औसतन 80 नॉर्मल डिलीवरी, 10 मेजर ऑपरेशन और 20 माइनर ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराए जाते हैं। बेड कम होने की वजह से करीब 25 प्रसूताओं को फर्श पर ही लेटने को विवश होना पड़ता है। प्रसूताओं की परेशानी को देखते हुए स्वास्थ्य महकमे ने शासन से जिला महिला अस्पताल में 100 बेड के अतिरिक्त अस्पताल की मांग की थी। शासन ने 2016 में जिला महिला अस्पताल में 100 बेड का अस्पताल खोलने के लिए हरी झंडी दी थी।
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सितंबर 2016 में उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड ने निर्माण कार्य शुरू कराया था। जनवरी 2018 को जिला महिला अस्पताल का छह तल का 100 बेड का अस्पताल बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया है। अस्पताल की बिल्डिंग भूकंपरोधी होने के साथ ही अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। अस्पताल पूरी तरह से एसी है। इसमें आग से निपटने के लिए यंत्र लगे हैं। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए बकायदा तीन द्वार हैं जिससे मरीजों को अस्पताल की बिल्डिंग से बाहर निकाला जा सकता है।
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इसी माह किया जाएगा हैंडओवर: जेई
उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड के जेई एसपी सिंह ने बताया कि 19 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत से 100 शय्या की बिल्डिंग बनकर तैयार है। इसे जनवरी अंतिम सप्ताह में स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
न्यू बॉर्न केयर यूनिट से आएगी मातृ मृत्यु दर में कमी: सीएमओ
सीएमओ डॉ. चंद्रभूषण नाथ त्रिपाठी ने बताया कि जिला महिला अस्पताल के 100 शय्या का अस्पताल मिलने से लो्गों को राहत मिलेगी। फरवरी के प्रथम हफ्ते में हर हाल में अस्पताल की नई बिल्डिंग में ओपीडी के साथ ही प्रसूताओं को भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया जाएगा। महिला अस्पताल में न्यू बॉर्न केयर यूनिट होने से जच्चा-बच्चा की देखभाल पूरी तरह से संभव होगी। इससे मृत्यु दर में भी कमी आएगी।
बढ़ेगी सुविधाएं: डॉ. आनंद सिंह
जिला महिला अस्पताल के सर्जन डॉ. आनंद सिंह ने बताया कि जिला महिला अस्पताल में औसतन तीन सौ मरीजों की ओपीडी होती है। प्रतिदिन 110 प्रसव कराए जाते हैं। ऐसे में शय्या न होने से प्रसूताओं को फर्श पर लेटना पड़ता था। इसकी वजह से आए दिन तीमारदारों व चिकित्सकों के बीच नोकझोंक व मारपीट होती थी। 100 शय्या के इस अस्पताल में प्रसूताओं को बेहतर उपचार मिलेगा और उन्हें अब फर्श पर लेटने की जरूरत नहीं पड़ेगी।