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मवेशियों पर मंडराया खुरपका व मुंहपका का खतरा
Updated Wed, 04 Oct 2017 10:47 PM IST
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मवेशियों पर मंडराया खुरपका
और मुंहपका का खतरा
क्रासर
चिकित्सकों की हड़ताल से नहीं हुआ टीकाकरण
5.82 लाख पशुओं को टीका लगाने का था लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज। जिले में बड़ी संख्या में मवेशी प्रत्येक वर्ष होने वाली खुरपका व मुंहपका बीमारी का शिकार होते हैं। मवेशियों को इस बीमारी से बचाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से फुट एंड माउथ डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (एफएमडीटी) चलाया जाता है। इस प्रोग्राम के तहत प्रत्येक वर्ष लक्ष्य निर्धारण करते हुए टीकाकरण अभियान चलाया जाता है। योजना में इस वर्ष जिले की चारों तहसीलों के पांच लाख 82 हजार पशुओं को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। 16 सितंबर से 31 अक्तूबर तक चलने वाले विशेष टीकाकरण अभियान में लक्षित मवेशियों (गाय, भैंस, भेंड़, बकरी आदि) को टीका लगाने का काम पूरा किया जा सके इसके लिए जिले में तीन से चार सदस्यों की 42 टीमें गठित की गई थीं। पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन भी जिले को मिल चुकी थी। हालांकि 16 सितंबर से टीकाकरण अभियान शुरू हो पाता इसके पहले ही जिले के सभी पशु चिकित्साधिकारी एस्योर्ड कॅरिअर प्रमोशन (एसीपी) व नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीसी) को लेकर बेमियादी हड़ताल शुरू कर दिया। चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने की वजह से टीकाकरण कार्यक्रम जिले में शुरू ही नहीं हो पाया।
इनसेट
नहीं शुरू हुआ टीकाकरण कार्यक्रम : सीवीओ
जिले के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश पाठक ने टीकाकरण कार्यक्रम का प्रारंभ नहीं होने की बात स्वीकार की। सीवीओ ने कहा कि चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने की वजह से जिले में ही नहीं पूरे प्रदेश में टीकाकरण अभियान शुरू नहीं हो सका है।
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और मुंहपका का खतरा
क्रासर
चिकित्सकों की हड़ताल से नहीं हुआ टीकाकरण
5.82 लाख पशुओं को टीका लगाने का था लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज। जिले में बड़ी संख्या में मवेशी प्रत्येक वर्ष होने वाली खुरपका व मुंहपका बीमारी का शिकार होते हैं। मवेशियों को इस बीमारी से बचाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से फुट एंड माउथ डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (एफएमडीटी) चलाया जाता है। इस प्रोग्राम के तहत प्रत्येक वर्ष लक्ष्य निर्धारण करते हुए टीकाकरण अभियान चलाया जाता है। योजना में इस वर्ष जिले की चारों तहसीलों के पांच लाख 82 हजार पशुओं को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। 16 सितंबर से 31 अक्तूबर तक चलने वाले विशेष टीकाकरण अभियान में लक्षित मवेशियों (गाय, भैंस, भेंड़, बकरी आदि) को टीका लगाने का काम पूरा किया जा सके इसके लिए जिले में तीन से चार सदस्यों की 42 टीमें गठित की गई थीं। पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन भी जिले को मिल चुकी थी। हालांकि 16 सितंबर से टीकाकरण अभियान शुरू हो पाता इसके पहले ही जिले के सभी पशु चिकित्साधिकारी एस्योर्ड कॅरिअर प्रमोशन (एसीपी) व नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीसी) को लेकर बेमियादी हड़ताल शुरू कर दिया। चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने की वजह से टीकाकरण कार्यक्रम जिले में शुरू ही नहीं हो पाया।
इनसेट
नहीं शुरू हुआ टीकाकरण कार्यक्रम : सीवीओ
जिले के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश पाठक ने टीकाकरण कार्यक्रम का प्रारंभ नहीं होने की बात स्वीकार की। सीवीओ ने कहा कि चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने की वजह से जिले में ही नहीं पूरे प्रदेश में टीकाकरण अभियान शुरू नहीं हो सका है।
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