{"_id":"59beaa774f1c1b99688b511f","slug":"11505667703-sultanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रीय लोक अदालत में 7,701 वादों का निस्तारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राष्ट्रीय लोक अदालत में 7,701 वादों का निस्तारण
Updated Sun, 17 Sep 2017 10:31 PM IST
विज्ञापन
राष्ट्रीय लोक अदालत में
7,701 वादों का निस्तारण
क्रासर
दीवानी समेत प्रशासनिक अदालतों में निपटाए गए मामले
फोटो संख्या-1,2
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। उच्चतम न्यायालय व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर रविवार को दीवानी न्यायालय समेत तहसीलों में स्थित न्यायिक अदालतों एवं प्रशासनिक अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला जज प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों के जरिए 7,701 मुकदमों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर किया गया। प्रभारी सचिव विजय कुमार द्वितीय के मुताबिक दीवानी के 218, वैवाहिक के 72, मोटर दुर्घटना संबंधी 23, फौजदारी के 3,046, लेबर अधिनियम के 13, राजस्व एवं अन्य के 4,329 वादों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार किया गया। फौजदारी के वादों में 31,01,665 रुपया अर्थदंड के रूप में वसूला गया। मोटर दुर्घटना के वादों में नौ करोड़ 52 लाख रुपये क्षतिपूर्ति का भुगतान कराया गया। अदालत में अपर जिला न्यायधीश अभयकृष्ण तिवारी, श्यामजीत यादव, उत्कर्ष चतुर्वेदी व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय कुमार आजाद समेत सभी न्यायिक अधिकारियों ने लोक अदालत में वादों की सुनवाई करते हुए उसका निस्तारण किया। प्रशासनिक अदालतों में एसडीएम आदि ने भी वादों का निस्तारण किया।
विज्ञापन
7,701 वादों का निस्तारण
क्रासर
दीवानी समेत प्रशासनिक अदालतों में निपटाए गए मामले
फोटो संख्या-1,2
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। उच्चतम न्यायालय व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर रविवार को दीवानी न्यायालय समेत तहसीलों में स्थित न्यायिक अदालतों एवं प्रशासनिक अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला जज प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों के जरिए 7,701 मुकदमों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर किया गया। प्रभारी सचिव विजय कुमार द्वितीय के मुताबिक दीवानी के 218, वैवाहिक के 72, मोटर दुर्घटना संबंधी 23, फौजदारी के 3,046, लेबर अधिनियम के 13, राजस्व एवं अन्य के 4,329 वादों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार किया गया। फौजदारी के वादों में 31,01,665 रुपया अर्थदंड के रूप में वसूला गया। मोटर दुर्घटना के वादों में नौ करोड़ 52 लाख रुपये क्षतिपूर्ति का भुगतान कराया गया। अदालत में अपर जिला न्यायधीश अभयकृष्ण तिवारी, श्यामजीत यादव, उत्कर्ष चतुर्वेदी व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय कुमार आजाद समेत सभी न्यायिक अधिकारियों ने लोक अदालत में वादों की सुनवाई करते हुए उसका निस्तारण किया। प्रशासनिक अदालतों में एसडीएम आदि ने भी वादों का निस्तारण किया।