{"_id":"59f36a084f1c1b6f548b96e3","slug":"101509124616-sultanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तालाबंदी व हड़ताल पर उतरे सहकारी समिति सचिव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तालाबंदी व हड़ताल पर उतरे सहकारी समिति सचिव
Updated Fri, 27 Oct 2017 10:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तालाबंदी और हड़ताल पर
उतरे सहकारी समिति सचिव
क्रासर
एआर कोऑपरेटिव कार्यालय में शुरू हुआ धरना
फोटो संख्या-23
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज। शासन की उपेक्षा से आजिज जिले की साधन सहकारी समितियों के सचिवों का धैर्य शुक्रवार को जवाब दे गया। उत्तर प्रदेश साधन सहकारी समिति कर्मचारी संघ के आह्वान पर एकत्र सचिवों ने सहकारी समितियों में तालाबंदी कर जिला मुख्यालय स्थित एआर कोऑपरेटिव के दफ्तर परिसर में तीन दिवसीय धरने की शुरुआत की। सचिवों का कहना था कि पूरी निष्ठा से काम करने के बावजूद न तो उन्हें वेतन दिया जा रहा है न ही सुविधाएं। इतना ही नहीं आए दिन सहकारी अधिनियम में नए संशोधन कर सचिवों को परेशान किया जा रहा है। हड़ताली सचिवों ने आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता की ओर से पूर्व में जारी आदेश के अनुसार प्रत्येक समिति को 25 हजार रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता देने की मांग की। इसके अलावा समिति कर्मचारियों का बकाया वेतन भुगतान जल्द करने व सचिवों को कैडर सचिव पर समायोजित करने के बाद ही बाहर से भर्ती करने की मांग की। सचिवों ने मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र एआर कोऑपरेटिव को दिया। धरने में जिलाध्यक्ष जगजीवन प्रसाद तिवारी, महामंत्री जितेंद्र कुमार शुक्ल, सतीश चंद्र मिश्र, धर्मेंद्र सिंह, संजय द्विवेदी, दयाराम शुक्ल, राममूर्ति यादव व शिवमूर्ति तिवारी सहित सभी सचिव मौजूद रहे।
विज्ञापन
उतरे सहकारी समिति सचिव
क्रासर
एआर कोऑपरेटिव कार्यालय में शुरू हुआ धरना
फोटो संख्या-23
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज। शासन की उपेक्षा से आजिज जिले की साधन सहकारी समितियों के सचिवों का धैर्य शुक्रवार को जवाब दे गया। उत्तर प्रदेश साधन सहकारी समिति कर्मचारी संघ के आह्वान पर एकत्र सचिवों ने सहकारी समितियों में तालाबंदी कर जिला मुख्यालय स्थित एआर कोऑपरेटिव के दफ्तर परिसर में तीन दिवसीय धरने की शुरुआत की। सचिवों का कहना था कि पूरी निष्ठा से काम करने के बावजूद न तो उन्हें वेतन दिया जा रहा है न ही सुविधाएं। इतना ही नहीं आए दिन सहकारी अधिनियम में नए संशोधन कर सचिवों को परेशान किया जा रहा है। हड़ताली सचिवों ने आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता की ओर से पूर्व में जारी आदेश के अनुसार प्रत्येक समिति को 25 हजार रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता देने की मांग की। इसके अलावा समिति कर्मचारियों का बकाया वेतन भुगतान जल्द करने व सचिवों को कैडर सचिव पर समायोजित करने के बाद ही बाहर से भर्ती करने की मांग की। सचिवों ने मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र एआर कोऑपरेटिव को दिया। धरने में जिलाध्यक्ष जगजीवन प्रसाद तिवारी, महामंत्री जितेंद्र कुमार शुक्ल, सतीश चंद्र मिश्र, धर्मेंद्र सिंह, संजय द्विवेदी, दयाराम शुक्ल, राममूर्ति यादव व शिवमूर्ति तिवारी सहित सभी सचिव मौजूद रहे।