{"_id":"5ad399054f1c1b46098b4bbe","slug":"zirinets-ask-for-money","type":"story","status":"publish","title_hn":"जाइरीनों ने चादरपोशी कर मन्नतें मांगीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जाइरीनों ने चादरपोशी कर मन्नतें मांगीं
sonbhadra
Updated Sun, 15 Apr 2018 11:55 PM IST
विज्ञापन
विजयगढ़ दुर्ग स्थित हजरत सैयद मीरान शाह की मजार पर रविवार को चादर चढ़ाते जाइरीन।
- फोटो : सोनभद्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विजयगढ़ किला परिसर स्थित बाबा मीरान शाह रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स रविवार को आपसी सौहार्द व अकीदत के साथ मनाया गया। इस दौरान दूर दराज से आए हजारों जाइरीन ने आस्ताने पर हाजिरी लगाई और मजार शरीफ पर चादरपोशी और गुलपोशी कर मन्नतें मांगीं। उधर, सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र में खासी संख्या में पुलिस और पीएससी की तैनाती रही। बाबा मीरान शाह के सालाना उर्स में शिरकत करने के लिए जाइरीन का जत्था विजयगढ़ किले पर शनिवार की शाम से ही पहुंचने लगा था। किले के दरवाजे तक का सफर तय करने से पहले जाइरनी मऊ कला गांव में रूक कर पानी व अन्य सामानों का पुख्ता इंतजाम कर आगे बढ़ रहे थे।
कुछ लोग किले के खिड़की रास्ते से भी जा रहे थे। अकीदतमंदों के आने व जाने का सिलसिला रविवार की देर रात तक जारी रहा। दुर्ग का चप्पा चप्पा जाइरीन से गुलजार रहा। सुविधा के लिए रात को दुर्ग तक जाने वाले मार्ग पर जहां प्रकाश की व्यवस्था की गई थी तो वहीं दुर्ग को भी रंगबिरंगी विद्युत झालरों से सजाया गया था। रविवार को सुबह बाद नमाजे फर्ज कुरानख्वानी का आयोजन किया गया। जिसमें खासी संख्या में लोगों ने शिरकत की। उर्स इंतेजामिया कमेटी की ओर से बाद नमाजे जोहर दिन में दो बजे गागर चादर का जुलूस निकाला गया और आस्ताने पर पहुंच कर चादरपेशी और गुलपोशी की गई। लोगों ने बाबा की मजार पर फातिहा पढ़ी और मन्नतें मानीं। बाबा की मजार पर हाजिरी लगाने के लिए लोग बेताब रहे। जबकि देर शाम कव्वाली का शानदार मुकाबले को भी लोगों ने लुत्फ उठाया। कव्वाली से आस्ताना परिसर का माहौल पूरी तरह नूरानी हो उठा।
जहां अकीदतमंद बाबा के मजार पर फातिहा पढने में लगे हुए थे, वहीं बच्चे इस मौके पर लगे मेले का लुत्फ उठा रहे थे।
वहीं दूसरी तरफ कई संस्थाओं की ओर से लंगर का भी इंतजाम किया गया था। धूप में चलने के बाद सुस्ता रहे लोगों ने लंगर खाया और ठंडा पानी पीकर फिर बाबा की चौखट पर हाजिरी लगाने के लिए चल दिए। उर्स कमेटी द्वारा मजार के पास अलग से महिलाओं के बैठने की व्यवस्था की गई थी। हजरत सैयद मीरान शाह मजार तौसी इंतजामिया कमेटी के सदर मुश्ताक खान, फरीद अहमद, हिदायत उल्ला खान, एजाज कादरी, राजू, गोप खान, लल्लू, असीर, तनवीर, वारिस अली, योगेश शुक्ला, जयराम मिश्रा, चंदा, शमीम, मुहम्मद हनीफ, मुस्तफा खान व्यवस्था में लगे रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुछ लोग किले के खिड़की रास्ते से भी जा रहे थे। अकीदतमंदों के आने व जाने का सिलसिला रविवार की देर रात तक जारी रहा। दुर्ग का चप्पा चप्पा जाइरीन से गुलजार रहा। सुविधा के लिए रात को दुर्ग तक जाने वाले मार्ग पर जहां प्रकाश की व्यवस्था की गई थी तो वहीं दुर्ग को भी रंगबिरंगी विद्युत झालरों से सजाया गया था। रविवार को सुबह बाद नमाजे फर्ज कुरानख्वानी का आयोजन किया गया। जिसमें खासी संख्या में लोगों ने शिरकत की। उर्स इंतेजामिया कमेटी की ओर से बाद नमाजे जोहर दिन में दो बजे गागर चादर का जुलूस निकाला गया और आस्ताने पर पहुंच कर चादरपेशी और गुलपोशी की गई। लोगों ने बाबा की मजार पर फातिहा पढ़ी और मन्नतें मानीं। बाबा की मजार पर हाजिरी लगाने के लिए लोग बेताब रहे। जबकि देर शाम कव्वाली का शानदार मुकाबले को भी लोगों ने लुत्फ उठाया। कव्वाली से आस्ताना परिसर का माहौल पूरी तरह नूरानी हो उठा।
विज्ञापन
जहां अकीदतमंद बाबा के मजार पर फातिहा पढने में लगे हुए थे, वहीं बच्चे इस मौके पर लगे मेले का लुत्फ उठा रहे थे।
वहीं दूसरी तरफ कई संस्थाओं की ओर से लंगर का भी इंतजाम किया गया था। धूप में चलने के बाद सुस्ता रहे लोगों ने लंगर खाया और ठंडा पानी पीकर फिर बाबा की चौखट पर हाजिरी लगाने के लिए चल दिए। उर्स कमेटी द्वारा मजार के पास अलग से महिलाओं के बैठने की व्यवस्था की गई थी। हजरत सैयद मीरान शाह मजार तौसी इंतजामिया कमेटी के सदर मुश्ताक खान, फरीद अहमद, हिदायत उल्ला खान, एजाज कादरी, राजू, गोप खान, लल्लू, असीर, तनवीर, वारिस अली, योगेश शुक्ला, जयराम मिश्रा, चंदा, शमीम, मुहम्मद हनीफ, मुस्तफा खान व्यवस्था में लगे रहे।
विज्ञापन