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दुर्व्यवस्था पर भड़कीं महिलाएं
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Wed, 18 May 2016 12:09 AM IST
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दुर्व्यवस्था पर भड़कीं महिलाएं
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राबर्ट्सगंज में स्थित सीएमओ के पुराने कार्यालय परिसर में मंगलवार को राज्य पोषण मिशन के तहत कुपोषित बच्चों के इलाज के लिए लगे कैंप में उपचार, पेयजल, जलपान आदि की व्यवस्था न होने से नाराज आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने चक्काजाम कर दिया। कड़ी धूप में जाम लगाने के लिए कैंप से महिलाएं बच्चों को गोद में लेकर जुलूस की शक्ल में रामलीला मैदान के समीप चंडी होटल-बढ़ौली चौक मार्ग पर पहुंचीं। इस दौरान नाराज महिलाओं ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। डीएम सीबी सिंह ने जाम लगाने वालों को उनकी समस्याएं दूर कराने आश्वासन देकर आवागमन बहाल कराया। आधे घंटे जाम होने से कड़ी धूप में लोगों को परेशान होना पड़ा।
जाम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि डीएम ने प्रत्येक तहसील दिवस के दिन राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत तीनों तहसील स्तर पर कैंप लगाकर शून्य से पांच वर्ष तक के कुपोषित बच्चों का चेकअप कर गंभीर बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराने का फरमान जारी किया है। इसी क्रम में सुबह करीब नौ बजे राबर्ट्सगंज, घोरावल, चतरा और नगवां ब्लॉक क्षेत्र से काफी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अभिभावक बच्चों को लेकर कैंप में पहुंचे थे। यहां स्वास्थ्य विभाग की ओर से उमस और धूप से बच्चों को बचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है थी। पानी न होने से गला सूख रहा था।
कहा कि शासन से कुपोषित बच्चों को अस्पताल ले जाने और लाने के लिए टीए-डीए और जलपान आदि की व्यवस्था है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। धूप में प्यास से बच्चे तड़पते रहे। उधर, जाम की खबर मिलते ही सदर तहसील में आयोजित तहसील दिवस की सुनवाई कर रहे डीएम सीबी सिंह मौके पर पहुंच कर आक्रोशित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और महिलाओं को शांत कराया और फिर उनके साथ कैंप में पहुंचे। यहां डीएम ने स्वास्थ्य कर्मियों को शासन के गाइडलाइन के तहत बच्चों, अभिभावकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया। जाम करने वाले साधना विश्वकर्मा, मुन्नी, नजबुल, ज्योति, किरन, रंजना, ऊर्मिला, निर्मला, आशा, पार्वती, मंजू, उषा, निशा, अशर्फी, सोनम आदि शामिल रहीं।
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जाम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि डीएम ने प्रत्येक तहसील दिवस के दिन राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत तीनों तहसील स्तर पर कैंप लगाकर शून्य से पांच वर्ष तक के कुपोषित बच्चों का चेकअप कर गंभीर बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराने का फरमान जारी किया है। इसी क्रम में सुबह करीब नौ बजे राबर्ट्सगंज, घोरावल, चतरा और नगवां ब्लॉक क्षेत्र से काफी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अभिभावक बच्चों को लेकर कैंप में पहुंचे थे। यहां स्वास्थ्य विभाग की ओर से उमस और धूप से बच्चों को बचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है थी। पानी न होने से गला सूख रहा था।
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कहा कि शासन से कुपोषित बच्चों को अस्पताल ले जाने और लाने के लिए टीए-डीए और जलपान आदि की व्यवस्था है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। धूप में प्यास से बच्चे तड़पते रहे। उधर, जाम की खबर मिलते ही सदर तहसील में आयोजित तहसील दिवस की सुनवाई कर रहे डीएम सीबी सिंह मौके पर पहुंच कर आक्रोशित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और महिलाओं को शांत कराया और फिर उनके साथ कैंप में पहुंचे। यहां डीएम ने स्वास्थ्य कर्मियों को शासन के गाइडलाइन के तहत बच्चों, अभिभावकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया। जाम करने वाले साधना विश्वकर्मा, मुन्नी, नजबुल, ज्योति, किरन, रंजना, ऊर्मिला, निर्मला, आशा, पार्वती, मंजू, उषा, निशा, अशर्फी, सोनम आदि शामिल रहीं।
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