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महिलाओं ने की पति की दीर्घायु की कामना
sonbhadra
Updated Tue, 17 Apr 2018 12:17 AM IST
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सोमवती अमावस्या पर सोमवार को महिलाओं ने पीपल के वृक्ष की पूजा-अर्चना की। पेड़ की परिक्रमा करते हुए पति के दीर्घायु की कामना की।
सुबह स्नान ध्यान के बाद महिलाओं ने नगर पालिका पार्क ,सिविल लाइन रोड, दंडइत बाबा मंदिर परिसर समेत ग्रामीण इलाको में पीपल के पेड़ का पूजन किया और उसकी परिक्रमा की। शास्त्रों के मुताबिक, इस दिन विधि विधान से पूजा पाठ करने से हर मनोकामना पूरी होती है। महिलाओं के लिए यह पूजा बेहद खास होती है। माना जाता है कि कन्याएं यह पूजा करती हैं तो उन्हें मनचाहा वर मिलता है। पितृ दोष दूर करने के लिए भी यह दिन खास होता हैं। महिलाएं सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करती है। सूर्य और तुलसी के वृक्ष में जल देकर वृक्ष की पूजा करें।
पूजा में दूध, दही, फूल, तिल, चावल, हल्दी व सोलह शृंगार का सामान चढाएं। महिलाओं को कम से कम 14 बार पीपल की फेरी लगाएं। यह फेरी 108 बार ही लगानी चाहिए। फेरी लगाते समय पीपल में सफेद या पीला धागा लपेटना चाहिए। पूजा के समापन के बाद यह पूजन सामग्री सुहागिन महिलाओं को वितरण करना चाहिए।
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सुबह स्नान ध्यान के बाद महिलाओं ने नगर पालिका पार्क ,सिविल लाइन रोड, दंडइत बाबा मंदिर परिसर समेत ग्रामीण इलाको में पीपल के पेड़ का पूजन किया और उसकी परिक्रमा की। शास्त्रों के मुताबिक, इस दिन विधि विधान से पूजा पाठ करने से हर मनोकामना पूरी होती है। महिलाओं के लिए यह पूजा बेहद खास होती है। माना जाता है कि कन्याएं यह पूजा करती हैं तो उन्हें मनचाहा वर मिलता है। पितृ दोष दूर करने के लिए भी यह दिन खास होता हैं। महिलाएं सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करती है। सूर्य और तुलसी के वृक्ष में जल देकर वृक्ष की पूजा करें।
पूजा में दूध, दही, फूल, तिल, चावल, हल्दी व सोलह शृंगार का सामान चढाएं। महिलाओं को कम से कम 14 बार पीपल की फेरी लगाएं। यह फेरी 108 बार ही लगानी चाहिए। फेरी लगाते समय पीपल में सफेद या पीला धागा लपेटना चाहिए। पूजा के समापन के बाद यह पूजन सामग्री सुहागिन महिलाओं को वितरण करना चाहिए।
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