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Sonebhadra News: प्रकृति के दुर्लभ नजारों को और करीब से निहार सकेंगे

Thu, 19 Jan 2023 11:21 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 19 Jan 2023 11:21 PM IST
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Will be able to see the rare sights of nature more closely
मंगलेश्वर महादेव मार्ग पर पहाड़ी रास्ते से सफर करते पर्यटक। - फोटो : SONBHADRA
सोनांचल की हसीं वादियों के बीच प्रकृति के दुर्लभ नजारों को सैलानी अब और पास से निहार सकेंगे। पहाड़ों और घाटियों में रात गुजार सकेंगे। रहस्य और रोमांच के किस्सों को करीब से जानने-समझने का उन्हें मौका मिलेगा। जल्द ही इसकी शुरुआत होने जा रही है। इसके लिए जिले में नौ रुट पर नेचर ट्रेल (प्राकृतिक रास्ता) का निर्माण होगा। इन तय रास्तों से वह जंगल में ट्रेकिंग करेंगे। साथ ही जंगल के बीच रहकत रात गुजार सकेंगे।
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पर्यटकों के लिए सोनभद्र हमेशा से आकर्षण का केंद्र रहा है। यहां के जंगल, पहाड़ और प्राकृतिक झरने पर्यटकों को खूब भाते हैं। पर्यटकों का सफर रोमांचकारी बनाने के लिए जिले में नौ स्थानों पर नेचर ट्रेल का निर्माण किया जाएगा। इसका निर्धारण इस तरह से किया गया है, जिससे प्रत्येक नेचर ट्रेल के जरिए दो-तीन स्थल पर्यटक घूम सकें। जंगल के पहाड़ी और दुर्गम रास्तों से पैदल सफर करते हुए जंगलों से बीच से गुजरने के दौरान उन्हें प्रकृति की गोद में लंबा वक्त बिताने का मौका मिलेगा। अब तक इसी रोमांच के लिए पूर्वांचल के लोग दूसरे राज्यों में जाते थे। सोन एडवेंचर समिति के नीरज ने बताया कि ट्रेकिंग के लिए फिलहाल नौ स्थानों पर नेचर ट्रेल शुरू किया जा रहा है। ज्यादातर स्थानों पर पर्यटक एक दिन में अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे। अगर किसी स्थल पर रात गुजारने की स्थिति बनती है तो उन्हें टेंट हाउस भी तैयार कर दिया जाएगा। इसकी पूरी रुपरेखा तैयार कर ली गई है।
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जानिए क्या है नेचर ट्रेल
नेचर ट्रेल जंगल के अंदर का प्राकृतिक रास्ता है। नेचर ट्रेल में पहुंचते ही आभास होने लगता है कि जैसे हम प्रकृति की गोद में आ गए हैं। घने जंगल में आम तौर बनने वाले नेचर ट्रेल में पक्षी अधिक दिखाई देते हैं, लेकिन इस रूट को वन्य जंतु भी अपने प्रयोग में लाते हैं। रास्ते में जगह-जगह बैठने के लिए लकड़ी व बांस से बने बेंच की व्यवस्था की जाएगी। पर्यटक इस रास्ते पर सफर का भरपूर आनंद उठा सकेंगे।
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इस रूट पर बनेंगे नेचर ट्रेल
विजयगढ़ किला से धधरौल बांध, बाबा मत्स्येंद्रनाथ से मऊ मंदिर, गुफा, बुद्धा पार्क, रॉक पेंटिंग तक, ईको प्वाइंट से मंगलेश्वर महादेव तक, शिवद्वार से मुक्खा फाल तक, कंडा कोट, पिंडारी से गुफा व रॉक पेंटिंग, गऊघाट से प्राकृतिक वन क्षेत्र, म्योरपुर एयरपोर्ट से खंता तक, नगवा से सिलहट बांध तक के रूट को नेचर ट्रेल के रूप में विकसित किया जाएगा।
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