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कोहरे की चादर ओढ़ कर आई ठंड
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Sat, 03 Dec 2016 10:18 PM IST
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वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर छाया रहा कोहरा।
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इस बार सर्दियों की शुरूआत कोहरे से हुई। लगातार तापमान में गिरावट से ठंड बढ़ती जा रही है। पिछले दो तीन दिन, सुबह कोहरे के बीच हो रही है। जिससे जीवन प्रभावित हो रहा है।
भीषण कोहरा और ठंड का असर सोनांचल में दिखने लगा है। कोहरे के नाते जहां ट्रेन से लेकर अन्य यात्री सेवाएं प्रभावित रही वहीं अल सुबह स्कूलों को जाने वाले बच्चे ठिठुर जा रहे हैं। सर्वाधिक परेशानी रेल यात्रियों को झेलनी पड़ रही, क्यों कि कई ट्रेन तीन से लेकर 10 घंटे तक विलंब से चल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में सर्द हवाएं चलने से गलन जैसी स्थिति हो गई है।
एक दिसंबर से ही सोनांचल में कोहरे की चादर तन गई है। रात और सुबह भयंकर कोहरा पड़ रहा है। शुक्रवार की रात करीब नौ बजे से राबर्ट्सगंज समेत तमाम क्षेत्रों में कोहरा पड़ने लगा था। इससे चंद कदम दूर भी कुछ दिखाई नहीं पड़ रहा था। शादी समारोहों में गए लोगों को देर रात में कोहरे में घर लौटने की फिक्र सताती रही। शनिवार की भोर में कोहरा ठीक-ठाक रहा लेकिन सुबह करीब साढ़े आठ बजे तक कोहरा करीब-करीब पूरी तरह से खत्म हो गया था। चोपन प्रतिनिधि के अनुसार कोहरे से ट्रेनों का संचालन काफी प्रभावित हो गया है और कई ट्रेन विलंब से चल रही है। चोपन में रात दस बजे आने वाले जम्मुतवी टाटा एक्सप्रेस सुबह करीब आठ बजे आई। त्रिवेणी एक्सप्रेस सुबह पांच बजे की जगह दोपहर बाद एक बजे आई। शक्तिनगर-जबलपुर हावड़ा एक्सप्रेस दो घंटे विलंब से रही और साढ़े नौ बजे की जगह सुबह साढ़े 11 बजे आई। हावड़ा-जबलपुर एक्सप्रेस सुबह साढ़े चार बजे की जगह सुबह साढ़े आठ बजे आई। इसी तरह चुनार-बरवाडीह पैसेंजर सुबह साढ़े आठ बजे की जगह साढे 11 बजे चोपन रेलवे स्टेशन पर आई। जबकि स्वर्ण जयंती झारखंड एक्सप्रेस के चोपन स्टेशन पर सुबह साढ़े नौ बजे आने का समय है लेकिन शाम साढ़े छह बजे तक स्टेशन पर नहीं आई। ट्रेनों के विलंब होने से यात्रियों को काफी फजीहत झेलनी पड़ी।
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इस बार सर्दियों की शुरूआत कोहरे से हुई। लगातार तापमान में गिरावट से ठंड बढ़ती जा रही है। पिछले दो तीन दिन, सुबह कोहरे के बीच हो रही है। जिससे जीवन प्रभावित हो रहा है।
भीषण कोहरा और ठंड का असर सोनांचल में दिखने लगा है। कोहरे के नाते जहां ट्रेन से लेकर अन्य यात्री सेवाएं प्रभावित रही वहीं अल सुबह स्कूलों को जाने वाले बच्चे ठिठुर जा रहे हैं। सर्वाधिक परेशानी रेल यात्रियों को झेलनी पड़ रही, क्यों कि कई ट्रेन तीन से लेकर 10 घंटे तक विलंब से चल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में सर्द हवाएं चलने से गलन जैसी स्थिति हो गई है।
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एक दिसंबर से ही सोनांचल में कोहरे की चादर तन गई है। रात और सुबह भयंकर कोहरा पड़ रहा है। शुक्रवार की रात करीब नौ बजे से राबर्ट्सगंज समेत तमाम क्षेत्रों में कोहरा पड़ने लगा था। इससे चंद कदम दूर भी कुछ दिखाई नहीं पड़ रहा था। शादी समारोहों में गए लोगों को देर रात में कोहरे में घर लौटने की फिक्र सताती रही। शनिवार की भोर में कोहरा ठीक-ठाक रहा लेकिन सुबह करीब साढ़े आठ बजे तक कोहरा करीब-करीब पूरी तरह से खत्म हो गया था। चोपन प्रतिनिधि के अनुसार कोहरे से ट्रेनों का संचालन काफी प्रभावित हो गया है और कई ट्रेन विलंब से चल रही है। चोपन में रात दस बजे आने वाले जम्मुतवी टाटा एक्सप्रेस सुबह करीब आठ बजे आई। त्रिवेणी एक्सप्रेस सुबह पांच बजे की जगह दोपहर बाद एक बजे आई। शक्तिनगर-जबलपुर हावड़ा एक्सप्रेस दो घंटे विलंब से रही और साढ़े नौ बजे की जगह सुबह साढ़े 11 बजे आई। हावड़ा-जबलपुर एक्सप्रेस सुबह साढ़े चार बजे की जगह सुबह साढ़े आठ बजे आई। इसी तरह चुनार-बरवाडीह पैसेंजर सुबह साढ़े आठ बजे की जगह साढे 11 बजे चोपन रेलवे स्टेशन पर आई। जबकि स्वर्ण जयंती झारखंड एक्सप्रेस के चोपन स्टेशन पर सुबह साढ़े नौ बजे आने का समय है लेकिन शाम साढ़े छह बजे तक स्टेशन पर नहीं आई। ट्रेनों के विलंब होने से यात्रियों को काफी फजीहत झेलनी पड़ी।
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