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जेल के बाहर तरंगों पर होगा पहरा, लगेंगे हाईटेक जैमर

Wed, 29 Jun 2022 11:27 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jun 2022 11:27 PM IST
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Waves will be guarded outside the jail, hi-tech jammers will be installed
सोनभद्र। कभी सूबे की सबसे शांत जेल में शुमार जिला जेल अब कुख्यात बदमाशों का ठिकाना बन रहा है। कई जघन्य वारदातों के अपराधियों की संख्या बढ़ने के साथ ही जेल की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है। जेल के अंदर मोबाइल नेटवर्क पर नियंत्रण के लिए जैमर लगाने की तैयारी है। इसके लिए एसपी ने शासन को पत्र भेजा है। हाईटेक जैमर के माध्यम से 4 जी और 5 जी की तरंगों को रोकने की कोशिश होगी, जिससे किसी भी रूप में बदमाश अपने मंसूबों पर कामयाब होने पाएं।
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साढ़े पांच सौ की क्षमता वाले जिला जेल में वर्तमान में 1100 से अधिक कैदी व बंदी हैं। इसमें ज्यादातर मादक पदार्थों की तस्करी, नशाखोरी, दहेज हत्या और उत्पीड़न जैसी घटनाओं से जुड़े हैं। इनके अलावा जेल में करीब 14 कुख्यात भी बंद हैं। इसमें एनआईए अफसर तंजील अहमद और उनकी पत्नी का हत्यारा मुनीर भी शामिल है। उसे हाल ही में जिला जेल में शिफ्ट किया गया है। बेहद शातिर और मनबढ़ मुनीर को फांसी की सजा हो चुकी है। हत्या, लूट, रंगदारी की कई वारदातों में आरोपी सुंदर भाटी भी इसी जेल में है। राजू पहलवान, पंकज सिंह, मथुरा सिंह जैसे कई अन्य चर्चित बदमाश भी जेल में बंद है। इन्हें अलग-अलग बैरकों में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है। सीसी टीवी कैमरों से भी इनकी हर गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।
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वर्ष 2016 में स्थापित इस जेल में अब तक जैमर नहीं लग पाया है। वैसे तो जेल में किसी भी तरह से मोबाइल ले जाने पर सख्त मनाही है। कई स्तरों पर चेकिंग भी होती है, मगर कुख्यात और शातिर बंदियों के कारण सुरक्षा को लेकर जेल और जिला प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरता है। सूबे की कई जेलों में चोरी-छिपे मोबाइल के इस्तेमाल और इसके जरिए विभिन्न तरह के अपराध को अंजाम देने की घटनाओं के बाद प्रशासन ने यहां भी जैमर लगवाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। मंगलवार को जेल के निरीक्षण में जैमर न होने की बात सामने आने के बाद एसपी ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। इस बाबत जेल अधीक्षक जेपी दुबे ने बताया कि जेल के अंदर हर तरह से सतर्कता बरती जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से यहां जैमर लगाने का प्रस्ताव भी शीघ्र भेजा जाएगा। आधुनिक तकनीक से लैस जैमर लगेंगे, जिससे 4-जी और 5-जी नेटवर्क भी दायरे में न आ सके।
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कुख्यात बदमाशों के जेल में आने के बाद सोनभद्र जिला जेल की सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर हुआ है। हालांकि एक वक्त ऐसा भी था कि इसे सूबे की सबसे आदर्श जेल माना जाता था। जेल के अंदर प्रेम, सद्भाव की स्थिति होती थी। वर्ष 2000 के पहले तक गुरमा में स्थापित जेल को सूबे की एकमात्र ओपेन जेल का दर्जा हासिल था। यहां बंदियों को बाहर आने-जाने, रोजगार करने की छूट थी। जेल के अंदर बंदी खेती भी करते थे। नजदीकी फैक्ट्रियों में भी वह बतौर श्रमिक सेवा देते थे। उन्हें रहने, खाने की आजादी थी। उनके लिए अलग से बाजार भी लगता था। दिन भर ऐसे बीताने के बाद वह शाम को जेल के अंदर दाखिल होते थे।

जिला जेल के निरीक्षण के दौरान वहां जैमर न होने की बात सामने आई है। कुख्यात बदमाशों की मौजूदगी के चलते जेल की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सुरक्षा लिहाज से जेल में जैमर लगवाने के शासन को पत्र भेजा जा रहा है। -यशवीर सिंह, एसपी।
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