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Sonebhadra News: निजी अस्पताल में महिला की मौत के बाद हंगामा

Wed, 16 Jul 2025 11:56 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jul 2025 11:56 PM IST
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Uproar after woman's death in private hospital
नगर के छपका स्थित एक निजी अस्पताल में मंगलवार की रात उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। महिला को ट्यूमर के ऑपरेशन के लिए भर्ती किया गया था। घटना के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत कराया। मामले में दो नामजद और कुछ अज्ञात चिकित्सक पर केस दर्ज किया गया है। मिर्जापुर जिले के मड़िहान निवासी इंदू (33) की बच्चेदानी में ट्यूमर था।
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वह राॅबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के छपका स्थित मायके आई हुई थी। यहां तबीयत बिगड़ने पर परिवार के लोग मंगलवार की सुबह करीब 9 बजे चुर्क मोड़ (छपका) स्थित निजी अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने ऑपरेशन की बात कहते हुए मरीज को भर्ती कर दिया।
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परिजनों का आरोप है कि उन्होंने मरीज की हालत गंभीर होने की दशा में वाराणसी रेफर करने की भी गुहार लगाई, मगर अस्पताल प्रबंधन ने भरोसा दिया कि कोई दिक्कत नहीं होगी। ऑपरेशन कर ट्यूमर निकाल दिया जाएगा।
छपका निवासी मनीष ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान ही बहन इंदू की तबीयत ज्यादा बिगड़ने की जानकारी मिल गई थी। उन्होंने तब भी ऑपरेशन थिएटर का दरवाज खोलवाकर वाराणसी रेफर करने को कहा, मगर सब कुछ नियंत्रण में होने की बात कहते हुए दरवाजा बंद कर दिया गया।
रात में मरीज की मौत की जानकारी होते ही परिजन उग्र हो गए और हंगामा मचाने लगे। प्रभारी निरीक्षक गोपालजी गुप्ता फोर्स के साथ अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
एएसपी अनिल कुमार, सीओ चारु द्विवेदी और सीओ सदर रणधीर मिश्रा ने भी मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली। परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिया। बुधवार को वीडियो रिकार्डिंग के साथ महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
एएसपी अनिल कुमार ने बताया कि मामले में पंचशील अस्पताल के दो डॉक्टरों और प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


परिजनों ने प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
महिला के पिता चंद्रमा ने बताया कि चिकित्सक ने सभी सुविधाएं होने का दावा कर ट्यूमर निकालने का भरोसा दिया था। मरीज के आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद उनसे अलग से पैसा लिया गया। आरोप है कि एनेस्थिसिया और सर्जन बुलाए बिना ही मौजूद डॉक्टर ने खुद से एनेस्थिसिया की दवा अधिक मात्रा में दी।
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