UP Board Result: पीएम आवास में रहती है सोनभद्र जिले की टॉपर बिटिया, मोबाइल की रोशनी में भी की पढ़ाई
यूपी बोर्ड से 10वीं की परीक्षा में सोनभद्र जिले की टॉपर ममता कुमारी बेहद निर्धन परिवार से ताल्लुक रखती हैं। मजदूर पिता की बेटी ममता प्रधानमंत्री आवास में रहती है।
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यूपी बोर्ड से 10वीं की परीक्षा में सोनभद्र जिले की टॉपर ममता कुमारी बेहद निर्धन परिवार से ताल्लुक रखती हैं। खेत मजदूर पिता की बेटी ममता प्रधानमंत्री आवास में रहती हैं। उनके पास कोई एंड्रायड फोन भी नहीं है। कोरोना काल में जब स्कूल बंद रहे तब ममता ने पढ़ाई के पड़ोसियों के मोबाइल फोन का सहारा लिया।
पढ़ाई के दौरान कई बार रात में बिजली न होने और सोलर लैंप चार्ज न होने पर अपने साधारण मोबाइल फोन का टॉर्च जलाकर ममता ने पढ़ाई की। बेहद विपरीत हालात में भी बेटी की सफलता से परिवार गदगद है। खुशी से आह्लादित पिता अब हर मुश्किल सहकर भी बेटी को आगे पढ़ाने के लिए संकल्पित हैं।
मधुपुर गांव निवासी कैलाश की तीन संतानों में ममता सबसे बड़ी है। छोटे दो भाई अरुण कुमार कक्षा-10 और अशोक कक्षा-6 में पढ़ता है। पिता कैलाश ने सिर्फ प्रारंभिक शिक्षा ली है। वह केवल साक्षर हैं, लेकिन बेटी की पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ी। कैलाश के पास कुल 15 बिश्वा जमीन है। वह गांव के ही दूसरे लोगों की जमीन लेकर बटाई पर खेती और मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं।
डॉक्टर बनना चाहती है ममता
बेटी की सफलता से गदगद मां ने कहा कि उन्होंने कभी भी बेटी पर घरेलू कार्यों का भार नहीं सौंपा। उसे पूरी तरह पढ़ाई करने की छूट दी। आज उसकी कामयाबी से मन को तसल्ली मिली है। ममता ने बताया कि पढ़ाई के दौरान जब कोरोना काल में स्कूल बंद था, तब ऑनलाइन पढ़ाई होती थी।
मेरे घर में एंड्रायड फोन नहीं होने के कारण पड़ोसियों के वाट्सएप नंबर पर पाठ्य सामग्री मंगाती और उसे फिर देखकर पढ़ती। कई बार सवाल समझ नहीं आते तो जियो के छोटे फोन में यूट्यूब पर देखती। ममता डॉक्टरों की सेवा भावना से प्रभावित हैं। वह आगे डॉक्टर बनना चाहती है।
स्कूल टॉप का था अनुमान, जिला टॉप कर गई बेटी
इंटर की टॉपर खुशी केशरी भी पढ़ने में शुरू से मेधावी रही है। स्कूल से घर आने के बाद वह देर रात तक पढ़ती रहती। बेटी की मेहनत देख पिता गोविंद केशरी को यह भरोसा था कि अच्छा प्रदर्शन करेगी। स्कूल के शिक्षक भी बेटी प्रतिभा की सराहना करते रहते। गोविंद ने बताया कि स्कूल टॉप करने का अनुमान था, लेकिन बेटी ने जिला टॉप कर लिया। रिजल्ट आने के बाद से ही सीना फख्र से चौड़ा हो गया है। गोविंद की पांच संतानों में खुशी तीसरे नंबर पर है। उनसे बड़ी दो बहनें और दो छोटे भाई हैं। मां रीता गृहिणी हैं।