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60 गांवों में मिल रही दो से तीन घंटे बिजली
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Fri, 15 Apr 2016 10:28 PM IST
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राबर्ट्सगंज और चोपन ब्लाक के लगभग 60 गांवों में महज दो से तीन घंटे बिजली मिल रही है। गुर्मा फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को यह आपूर्ति महज रात में ही की जा रही है। दिन में बिल्कुल ही लोगों को बिजली नहीं मिलती। रोस्टर के अनुसार बिजली न मिलने से लोगों में असंतोष है।
सोनभद्र के लोगों को विद्युत कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के निर्देशानुसार रोस्टर के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति नहीं की जा रही है। गर्मी में बिजली न होने के कारण उपभोक्ता बिलबिला जा रहे हैं। रात में नक्सल प्रभावित गांवों में नाममात्र की आपूर्ति होने से लोगों को अंधेरे में गुजर-बसर करना पड़ रहा है। गुर्मा फीडर से जुड़े मारकुंडी, सलखन, पटवध, कनछ, महुआव, बरहमोरी, कन्हौरा, करगरा, मीतापुर, गुरदह, कुरूहुल, महुआव कला समेत करीब 60 गांवों में प्रतिदिन रात में महज दो से तीन घंटे ही आपूर्ति हो रही है। जबकि रोस्टिंग के अनुसार कम से कम 14 घंटे आपूर्ति होनी चाहिए।
इसकी शिकायत उपभोक्ताओं ने कई बार संबंधित अधिकारियों से की, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। इससे उपभोक्ताओं में रोष है। अवर अभियंता अशोक कुमार का कहना है कि जर्जर तारों में फाल्ट होने के चलते रोस्टर के अनुसार कभी-कभार आपूर्ति नहीं होती है, जर्जर तारों को दुरुस्त कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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सोनभद्र के लोगों को विद्युत कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के निर्देशानुसार रोस्टर के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति नहीं की जा रही है। गर्मी में बिजली न होने के कारण उपभोक्ता बिलबिला जा रहे हैं। रात में नक्सल प्रभावित गांवों में नाममात्र की आपूर्ति होने से लोगों को अंधेरे में गुजर-बसर करना पड़ रहा है। गुर्मा फीडर से जुड़े मारकुंडी, सलखन, पटवध, कनछ, महुआव, बरहमोरी, कन्हौरा, करगरा, मीतापुर, गुरदह, कुरूहुल, महुआव कला समेत करीब 60 गांवों में प्रतिदिन रात में महज दो से तीन घंटे ही आपूर्ति हो रही है। जबकि रोस्टिंग के अनुसार कम से कम 14 घंटे आपूर्ति होनी चाहिए।
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इसकी शिकायत उपभोक्ताओं ने कई बार संबंधित अधिकारियों से की, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। इससे उपभोक्ताओं में रोष है। अवर अभियंता अशोक कुमार का कहना है कि जर्जर तारों में फाल्ट होने के चलते रोस्टर के अनुसार कभी-कभार आपूर्ति नहीं होती है, जर्जर तारों को दुरुस्त कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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