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UP Crime: फर्जी नियुक्ति पत्र पर नौ साल से नौकरी कर रहे थे दो फार्मासिस्ट, दोनों के खिलाफ एफआईआर; जांच शुरू

Sat, 02 May 2026 12:01 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र। Published by: Pragati Chand Updated Sat, 02 May 2026 12:01 AM IST
सार

Sonbhadra News: घोरावल क्षेत्र के जुड़वरिया और पोस्टमार्टम हाउस में तैनात फार्मासिस्ट की नियुक्ति फर्जी मिली। मामले में दोनों के खिलाफ घोरावल और करमा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। 

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Two Pharmacists Had Been Working for Nine Years on Fake Appointment Letters in varanasi
document - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

स्वास्थ्य विभाग में फर्जी नियुक्ति पत्र के जरिये दो फार्मासिस्ट पिछले नौ साल से नौकरी कर रहे थे। अजीत कुमार की तैनाती घोरावल कोतवाली क्षेत्र के जुड़वरिया पीएचसी पर थी तो संतोष यादव जिला अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस में नियुक्त था। अजीत वाराणसी का रहने वाला है। वहीं संतोष प्रतापगढ़ के बंगला सिटी रोड का निवासी है। हाल पता शिवाला, वाराणसी है। जांच में पुष्टि के बाद शुक्रवार को दोनों के खिलाफ घोरावल और करमा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सीएमओ के मुताबिक, दोनों की नियुक्ति फर्जी मिली है। अब वेतन की रिकवरी की जाएगी। दोनों से किसी तरह का काम नहीं लिया जाएगा।

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वाराणसी के चितईपुर थाना क्षेत्र के कंदवा निवासी अजीत कुमार और संतोष यादव ने दिसंबर 2016 में सोनभद्र में फार्मासिस्ट के रूप में तैनाती पाई थी। अजीत की पहली तैनाती जुगैल थाना क्षेत्र के कुड़ारी में हुई थी। कुछ समय बाद करमा में स्थानांतरित किया गया। वहां से हुए तबादले के बाद वर्ष 2022 में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जुड़वरिया में तैनाती मिली। 
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इसी तरह संतोष को करमा थाना क्षेत्र स्थित केकराही ब्लॉक की पीएचसी पर तैनाती दी गई। वर्तमान में संतोष से पोस्टमार्टम हाउस का काम लिया जा रहा था। चार महीने पहले शासन को एक अज्ञात पत्र भेजा गया था। इसके जरिये नियुक्ति पत्र में गड़बड़ी की शिकायत की गई थी। 

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शासन से मिले निर्देश पर सीएमओ ने सीएचसी घोरावल के अधीक्षक डॉ. नरेंद्र कुमार सरोज और ब्लॉक पीएचसी केकराही के अधीक्षक डॉ. गुरू प्रसाद से मामले की जांच कराई। नियुक्ति में गड़बड़ी पाए जाने के बाद जांच रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग भेज दी गई। स्वास्थ्य विभाग में दोनों के नियुक्ति पत्रों का सत्यापन कराया गया तो फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आ गया। पता चला कि स्वास्थ्य विभाग से दोनों का नियुक्ति पत्र नहीं जारी किया गया था। 

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मामले में महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं ने 16 अप्रैल को सीएमओ को पत्र भेजा और कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर सीएमओ 23 अप्रैल को सीएचसी अधीक्षक घोरावल और केकराही को प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया। दोनों मामलों में 29 अप्रैल को तहरीर दी गई थी। शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
 

क्या बोले अधिकारी
शासन से मिले निर्देश पर दोनों मामलों की जांच कराई गई थी। विभागीय सत्यापन में दोनों का नियुक्ति पत्र फर्जी पाया गया है। इस पर महानिदेशक के यहां से कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसी कड़ी में घोरावल और केकराही के अधीक्षक ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। मामले में विभागीय कार्रवाई भी होगी। -डॉ. पंकज कुमार राय, सीएमओ

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