उल्टी-दस्त से दो लोगों की मौत
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मौसम में परिवर्तन के साथ ही उल्टी-दस्त का प्रकोप लोगों को परेशान किए हुए है। सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पतालों के वार्ड डायरिया मरीजों से पटे हुए हैं। घोरावल क्षेत्र में इस रोग से मौतों का सिलसिला सा शुरू है। शनिवार की भोर में बिसुंधरी गांव में सुकरी (58) पत्नी पकौड़ी कोल की डायरिया से मौत हो गई। वहीं फूल कुमारी पत्नी महेंद्र, रंजना पत्नी रामबाबू को गंभीर हालत में घोरावल सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
इसके अलावा गांव में ममता पत्नी हीरालाल, पिंकी पुत्री महेंद्र, रिंकी पुत्री महेंद्र, लाल चंद्र कोल पुत्र मुन्नी लाल, विद्यावती पुत्र मुन्नी लाल, गीता पत्नी अर्जुन, राधा पुत्री फूलचंद्र, किशन पुत्र नगडू, प्रवीण पुत्र शांति प्रकाश, विनय पुत्र शांति प्रकाश, मीरा देवी पत्नी शांति प्रकाश भी उल्टी-दस्त की शिकार हैं। इनमें से कुछ का इलाज निजी क्लिनिकों में कराया जा रहा है जबकि कुछ लोग गांव में ही घरेेलू दवाएं कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर को शुक्रवार की शाम से ही उल्टी दस्त चालू हो गया था। आनन फानन में सीएचसी अधीक्षक डा. आरसी मौर्य के नेतृत्व में अरुणा दुबे, शांति सिंह, मीना देवी की टीम ने प्रभावित गांव विसुंधरी पहुंचकर ब्लीचिंग पाउडर, क्लोरीन टेबलेट व आवश्यक दवाइयां बांटी।
उधर म्योरपुर ब्लॉक के जरहा ग्राम पंचायत में डायरिया की चपेट में आने से रामजनम (35) पुत्र दिलबरन की उल्टी दस्त से मौत हो गई। मृतक के परिवार में बहन पिंकी (17) पुत्री दिलबरन, बिट्टी (8) पुत्री रामजनम, संतोष पुत्र रामजनम व अनीता पत्नी रामजनम उम्र का इलाज म्योरपुर सीएचसी में चल रहा है। सीएचसी में रामभगत पुत्र जितेंद्र निवासी इंजानी, आंचल पुत्री श्याम कार्तिक निवासी कुंडाडीह, रमजतनी पत्नी रामप्यारे निवासी मुर्धवा, मंजू पुत्री रामकिसुन निवासी इंजानी, चारमुनि पुत्र परसिधन निवासी कुस्महा, असर्फी लाल पुत्र मोहन निवासी मेझरौट, शांति पुत्री बहादुर निवासी कुंडाडीह का भी इलाज चल रहा है।