{"_id":"5841a9084f1c1b2616de692c","slug":"transmission-lines-had-fog-tirp","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोहरे से पारेषण लाइनें हुईं टि्रप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोहरे से पारेषण लाइनें हुईं टि्रप
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Fri, 02 Dec 2016 10:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कोहरे के कारण पारेषण लाइनों में खराबी के चलते अनपरा में लड़खड़ाए बिजली उत्पादन में तीसरे दिन शुक्रवार को पर्याप्त सुधार नहीं आ सका। अनपरा सी-उन्नाव लाइन के रात में चालू होने के बाद अचानक से ट्रिप करने के चलते भोर में ग्रिड आया संकट आया फेल होने तक की आई नौबत ने शक्ति भवन तक खलबली मचा दी। लोड कम कर किसी तरह स्थिति संभाली गई। हालात को देखते हुए अनपरा परियोजना की पांच सौ मेगावाट वाली छठवीं इकाई बंद कर दी गई है। वहीं अनपरा और लैंकों दोनों परियोजनाओं में उत्पादनरत इकाइयों को आधी क्षमता पर चलाकर 18 सौ मेगावाट की थर्मल बैकिंग जारी है।
गाजीपुर में 220 केवीए लाइन का तार टूटने के बाद पारेषण की कई लाइनों में आए फॉल्ट से बिगड़े हालात अभी भी विपरीत बने हुए हैं। 765 केवीए की अनपरा सी-उन्नाव, 220 केवीए की अनपरा-ओबरा लाइन गुरुवार की रात चालू की गई लेकिन शुक्रवार की भोर आते-आते फिर से फॉल्ट आने के कारण दोनों लाइनें बंद हो गई। पारेषण अधिकारियों की एक टीम उन्नाव में कैंप किए हुए थी। सीजीएम अनपरा त्रिभुवन तिवारी ने बताया कि स्थिति को देखते हुए छठवीं इकाई बंद कर दी गई है। पहली, दूसरी, चौथी, पांचवीं, सातवीं से उत्पादन जारी है लेकिन इन इकाइयों को आधी क्षमता पर चलाकर एक हजार से 11 सौ मेगावाट की थर्मल बैकिंग की जा रही है। वहीं लैंको यूनिट हेड संदीप गोस्वामी ने कहा कि स्थिति को देखते हुए छह-छह सौ मेगावाट की इकाइयां तीन-तीन सौ मेगावाट पर चलाई जा रही है।
गाजीपुर में 220 केवीए लाइन का तार टूटने के बाद पारेषण की कई लाइनों में आए फॉल्ट से बिगड़े हालात अभी भी विपरीत बने हुए हैं। 765 केवीए की अनपरा सी-उन्नाव, 220 केवीए की अनपरा-ओबरा लाइन गुरुवार की रात चालू की गई लेकिन शुक्रवार की भोर आते-आते फिर से फॉल्ट आने के कारण दोनों लाइनें बंद हो गई। पारेषण अधिकारियों की एक टीम उन्नाव में कैंप किए हुए थी। सीजीएम अनपरा त्रिभुवन तिवारी ने बताया कि स्थिति को देखते हुए छठवीं इकाई बंद कर दी गई है। पहली, दूसरी, चौथी, पांचवीं, सातवीं से उत्पादन जारी है लेकिन इन इकाइयों को आधी क्षमता पर चलाकर एक हजार से 11 सौ मेगावाट की थर्मल बैकिंग की जा रही है। वहीं लैंको यूनिट हेड संदीप गोस्वामी ने कहा कि स्थिति को देखते हुए छह-छह सौ मेगावाट की इकाइयां तीन-तीन सौ मेगावाट पर चलाई जा रही है।
विज्ञापन