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Sonebhadra News: बेलन नदी का पानी चढ़ने से चार पुलों से आवागमन ठप
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घोरावल/ओबरा। नदी-नालों के उफनाने से आई बाढ़ का असर अभी कम नहीं हुआ है। बृहस्पतिवार को भी जिले के कई संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी लगे होने से आवागमन ठप रहा। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर पानी निकलवाने की व्यवस्था कराई।
घोरावल तहसील क्षेत्र में बेलन नदी में उफान से चार मार्गों पर बने पुल पानी में डूब गए हैं। बुधवार की रात से इन मार्गों पर आवागमन बाधित हो गया। इसमें घोरावल-सिरसाई-गुरुवल मार्ग, घोरावल-कोहरथा मार्ग, कनेटी-धनावल मार्ग और मंदहा मार्ग शामिल हैं। इन पुलों पर 6 फीट से 9 फीट तक पानी है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर इन पुलों पर आवागमन बंद करा दिया। इससे दक्षिणी इलाके के 60 से अधिक गांव शिवद्वार, खड़देउर, मुसहां, बर कन्हरा, बर्दिया, गुरुवल, सोतील, धनावल, गुरेठ, बंधा, पाती आदि घोरावल से पूरी तरह कट गए हैं। मध्य प्रदेश से भी आवागमन बंद है। बेलन नदी घोरावल के मुक्खा फाल से होकर प्रयागराज में टोंस नदी में मिलती है। मुक्खा फाल के पहले ही रिट्ठी डैम के नाम से धोवा पंप कैनाल के लिए बांध बनाया गया है। जब इस बांध से पानी आवक के हिसाब से पानी की निकासी कम होती है, तब बेलन नदी पर पड़ने वाले मार्ग प्रभावित हो जाते हैं। प्रभारी निरीक्षक कमलेश कुमार पाल ने बताया कि जहां पुल के ऊपर पानी बह रहा है, वहां पुलिस और चौकीदार की ड्यूटी लगाई गई है। तहसीलदार नटवर सिंह ने बताया कि चार पुलों के डूबने की सूचना पर बैरिकेडिंग करा दी गई है। मौके पर चार-चार लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई है। उधर, विकासखंड चोपन के बाड़ी-चोपन गांव मार्ग पर सोन नदी का पानी चढ़ गया है। जलस्तर बढ़ने से पुलिया के समीप पानी भर जाने के कारण आवागमन बाधित है। मल्हनी टोला निवासी संतोष निषाद, अशोक मांझी, दिलीप साहनी, छोटे साहनी, बनारसी नेता आदि ने बताया कि दो दिन हुई बारिश के बाद सोन नदी का जलस्तर बढ़ने से यह स्थिति बनी है। दो दिनों से सड़क पर लगभग पांच फीट तक पानी भर जाने के कारण चोपन गांव, गड़ई डीह, मल्हनी टोला के लोगों का आवागमन बाधित है। सोन नदी के तटवर्ती इलाकों में फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है।
बारिश से 104 मकानों को क्षति, तीन की जा चुकी है जान
सोनभद्र। जिले में 15 से 17 सितंबर के बीच भारी बारिश से हुई क्षति के आकलन में राजस्व विभाग की टीम लगी है। अब तक विभिन्न आपदाओं में तीन मौत की पुष्टि हुई है। इसमें चेरुई क्षेत्र में एक दीवार गिरने से वृद्धा की मौत, दुद्धी में डूबने और एक सर्पदंश से मौत शामिल है। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में 104 मकानों को क्षति पहुंची है। आपदा सलाहकार पवन कुमार शुक्ला ने बताया कि पीड़ित परिवारों को क्षतिपूर्ति के लिए आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
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घोरावल तहसील क्षेत्र में बेलन नदी में उफान से चार मार्गों पर बने पुल पानी में डूब गए हैं। बुधवार की रात से इन मार्गों पर आवागमन बाधित हो गया। इसमें घोरावल-सिरसाई-गुरुवल मार्ग, घोरावल-कोहरथा मार्ग, कनेटी-धनावल मार्ग और मंदहा मार्ग शामिल हैं। इन पुलों पर 6 फीट से 9 फीट तक पानी है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर इन पुलों पर आवागमन बंद करा दिया। इससे दक्षिणी इलाके के 60 से अधिक गांव शिवद्वार, खड़देउर, मुसहां, बर कन्हरा, बर्दिया, गुरुवल, सोतील, धनावल, गुरेठ, बंधा, पाती आदि घोरावल से पूरी तरह कट गए हैं। मध्य प्रदेश से भी आवागमन बंद है। बेलन नदी घोरावल के मुक्खा फाल से होकर प्रयागराज में टोंस नदी में मिलती है। मुक्खा फाल के पहले ही रिट्ठी डैम के नाम से धोवा पंप कैनाल के लिए बांध बनाया गया है। जब इस बांध से पानी आवक के हिसाब से पानी की निकासी कम होती है, तब बेलन नदी पर पड़ने वाले मार्ग प्रभावित हो जाते हैं। प्रभारी निरीक्षक कमलेश कुमार पाल ने बताया कि जहां पुल के ऊपर पानी बह रहा है, वहां पुलिस और चौकीदार की ड्यूटी लगाई गई है। तहसीलदार नटवर सिंह ने बताया कि चार पुलों के डूबने की सूचना पर बैरिकेडिंग करा दी गई है। मौके पर चार-चार लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई है। उधर, विकासखंड चोपन के बाड़ी-चोपन गांव मार्ग पर सोन नदी का पानी चढ़ गया है। जलस्तर बढ़ने से पुलिया के समीप पानी भर जाने के कारण आवागमन बाधित है। मल्हनी टोला निवासी संतोष निषाद, अशोक मांझी, दिलीप साहनी, छोटे साहनी, बनारसी नेता आदि ने बताया कि दो दिन हुई बारिश के बाद सोन नदी का जलस्तर बढ़ने से यह स्थिति बनी है। दो दिनों से सड़क पर लगभग पांच फीट तक पानी भर जाने के कारण चोपन गांव, गड़ई डीह, मल्हनी टोला के लोगों का आवागमन बाधित है। सोन नदी के तटवर्ती इलाकों में फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है।
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बारिश से 104 मकानों को क्षति, तीन की जा चुकी है जान
सोनभद्र। जिले में 15 से 17 सितंबर के बीच भारी बारिश से हुई क्षति के आकलन में राजस्व विभाग की टीम लगी है। अब तक विभिन्न आपदाओं में तीन मौत की पुष्टि हुई है। इसमें चेरुई क्षेत्र में एक दीवार गिरने से वृद्धा की मौत, दुद्धी में डूबने और एक सर्पदंश से मौत शामिल है। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में 104 मकानों को क्षति पहुंची है। आपदा सलाहकार पवन कुमार शुक्ला ने बताया कि पीड़ित परिवारों को क्षतिपूर्ति के लिए आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
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