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Sonebhadra News: व्यापारियों को चाहिए सस्ता लोन, कर में छूट भी बढ़ाई जाए

Fri, 31 Jan 2025 11:17 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jan 2025 11:17 PM IST
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Traders need cheap loans, tax exemption should also be increased
सोनभद्र। लोकसभा में एक फरवरी को पेश होने वाले बजट पर व्यापारियों की निगाह लगी हुई है। ऑनलाइन कारोबार के बढ़ते प्रभाव से बेहाल व्यापारी कर प्रणाली से भी संतुष्ट नहीं है। वह चाहते हैं कि सरकार इस बजट में जीएसटी के सरलीकरण और उसके दायरे में वृद्धि करे। व्यापारियों को सस्ते लोन, आयकर में छूट की भी अपेक्षा है।
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बजट से ठीक पहले शुक्रवार को अमर उजाला की ओर से आयोजित संवाद में व्यापारियों ने कुछ ऐसी ही उम्मीदें जताईं। उनका कहना था कि जीएसटी आने के बाद से व्यापारी परेशान हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत इसका लेखा-जोखा रहने की जटिल प्रक्रिया से है। बड़े कारोबारियों के लिए तो कोई परेशानी नहीं, लेकिन छोटे-मझोले व्यापारी इसमें पिस रहे हैं। ऑनलाइन कारोबार ने उनका धंधा पहले ही मंदा कर दिया है, ऐसे में जीएसटी की दुश्वारियाें से कारोबार करना मुश्किल होता जा रहा है। लघु व मध्यम श्रेणी के व्यापारियों को सस्ते दर पर लोन उपलब्ध कराने की जरूरत बताई गई, जिससे ये व्यापारी अपना कारोबार बढ़ा सकें। आयकर में छूट की सीमा बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि कमाई के कुछ हिस्से की बचत भी हो। छोटे शहरों में बेहतर आधारभूत सुविधाएं बनाने पर जोर देना चाहिए। सुविधाओं के अभाव में लोग इन शहरों से जा रहे हैं। नए औद्योगिक क्षेत्र का भी अभाव है। इसके लिए सरकार को पहल करते हुए व्यापारियों को प्रोत्साहित किया जाय। संवाद में व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष प्रशांत जैन, जसकीरत सिंह, राजू जायसवाल, रवि जायसवाल, विनोद जायसवाल, अमित अग्रवाल, अमित वर्मा, दिलकरण सिंह, धर्मेंद्र प्रजापति, दीपक सोनी आदि मौजूद रहे।
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जीएसटी दरों को सरल और तर्कसंगत बनाया जाए ताकि छोटे व्यापारियों को कम बोझ महसूस हो। मासिक रिटर्न की जगह त्रैमासिक या वार्षिक रिटर्न का विकल्प मिले। जीएसटी रजिस्ट्रेशन की सीमा को 40 लाख से बढ़ाकर 75 लाख किया जाए। लघु और मध्यम व्यापार के लिए कर छूट बढ़ाई जाए। डिजिटल पेमेंट पर टैक्स छूट मिले, ताकि व्यापारी कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा दे सकें। -कौशल शर्मा, जिलाध्यक्ष उद्योग व्यापार संगठन।
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व्यापार के लिए ब्याज दरें कम की जाए, सस्ते लोन लेकर व्यापारी अपना व्यवसाय बढ़ा सकें। क्रेडिट गारंटी स्कीम मजबूत की जाए, जिससे छोटे व्यापारी बिना ज्यादा गारंटी दिए लोन ले सकें। स्टार्टअप और नए व्यापार को वित्तीय सहायता देने की योजना को प्रभावी बनाने की जरूरत है। -प्रदीप जायसवाल, बिल्डिंग मैटेरियल काराेबारी।
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एक्सपोर्ट पर टैक्स रियायत दी जाए, ताकि व्यापारी अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें। सरल और तेज मंजूरी प्रक्रिया बनाई जाए, जिससे व्यापार में देरी न हो। मेक इन इंडिया उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी खरीद में प्राथमिकता मिले। -प्रीतपाल सिंह, टेंट कारोबारी।

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आयकर में 80-सी के तहत छूट सीमा दो लाख तक करने की जरूरत है। साथ ही 80-डी में भी छूट सीमा को 25 हजार से बढ़ाकर 50000 किया जाय। मध्यमवर्गीय तबका जो भी कमा रहा है, वह टैक्स देने में ही चला रहा है। जीवन बीमा व्यापारियों सहित अन्य लोगों के जीवन का अहम हिस्सा है, जिस पर सरकार जीएसटी लेती है। इससे जीएसटी को समाप्त किया जाना चाहिए। -पंकज कानोडिया, युवा व्यापारी।
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