{"_id":"672bb9488aea8d3f61020eb4","slug":"tourists-will-be-able-to-see-the-deer-kicking-again-sonbhadra-news-c-194-1-son1001-120180-2024-11-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: हिरण को फिर से कुलांचे मारते देख सकेंगे पर्यटक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: हिरण को फिर से कुलांचे मारते देख सकेंगे पर्यटक
विज्ञापन
कैमूर वन्य जीव प्रभाग के महुअरिया वन क्षेत्र में पर्यटक फिर से काले हिरण को कुलांचे मारते देख सकेंगे। रॉक पेंटिंग व इकाे वैली में जाने का भी उन्हें मौका मिलेगा।
वर्षा ऋतु से बंद इस वन क्षेत्र में सोमवार से पुन: पर्यटन शुरू करा दिया गया। परिसर में गोष्ठी हुई। स्कूली बच्चों के लिए आन-स्पॉट क्विज का आयोजन किया गया। सही जवाब देने पर उन्हें पुरस्कृत किया गया।
प्रभागीय वनाधिकारी तापस मिहिर ने कहा कि वन और वन्य जीव हमारे पर्यावरण के लिए अनिवार्य हैं। वर्षा ऋतु में 15 जून से 15 नवंबर तक वन्य जीव, विहार, राष्ट्रीय उद्यान को वन्य प्राणियों एवं के प्रजनन एवं वन्य वनस्पतियों के नवीन अंकुरण के मद्देनजर बंद रखा जाता है।
विज्ञापन
अब फिर से पर्यटन के लिए सैलानी महुअरिया के वन क्षेत्र में भ्रमण कर सकते हैं। इसके लिए सैलानियों को वन और वन्य जीवों की सुरक्षा से संबंधित नियमों का पालन करना होगा।
इस मौके पर वन क्षेत्राधिकारी श्रद्धा त्रिपाठी, गुर्मा के रेंजर पवन सचान, घोरावल के रेंजर ज्ञानेश कुमार, वन दरोगा शिवम सिंह, वन दरोगा सदानंद यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
वर्षा ऋतु से बंद इस वन क्षेत्र में सोमवार से पुन: पर्यटन शुरू करा दिया गया। परिसर में गोष्ठी हुई। स्कूली बच्चों के लिए आन-स्पॉट क्विज का आयोजन किया गया। सही जवाब देने पर उन्हें पुरस्कृत किया गया।
विज्ञापन
प्रभागीय वनाधिकारी तापस मिहिर ने कहा कि वन और वन्य जीव हमारे पर्यावरण के लिए अनिवार्य हैं। वर्षा ऋतु में 15 जून से 15 नवंबर तक वन्य जीव, विहार, राष्ट्रीय उद्यान को वन्य प्राणियों एवं के प्रजनन एवं वन्य वनस्पतियों के नवीन अंकुरण के मद्देनजर बंद रखा जाता है।
विज्ञापन
अब फिर से पर्यटन के लिए सैलानी महुअरिया के वन क्षेत्र में भ्रमण कर सकते हैं। इसके लिए सैलानियों को वन और वन्य जीवों की सुरक्षा से संबंधित नियमों का पालन करना होगा।
इस मौके पर वन क्षेत्राधिकारी श्रद्धा त्रिपाठी, गुर्मा के रेंजर पवन सचान, घोरावल के रेंजर ज्ञानेश कुमार, वन दरोगा शिवम सिंह, वन दरोगा सदानंद यादव आदि मौजूद रहे।