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Sonebhadra News: बारिश से टमाटर, खीरा और करेला की फसलें तबाह, लाखों का नुकसान
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बभनी में बारिश से नुकसान टमाटर की फसल। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
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बभनी। लगातार हो रही तेज बारिश से बभनी ब्लॉक के चैनपुर, पोखरा और म्योरपुर ब्लॉक के धरतीडाड क्षेत्र में सब्जी की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में पानी भरने से टमाटर, खीरा, बरबटी, लौकी और करेला की फसलें सड़कर बर्बाद हो गईं। वहीं उड़द और तिल की फसल को भी काफी क्षति पहुंची है। फसलों के तबाह होने से किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
चैनपुर, पोखरा और धरतीडाड क्षेत्र के किसान संतोष कुमार दुबे, धर्मेंद्र जायसवाल, जय कुमार सिंह, लेखंशु गुप्ता, रामा, संतोष गुप्ता, मुन्नी लाल गुप्ता और मंशाराम गुप्ता समेत अन्य किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों के अनुसार खेतों में कई दिनों से पानी जमा है। जलभराव के कारण सब्जियों में सड़न शुरू हो गई और देखते ही देखते तैयार फसल नष्ट हो गई। बारिश से फसल नष्ट होने के बाद अब परिवार के भरण-पोषण के साथ बैंक और साहूकारों का कर्ज चुकाने की चिंता सताने लगी है। पीड़ित किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारियों से गांवों में टीम भेजकर फसलों के नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि समय रहते नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक संकट से उबरने में मदद मिल सके।
जिन किसानों का प्रधानमंत्री फसल बीमा हुआ है, वे फसल नुकसान की शिकायत दर्ज कराएं। ताकि नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सके। - नीरज कुमार साहू, एडीओ कृषि-बभनी।
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चैनपुर, पोखरा और धरतीडाड क्षेत्र के किसान संतोष कुमार दुबे, धर्मेंद्र जायसवाल, जय कुमार सिंह, लेखंशु गुप्ता, रामा, संतोष गुप्ता, मुन्नी लाल गुप्ता और मंशाराम गुप्ता समेत अन्य किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों के अनुसार खेतों में कई दिनों से पानी जमा है। जलभराव के कारण सब्जियों में सड़न शुरू हो गई और देखते ही देखते तैयार फसल नष्ट हो गई। बारिश से फसल नष्ट होने के बाद अब परिवार के भरण-पोषण के साथ बैंक और साहूकारों का कर्ज चुकाने की चिंता सताने लगी है। पीड़ित किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारियों से गांवों में टीम भेजकर फसलों के नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि समय रहते नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक संकट से उबरने में मदद मिल सके।
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जिन किसानों का प्रधानमंत्री फसल बीमा हुआ है, वे फसल नुकसान की शिकायत दर्ज कराएं। ताकि नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सके। - नीरज कुमार साहू, एडीओ कृषि-बभनी।
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