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Sonebhadra News: पेयजल संकट से निपटने के लिए 813 टैंकरों से होगी जलापूर्ति
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गर्मी ने दस्तक दे दी है। एक पखवाड़े से तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके साथ ही जिले के पठारी गांवों में भू-जलस्तर खिसकने लगा है। पेयजल संकट से निपटने के लिए 813 टैंकरों से जलापूर्ति होगी। नगर के विस्तारित क्षेत्र में टैंकर से पानी सप्लाई शुरू भी करा दी गई है।
नहरों में पानी छोड़े जाने से भी राहत मिली है। सोनभद्र में कुल 621 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें शुद्ध पेयजल मुहैया कराए जाने के लिए जिले में 12 पेयजल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। दो-तीन परियोजनाओं को छोड़ दें तो अभी किसी परियोजना का पानी गांवों में नहीं पहुंच रहा है।
ऐसे में इस साल भी गांवों में पीने के पानी का संकट होगा। मार्च माह की शुरुआत में ही पठारी गांवों में भू-जलस्तर नीचे खिसकने से पीने के पानी की समस्या होने लगी है। सर्वाधिक दिक्कत सुदूरवर्ती पठारी इलाकों में होती है।
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समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन की तरफ से गांवों में टैंकर से पीने का पानी आपूर्ति किए जाने की योजना बनाई गई है। बताया जा रहा है कि गर्मी में 813 टैंकरों के जरिए ग्रामीण इलाकों में पेयजल मुहैया कराने की तैयारी है।
इसके लिए 813 टैक्टर-टैंकर की व्यवस्था कर ली गई है। टैंकरों में पानी भरने के लिए 678 जलस्रोत भी चिह्नित कर लिए गए हैं। इसके साथ ही जिले स्तर पर और ब्लॉक स्तर पर कंट्रोल रूम खोले जा रहे हैं। हालांकि अभी तक जिले के किसी ग्राम पंचायत में पेयजल की समस्या नहीं है।
नहर में पानी छोड़े जाने से राहत
धंधरौल बांध से घाघर मुख्य नहर और शाहगंज राजवाहा में पानी छोड़े जाने से काफी राहत मिली है। इससे पशु-पक्षियों के लिए पेयजल की उपलब्धता आसानी से हो पा रही है। गर्मी शुरू होने से पहले बेलन नदी व सरोई नदी जल विहीन हो गई थी। नहर में पानी छोड़े जाने के बाद दोनों नदी में भी पानी भर गया है। इससे किसानों के साथ ही पशुपालकों को काफी राहत मिली है। वहीं कच्ची बोर का जलस्तर ऊपर उठने से लोगों को राहत मिली है।
नगर क्षेत्र में टैंकर से पानी आपूर्ति शुरू
नगर पालिका परिषद सोनभद्र के विस्तारित क्षेत्र के छपका, लोढ़ी और बिचपई क्षेत्र में टैंकर से पानी की आपूर्ति शुरू हो गई है। नगर पालिका प्रशासन की मानें तो जिन इलाकों में हैंडपंप की व्यवस्था नहीं है, वहां पानी की सप्लाई कराई जा रही है। शनिवार को छपका क्षेत्र में टैंकर से पानी आपूर्ति करते हुए देखा गया। इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष रूबी प्रसाद का कहना है कि जहां पानी की समस्या की सूचना मिल रही है, वहां टैंकर से पानी आपूर्ति कराया जा रहा है।
गर्मी में पानी की समस्या को देखते हुए बैठकें कर तैयारी पूरी कर ली गई है। 813 टैंकर से पानी आपूर्ति की जाएगी। टैंकर भरे जाने के लिए 678 जलस्रोत चिह्नित कर लिए गए हैं। एक टैंकर से अधिकतम तीन बार पानी आपूर्ति होगी। किसी गांव में पेयजल की किल्लत नहीं होने दी जाएगी।
-नमिता शरण, डीपीआरओ-सोनभद्र।
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नहरों में पानी छोड़े जाने से भी राहत मिली है। सोनभद्र में कुल 621 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें शुद्ध पेयजल मुहैया कराए जाने के लिए जिले में 12 पेयजल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। दो-तीन परियोजनाओं को छोड़ दें तो अभी किसी परियोजना का पानी गांवों में नहीं पहुंच रहा है।
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ऐसे में इस साल भी गांवों में पीने के पानी का संकट होगा। मार्च माह की शुरुआत में ही पठारी गांवों में भू-जलस्तर नीचे खिसकने से पीने के पानी की समस्या होने लगी है। सर्वाधिक दिक्कत सुदूरवर्ती पठारी इलाकों में होती है।
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समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन की तरफ से गांवों में टैंकर से पीने का पानी आपूर्ति किए जाने की योजना बनाई गई है। बताया जा रहा है कि गर्मी में 813 टैंकरों के जरिए ग्रामीण इलाकों में पेयजल मुहैया कराने की तैयारी है।
इसके लिए 813 टैक्टर-टैंकर की व्यवस्था कर ली गई है। टैंकरों में पानी भरने के लिए 678 जलस्रोत भी चिह्नित कर लिए गए हैं। इसके साथ ही जिले स्तर पर और ब्लॉक स्तर पर कंट्रोल रूम खोले जा रहे हैं। हालांकि अभी तक जिले के किसी ग्राम पंचायत में पेयजल की समस्या नहीं है।
नहर में पानी छोड़े जाने से राहत
धंधरौल बांध से घाघर मुख्य नहर और शाहगंज राजवाहा में पानी छोड़े जाने से काफी राहत मिली है। इससे पशु-पक्षियों के लिए पेयजल की उपलब्धता आसानी से हो पा रही है। गर्मी शुरू होने से पहले बेलन नदी व सरोई नदी जल विहीन हो गई थी। नहर में पानी छोड़े जाने के बाद दोनों नदी में भी पानी भर गया है। इससे किसानों के साथ ही पशुपालकों को काफी राहत मिली है। वहीं कच्ची बोर का जलस्तर ऊपर उठने से लोगों को राहत मिली है।
नगर क्षेत्र में टैंकर से पानी आपूर्ति शुरू
नगर पालिका परिषद सोनभद्र के विस्तारित क्षेत्र के छपका, लोढ़ी और बिचपई क्षेत्र में टैंकर से पानी की आपूर्ति शुरू हो गई है। नगर पालिका प्रशासन की मानें तो जिन इलाकों में हैंडपंप की व्यवस्था नहीं है, वहां पानी की सप्लाई कराई जा रही है। शनिवार को छपका क्षेत्र में टैंकर से पानी आपूर्ति करते हुए देखा गया। इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष रूबी प्रसाद का कहना है कि जहां पानी की समस्या की सूचना मिल रही है, वहां टैंकर से पानी आपूर्ति कराया जा रहा है।
गर्मी में पानी की समस्या को देखते हुए बैठकें कर तैयारी पूरी कर ली गई है। 813 टैंकर से पानी आपूर्ति की जाएगी। टैंकर भरे जाने के लिए 678 जलस्रोत चिह्नित कर लिए गए हैं। एक टैंकर से अधिकतम तीन बार पानी आपूर्ति होगी। किसी गांव में पेयजल की किल्लत नहीं होने दी जाएगी।
-नमिता शरण, डीपीआरओ-सोनभद्र।