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Sonbhadra: नोटों की गड्डी के बीच में लगाते थे कागज...सैन्य कर्मी बनकर ठगी करने वाले तीन जालसाज गिरफ्तार

Mon, 30 Jan 2023 09:59 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क,सोनभद्र
अमर उजाला नेटवर्क,सोनभद्र Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 30 Jan 2023 09:59 PM IST
सार

खुद को सेना का कर्मचारी बताकर लोगों को ठगने वाले अंतरप्रांतीय गिरोह के तीन जालसाजों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। वे नोटों की नकली गड्डी थमाकर उसके बदले असली नोट लेकर लोगों को ठगते थे। 

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Three fraudsters arrested for cheating by posing as military personnel in sonbhadra
एएसपी विजय शंकर मिश्र ने दी जानकारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

खुद को सेना का कर्मचारी बताकर लोगों को ठगने वाले अंतरप्रांतीय गिरोह के तीन जालसाजों को सोनभद्र क्राइम ब्रांच व सदर कोतवाली पुलिस ने दबोच लिया है। वे नोटों की नकली गड्डी थमाकर उसके बदले असली नोट लेकर लोगों को ठगते थे। जालसाजों के पास से सेना की वर्दी, कम्प्यूटर से तैयार कूटरचित पहचान पत्र सहित अन्य सामान बरामद हुए हैं। पूछताछ में उन्होंने कई घटनाओं में संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस ने उन्हें संबंधित धाराओं में जेल भेज दिया है।

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एएसपी विजय शंकर मिश्र ने बताया कि राबर्ट्सगंज के निरालानगर दरोगा जी की गली निवासी कपड़ा दुकानदार अनिल कुमार सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर ठगी की शिकायत की थी। बताया था कि चार जनवरी को एक व्यक्ति दुकान पर आया और दुकान से खरीदारी करने की बात कही।

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नोटों की गड्डी को खोलकर देखा तो रह गया हैरान

इससे पहले उसने एक काले रंग के पॉलीथिन में लिपटे सौ रुपये के नोटों की पांच गड्डी थमाते हुए कहा कि इसके बदले उसे पांच-पांच सौ के नोट की जरूरत है। फिलहाल उसे 60 नोट चाहिए, जिसे सामने खड़े दो लोगों को देकर अन्यत्र भेजना है। जालसाज के झांसे में आए अनिल से उसे पांच-पांच सौ के 60 नोट थमाए और सौ रुपये वाली पांचों गड्डी अपने पास रख ली।

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रुपये लेकर जालसाज दुकान से उतरकर बाहर खड़े अपने अन्य दोनों साथियों के साथ पहुंचा और देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गया। उसकी ओर से दी गई नोटों की गड्डी को खोलकर देखा तो हर गड्डी में ऊपर नीचे सौ-सौ के एक-एक नोट थे, जबकि अंदर कागज के नकली नोट रखे थे। जालसाजी के इस मामले की छानबीन में जुटी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी।

पन्नूगंज रोड स्थित रेलवे क्रॉसिंग के पास से पुलिस ने तीन जालसाजों को दबोचा। उनकी पहचान रवि कुमार बिंद उर्फ बुल्लू निवासी हाटा थाना मुहम्दाबाद, गाजीपुर, शिवपुजन यादव निवासी जाबर थाना दुद्धी और संदीप कुमार चौधरी निवासी वार्ड थाना कोलगांवा जिला सतना मप्र के रूप में हुई। उनके पास सेनकली नोट की गड्डी बनाने के उपकरण, सेना की वर्दी, सेना का फर्जी परिचय पत्र भी मिला। आरोपियों के पास से हजारों रुपये भी बरामद हुए।  

मुंबई के थाणे में 20 लाख रुपये की ठगी

एएसपी ने बताया कि पूछताछ करने पर रवि कुमार ने बताया कि उसके घर के कुछ लोग आर्मी में हैं। उनके साथ रहते-रहते उनकी नकल कर ली। वर्दी, टोपी, बेल्ट, जूता व सेना की वर्दी खरीदकर कूटरचित पता व जाति अंकित कर कम्प्यूटर से फर्जी आईडी कार्ड तैयार किया। लोगों से खुद को सेना का जवान और अन्य दो साथियों को सेना का चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी बताता था।

अपने साधनों से नोट के आकार के पेपर काटकर उसके ऊपर-नीचे असली नोट लगाकर नोट की गड्डी जैसा तैयार कर बैंक के आस-पास व दुकानों में जाकर इन्हीं नकली गड्डियों को देकर असली नोट की गड्डी लेकर ठगी करते हैं। जालसाजों ने नवंबर में  रेणुकूट में एक व्यक्ति को नकली दो लाख रुपये की गड्डी देकर उससे दो लाख रुपये ठग लिए थे। पिछले साल मुंबई के थाणे में 20 लाख रुपये की ठगी की थी।

एल्यूमिनियम रोल लदा ट्रक डेढ़ माह बाद बरामद

Three fraudsters arrested for cheating by posing as military personnel in sonbhadra
बरामद ट्रक के साथ खड़ी पुलिस - फोटो : अमर उजाला

 करीब डेढ़ माह पहले रेणुकूट से जौनपुर जाते समय रास्ते से गायब हुआ 17.9 मीट्रिक टन (एमटी) एल्युमीनियम रोल लदा ट्रक पुलिस ने बरामद कर लिया है। मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। जालसाज ट्रक से जीपीएस निकालकर कानपुर ले गए थे। वहां एल्युमीनियम बेचने की फिराक में थे।   पूछताछ में मुख्य आरोपी सुखेंद्र उर्फ तनू ने बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर ट्रक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर रेणुकूट से जौनपुर के लिए एल्युमीनियम रोल लोड किया था।

मिर्जापुर के पास पहुंच कर ट्रक में लगे जीपीएस सिस्टम को जंगल में फेंक दिया। इसके बाद गाड़ी लेकर कानपुर चले गए। वहां कुछ एल्युमीनियम रोल एक अज्ञात व्यक्ति को बेचा गया, जिसके एवज में ढाई लाख रुपये मिले थे। इस रुपये को आपस में बांट लिया गया। शेष माल को बेचने के प्रयास में थे, तभी सभी पकड़े गए। पूछताछ के बाद सभी का चालान कर दिया गया।
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