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विभागों के बंटवारे में फंसा पुनर्गठन योजना का काम
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राबर्ट्सगंज हाइडिल मैदान स्थित जल सयंत्र।
- फोटो : SONBHADRA
राबर्ट्सगंज पुनर्गठन पेयजल योजना का काम विभागों के बंटवारे में अटक गया है। जल निगम (ग्रामीण) के अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा यह रहा कि टेस्टिंग की तय सीमा बढ़ाए जाने के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका। अब परियोजना का हैंडओवर जल निगम मिर्जापुर निर्माण इकाई (शहरी) को हो गया है। इसके बावजूद निर्माण कार्यों में गति नहीं दिख रही। इस नाते सीएम योगी आदित्यनाथ इस परियोजना का लोकार्पण नहीं कर सकेंगे।
नगर पालिका की करीब 50 हजार आबादी को पेयजल मुहैया कराने के लिए 96.01 करोड़ की लागत से पुनर्गठन पेयजल योजना पर काम चल रहा है। धंधरौल बांध से सीपेज हो रहे पानी को उठाकर नगरवासियों को आपूर्ति कराने की योजना है। वर्षों से चल रहे इस परियोजना का काम अब भी पूरा नहीं हो सका है। पहले इस योजना का काम जल निगम की ग्रामीण इकाई करा रही थी। तब पहले इसी वर्ष सितंबर माह में और बाद में दिसंबर में परियोजना की टेस्टिंग शुरू करने का दावा किया गया था। लेकिन टेस्टिंग शुरू होने की कौन कहें अभी परियोजना का काम पूर्ण नहीं हो सका है। इसी बीच परियोजना का काम जल निगम निर्माण इकाई मिर्जापुर (शहरी) इकाई को सौंप दिया गया। हैंडओवर हुए करीब एक महीने हो गए, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका है। कच्छपगति से परियोजना का काम होने से अभी नगर वासियों को पेयजल के लिए और इंतजार करना होगा।
कार्य में देरी से नहीं होगा लोकार्पण
सीएम योगी आदित्यनाथ 22 दिसंबर को जिले में दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वे पांच सौ करोड़ से अधिक की परियोजना का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। उनके हाथों राबर्ट्सगंज पुनगर्ठन पेयजल योजना का लोकार्पण कराना था। लेकिन निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होने से इस परियोजना का लोकार्पण अभी नहीं हो सकेगा।
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क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत भी नहीं
पुनगर्ठन पेयजल योजना काम किस गति से चल रहा है यह सिर्फ नगर की क्षतिग्रस्त पटरियों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है।पाइप लाइन डालने के बाद जल निगम सड़क के पटरियों का मरम्मत कराना ही भूल गया है।
हमारी तरफ से परियोजना के कार्य में कोई देरी नहीं हुई है। काम सुचारू चल रहा था। परियोजना का हैंडओवर निर्माण इकाई मिर्जापुर (शहरी) को कर दिया गया है। - महेंद्र सिंह, एक्सईएन-जल निगम (ग्रामीण)।
हैंडओवर में आधा-अधूरा काम मिला है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम बाकी है। धंधरौल बांध के पास 500 मीटर पाइप लाइन बिछाना है, इंटेकवेल का काम नहीं हुआ है। इसे पूरा कराने में करीब ढाई माह लगेंगे। - अफजल अंसारी, एक्सईएन-जल निगम (शहरी)।
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नगर पालिका की करीब 50 हजार आबादी को पेयजल मुहैया कराने के लिए 96.01 करोड़ की लागत से पुनर्गठन पेयजल योजना पर काम चल रहा है। धंधरौल बांध से सीपेज हो रहे पानी को उठाकर नगरवासियों को आपूर्ति कराने की योजना है। वर्षों से चल रहे इस परियोजना का काम अब भी पूरा नहीं हो सका है। पहले इस योजना का काम जल निगम की ग्रामीण इकाई करा रही थी। तब पहले इसी वर्ष सितंबर माह में और बाद में दिसंबर में परियोजना की टेस्टिंग शुरू करने का दावा किया गया था। लेकिन टेस्टिंग शुरू होने की कौन कहें अभी परियोजना का काम पूर्ण नहीं हो सका है। इसी बीच परियोजना का काम जल निगम निर्माण इकाई मिर्जापुर (शहरी) इकाई को सौंप दिया गया। हैंडओवर हुए करीब एक महीने हो गए, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका है। कच्छपगति से परियोजना का काम होने से अभी नगर वासियों को पेयजल के लिए और इंतजार करना होगा।
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कार्य में देरी से नहीं होगा लोकार्पण
सीएम योगी आदित्यनाथ 22 दिसंबर को जिले में दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वे पांच सौ करोड़ से अधिक की परियोजना का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। उनके हाथों राबर्ट्सगंज पुनगर्ठन पेयजल योजना का लोकार्पण कराना था। लेकिन निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होने से इस परियोजना का लोकार्पण अभी नहीं हो सकेगा।
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क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत भी नहीं
पुनगर्ठन पेयजल योजना काम किस गति से चल रहा है यह सिर्फ नगर की क्षतिग्रस्त पटरियों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है।पाइप लाइन डालने के बाद जल निगम सड़क के पटरियों का मरम्मत कराना ही भूल गया है।
हमारी तरफ से परियोजना के कार्य में कोई देरी नहीं हुई है। काम सुचारू चल रहा था। परियोजना का हैंडओवर निर्माण इकाई मिर्जापुर (शहरी) को कर दिया गया है। - महेंद्र सिंह, एक्सईएन-जल निगम (ग्रामीण)।
हैंडओवर में आधा-अधूरा काम मिला है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम बाकी है। धंधरौल बांध के पास 500 मीटर पाइप लाइन बिछाना है, इंटेकवेल का काम नहीं हुआ है। इसे पूरा कराने में करीब ढाई माह लगेंगे। - अफजल अंसारी, एक्सईएन-जल निगम (शहरी)।