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Sonebhadra News: सरकारी मदद की आस में टूटी जिंदगी की डोर
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सरकारी मदद की आस में वृद्ध के जिंदगी की डोर बुधवार को टूट गई। मौत और सरकारी अव्यवस्था की जानकारी होने पर क्षेत्र के लोग व्यवस्था के साथ जनता के नुमाइंदों को कोसते रहे।
स्थिति ऐसी बनी कि कुछ लोग आगे आए तब मृतक का अंतिम संस्कार संभव हो सका। चिल्काडांड़ ग्राम पंचायत में करीब 70 साल के वृद्ध को मृत बताकर उसकी वृद्धा पेंशन रोक दी गई थी। इसी के साथ राशन भी बंद कर दिया गया।
यह मामला अक्तूबर में उजागर हुआ। इसकी शिकायत वृद्ध व्यक्ति कांता पांडेय ने सरकार के पोर्टल पर की। इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। शिकायत में वृद्ध ने जिंदा होने के सबूत के साथ यह बताया था कि उसकी पेंशन 18 माह से बंद है।
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इस मामले में कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन ना तो निराकरण हुआ न ही बंद पेंशन शुरू हो पाई। यह प्रकरण सोशल मीडिया पर भी बीते दिनों छाया रहा। इन सबके बावजूद असहाय वृद्ध जीविकोपार्जन व पैसे के अभाव में इलाज के लिए के लिए दर बदर होता रहा। बुधवार को सुबह कांता पांडेय की अचानक तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई।
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स्थिति ऐसी बनी कि कुछ लोग आगे आए तब मृतक का अंतिम संस्कार संभव हो सका। चिल्काडांड़ ग्राम पंचायत में करीब 70 साल के वृद्ध को मृत बताकर उसकी वृद्धा पेंशन रोक दी गई थी। इसी के साथ राशन भी बंद कर दिया गया।
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यह मामला अक्तूबर में उजागर हुआ। इसकी शिकायत वृद्ध व्यक्ति कांता पांडेय ने सरकार के पोर्टल पर की। इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। शिकायत में वृद्ध ने जिंदा होने के सबूत के साथ यह बताया था कि उसकी पेंशन 18 माह से बंद है।
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इस मामले में कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन ना तो निराकरण हुआ न ही बंद पेंशन शुरू हो पाई। यह प्रकरण सोशल मीडिया पर भी बीते दिनों छाया रहा। इन सबके बावजूद असहाय वृद्ध जीविकोपार्जन व पैसे के अभाव में इलाज के लिए के लिए दर बदर होता रहा। बुधवार को सुबह कांता पांडेय की अचानक तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई।