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Sonebhadra News: 70 टंच होनी थी चांदी की शुद्धता, जांच में मिली सिर्फ चांदी की परत
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सोनभद्र। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत नवदंपती को भेंट किए जाने वाले सामानाें की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद जांच शुरू हो गई है। डीएम ने वरिष्ठ कोषाधिकारी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। सूत्रों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में दुल्हन को दी जाने वाली चांदी की पायल में चांदी का कोई अंश नहीं मिला है। उस पर सिर्फ चांदी की एक परत चढ़ाई गई थी, जबकि 70 टंच शुद्धता का 30 ग्राम वजन का पायल देने का निर्देश है। इसी तरह अन्य सामानों की गुणवत्ता में भी खेल किया गया है।
योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को कुल 19 तरह का सामान देना होता है। इसकी गुणवत्ता भी तय है। चांदी के पायल का वजन 30 ग्राम और बिछिया 10 ग्राम का होना चाहिए। इसमें चांदी की शुद्धता 70 टंच रखने का निर्देश है। घोरावल व चतरा ब्लॉक में कुछ महिलाओं की ओर से पायल की गुणवत्ता पर सवाल उठाने के बाद स्थानीय सराफा कारोबारियों से इसकी जांच कराई गई तो पायल में चांदी की मात्रा नगण्य थी। उस पर सिर्फ परत चढ़ाई गई थी। इसी तरह दो दिन पहले सदर ब्लॉक में समारोह के दौरान दुल्हन को कटपीस वाली साड़ियां दी गई थी। हालांकि बाद में उसे वापस लेकर विभाग ने दूसरी साड़ी दी थी। अब इस घपले की पोल खुलने के बाद अन्य सामानों की गुणवत्ता भी जांची जा रही है। पूरे मामले की जांच के लिए डीएम ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। वरिष्ठ कोषाधिकारी के नेतृत्व वाली टीम में डीडीओ और पीडी सदस्य हैं। टीम से दो दिनों में रिपोर्ट मांगी गई है।
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महंगाई बढ़ी, फिर भी पहले कम दर पर स्वीकृत हुआ टेंडर
सामानों की आपूर्ति देने वाले फर्म को टेंडर देने में भी गड़बड़ी सामने आई है। शासन की ओर से दस हजार रुपये का सामान देने का प्रावधान है। विभागीय सूत्रों की मानें तो पिछले साल सामान आपूर्ति करने के लिए फर्म की तरफ से 8800 रुपये का टेंडर डाला गया था। इस साल भी लगभग इसी दर पर टेंडर डाला गया था, मगर एक अधिकारी की चहेती फर्म को ठेका दिलाने के लिए उससे भी कम दर पर टेंडर डलवाया गया। दिल्ली की इस फर्म ने 7600 रुपये का टेंडर डालकर सामान आपूर्ति का ठेका पा लिया था। यही नहीं टेंडर के दौरान फर्म ने अधिकारियों के सामने चांदी के पायल, बिछिया का ही सैंपल दिखाया था, मगर आपूर्ति में खेल कर दिया गया।
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वर्जन:
सामूहिक विवाह आयोजन में सामान आपूर्ति में की गई गड़बड़ी की जांच के लिए सीनियर टीओ के नेतृत्व में डीडीओ, पीडी की तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। बृहस्पतिवार को जांच रिपोर्ट मिल जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर टेंडर लेने वाले फर्म के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -सौरभ गंगवार, सीडीओ-सोनभद्र।
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योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को कुल 19 तरह का सामान देना होता है। इसकी गुणवत्ता भी तय है। चांदी के पायल का वजन 30 ग्राम और बिछिया 10 ग्राम का होना चाहिए। इसमें चांदी की शुद्धता 70 टंच रखने का निर्देश है। घोरावल व चतरा ब्लॉक में कुछ महिलाओं की ओर से पायल की गुणवत्ता पर सवाल उठाने के बाद स्थानीय सराफा कारोबारियों से इसकी जांच कराई गई तो पायल में चांदी की मात्रा नगण्य थी। उस पर सिर्फ परत चढ़ाई गई थी। इसी तरह दो दिन पहले सदर ब्लॉक में समारोह के दौरान दुल्हन को कटपीस वाली साड़ियां दी गई थी। हालांकि बाद में उसे वापस लेकर विभाग ने दूसरी साड़ी दी थी। अब इस घपले की पोल खुलने के बाद अन्य सामानों की गुणवत्ता भी जांची जा रही है। पूरे मामले की जांच के लिए डीएम ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। वरिष्ठ कोषाधिकारी के नेतृत्व वाली टीम में डीडीओ और पीडी सदस्य हैं। टीम से दो दिनों में रिपोर्ट मांगी गई है।
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महंगाई बढ़ी, फिर भी पहले कम दर पर स्वीकृत हुआ टेंडर
सामानों की आपूर्ति देने वाले फर्म को टेंडर देने में भी गड़बड़ी सामने आई है। शासन की ओर से दस हजार रुपये का सामान देने का प्रावधान है। विभागीय सूत्रों की मानें तो पिछले साल सामान आपूर्ति करने के लिए फर्म की तरफ से 8800 रुपये का टेंडर डाला गया था। इस साल भी लगभग इसी दर पर टेंडर डाला गया था, मगर एक अधिकारी की चहेती फर्म को ठेका दिलाने के लिए उससे भी कम दर पर टेंडर डलवाया गया। दिल्ली की इस फर्म ने 7600 रुपये का टेंडर डालकर सामान आपूर्ति का ठेका पा लिया था। यही नहीं टेंडर के दौरान फर्म ने अधिकारियों के सामने चांदी के पायल, बिछिया का ही सैंपल दिखाया था, मगर आपूर्ति में खेल कर दिया गया।
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वर्जन:
सामूहिक विवाह आयोजन में सामान आपूर्ति में की गई गड़बड़ी की जांच के लिए सीनियर टीओ के नेतृत्व में डीडीओ, पीडी की तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। बृहस्पतिवार को जांच रिपोर्ट मिल जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर टेंडर लेने वाले फर्म के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -सौरभ गंगवार, सीडीओ-सोनभद्र।