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Sonebhadra News: रास्ता इश्क का आसान नहीं पर कोई न कोई चलेगा ही...
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सर्द मौसम की हिमानी शाम में ख्यातिलब्ध शायर, कवि व गीतकारों की मौजूदगी में रार्बट्सगंज का आरटीएस क्लब मैदान देर रात तक कविता गीत गजल और शायरी से गुलजार रहा। घने कोहरे और ठंड की ठिठुरती रात के बावजूद काव्य रचनाओं पर श्रोताओं की तालियां माहौल को गर्म करती रही। मौका था मधुरिमा साहित्य गोष्ठी के संयोजन में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का।
संस्था के निदेशक पं. अजय शेखर के संयोजन, भोजपुरी के गीतकार हरिराम द्विवेदी की अध्यक्षता और सभाजीत द्विवेदी प्रखर के सफल संचालन में हुए कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सदर विधायक भूपेश चौबे रहे। इस अवसर पर लेखक दीपक केसरवानी के संपादन में चुनारी लाल की कृति विगुल व कमल नयन त्रिपाठी की कृति अनामिका स्मृति का विमोचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वाराणसी से आई पूनम श्रीवास्तव ने वाणी वंदना से किया। इसके बाद दस वर्षीय कुमारी सृजा ने अपनी कविता एक रात छत पर आकर झांक रहा था चंदा... सुनाकर श्रोताओं का ध्यान खींचा तो रास बिहारी पांडेय ने प्यार का दे सके पैगाम वही कविता है... सुनाकर शब्द साहित्य से राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। सदर एसडीएम रमेश कुमार ने खुद को रांझा तुम्हे हीर बयां करता हूं... सुनाया तो मोहित पांडेय ने हम देश भक्ति से सराबोर हम सोनभद्र के प्राणी हैं सुनाकर माटी की सुगंध बिखेरी। प्रयागराज से आए इं. राजीव दुबे ने कुछ धूप वाले थे कुछ छांव वाले थे सुनाकर माहौल दिया। ओज के कवि प्रभात सिंह चंदेल ने हिंदुस्तान का जर्रा जर्रा जय भारत माता बोल उठेगा सुनाकर जमकर तालियां बटोरी। कॉमेडियन मिमिक्री स्टार अभय शर्मा ने अपने आवाज के जादू से शमां बांध दिया और हर दिन फतह है हर रात फतह है सुनाकर माहौल को खुशनुमा बना दिया। मनमोहन मिश्र ने रास्ता इश्क का आसान नहीं पर कोई न कोई चलेगा ही, शंकर कैमुरी ने न झुकना तुम किसी के सामने न गम से घबराना ऐ मेरे सर जरूरत पर वतन के काम आ जाना, कर्ण सिंह ने दिन के उजाले में इनका काम नहीं है, प्रदुम्न त्रिपाठी ने सबके आंखों का मर रहा पानी है मेरी आंखों मे भर रहा पानी है, गीतकार डॉ. सुरेश ने जहां तुम्हारा सुख रहता है वहीं पास में दुख रहता है, सुनाया वहीं दिवाकर द्विवेदी मेघ विजयगढ़ी ने पहले से आगे है अपना देश तेल में, डॉ. लखन राम जंगली ने घायल सीमवा पर हमरो जवनवा सखी... सुनाकर माटी की महत्ता को बताया। इसके अलावा हसन सोनभद्री, ईश्वर विरागी, जगदीश पंथी, दिलीप सिंह दीपक, सभाजीत द्विवेदी प्रखर, पं. हरिराम द्विवेदी ने भी काव्य पाठ किया। इस मौके पर पूर्व विधायक तीरथ राज, विजय शंकर चतुर्वेदी, सुशील पाठक, कृष्ण मुरारी गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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संस्था के निदेशक पं. अजय शेखर के संयोजन, भोजपुरी के गीतकार हरिराम द्विवेदी की अध्यक्षता और सभाजीत द्विवेदी प्रखर के सफल संचालन में हुए कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सदर विधायक भूपेश चौबे रहे। इस अवसर पर लेखक दीपक केसरवानी के संपादन में चुनारी लाल की कृति विगुल व कमल नयन त्रिपाठी की कृति अनामिका स्मृति का विमोचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वाराणसी से आई पूनम श्रीवास्तव ने वाणी वंदना से किया। इसके बाद दस वर्षीय कुमारी सृजा ने अपनी कविता एक रात छत पर आकर झांक रहा था चंदा... सुनाकर श्रोताओं का ध्यान खींचा तो रास बिहारी पांडेय ने प्यार का दे सके पैगाम वही कविता है... सुनाकर शब्द साहित्य से राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। सदर एसडीएम रमेश कुमार ने खुद को रांझा तुम्हे हीर बयां करता हूं... सुनाया तो मोहित पांडेय ने हम देश भक्ति से सराबोर हम सोनभद्र के प्राणी हैं सुनाकर माटी की सुगंध बिखेरी। प्रयागराज से आए इं. राजीव दुबे ने कुछ धूप वाले थे कुछ छांव वाले थे सुनाकर माहौल दिया। ओज के कवि प्रभात सिंह चंदेल ने हिंदुस्तान का जर्रा जर्रा जय भारत माता बोल उठेगा सुनाकर जमकर तालियां बटोरी। कॉमेडियन मिमिक्री स्टार अभय शर्मा ने अपने आवाज के जादू से शमां बांध दिया और हर दिन फतह है हर रात फतह है सुनाकर माहौल को खुशनुमा बना दिया। मनमोहन मिश्र ने रास्ता इश्क का आसान नहीं पर कोई न कोई चलेगा ही, शंकर कैमुरी ने न झुकना तुम किसी के सामने न गम से घबराना ऐ मेरे सर जरूरत पर वतन के काम आ जाना, कर्ण सिंह ने दिन के उजाले में इनका काम नहीं है, प्रदुम्न त्रिपाठी ने सबके आंखों का मर रहा पानी है मेरी आंखों मे भर रहा पानी है, गीतकार डॉ. सुरेश ने जहां तुम्हारा सुख रहता है वहीं पास में दुख रहता है, सुनाया वहीं दिवाकर द्विवेदी मेघ विजयगढ़ी ने पहले से आगे है अपना देश तेल में, डॉ. लखन राम जंगली ने घायल सीमवा पर हमरो जवनवा सखी... सुनाकर माटी की महत्ता को बताया। इसके अलावा हसन सोनभद्री, ईश्वर विरागी, जगदीश पंथी, दिलीप सिंह दीपक, सभाजीत द्विवेदी प्रखर, पं. हरिराम द्विवेदी ने भी काव्य पाठ किया। इस मौके पर पूर्व विधायक तीरथ राज, विजय शंकर चतुर्वेदी, सुशील पाठक, कृष्ण मुरारी गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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