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Sonebhadra News: गेहूं की खेती का रकबा तो बढ़ा पर घट गई उपज

Sat, 22 Apr 2023 10:25 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 22 Apr 2023 10:25 PM IST
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The area under wheat cultivation has increased but yield
सोनभद्र। जिले में बीते वर्षों की तुलना में गेहूं की खेती का रकबा बढ़ा है। लगभग 90 प्रतिशत किसान गेहूं की कटाई और मड़ाई का काम पूरा कर चुके हैं। इसके बावजूद किसान क्रय केंद्रों पर कम आ रहे हैं। एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर आर्गेनाइजेशन) और निजी कंपनियां किसानों के खलिहान से ही गेहूं ले रही हैं। इसके अलावा मूल्यों में भी अंतर है, जिसका सीधा असर क्रय केंद्रों पर देखने को मिल रहा है।
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कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक रबी सीजन 2021-22 में जिले में करीब 53 हजार हेक्टेयर रकबा में गेहूं की खेती हुई थी। वहीं खरीफ सीजन 2022-23 में जिले में धान की खेती कम होने के नाते रबी सीजन 2022-23 में गेहूं की खेती का रकबा करीब चार हजार हेक्टेयर बढ़ा है। इस वर्ष करीब 57 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती हुई थी। एमएसपी पर गेहूं खरीद के लिए एक अप्रैल से जिले में 72 सरकारी क्रय केंद्र भी खोले गए हैं, मगर इन केंद्रों पर गेहूं लेकर किसानों की आवक कम हो रही है। बीते 22 दिन में लगभग 180 किसानों ने ही क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचा है। किसानों का कहना है कि बीते दिनों हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की उपज प्रभावित हुई है। कम उपज होने के नाते भी किसान क्रय केंद्रों पर गेहूं लेकर नहीं जा रहे हैं।
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कई केंद्रों पर नहीं शुरू हो सकी खरीद
गेहूं खरीद के लिए जिले में 72 क्रय केंद्र खोले गए हैं, मगर अभी तक कई केंद्रों पर खरीद शुरू नहीं हो सका है। केंद्रों पर कर्मचारी तो पहुंच रहे हैं, मगर किसान गेहूं लेकर नहीं जा रहे हैं। अधिकांश किसान अपने घर से ही गेहूं व्यापारियों को बेच दे रहे हैं। कारण कि एमएसपी दर से अच्छा दाम किसानों को घर से ही मिल जा रहा है। यह भी एक कारण है कि किसान क्रय केंद्रों पर नहीं जा रहे हैं।
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खरीफ सीजन 2022-23 में धान की खेती बहुत से किसान नहीं किए थे। जिससे रबी सीजन में गेहूं की खेती का रकबा बढ़ गया। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष पांच हजार हेक्टेयर अधिक रकबा में गेहूं की खेती हुई है। - डॉ. हरिकृष्ण मिश्र, जिला कृषि अधिकारी-सोनभद्र।

गेहूं खरीद बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की बिक्री करके न्यूनतम समर्थन मूल्य का फायदा ले सकते हैं। खरीद बढ़ाने के लिए मोबाइल टीम भी सक्रिय की गई है। - अमित चौधरी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी-सोनभद्र।
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