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प्रदूषण से नाराज ग्रामीणों का प्रदर्शन
ब्यूरो अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Wed, 11 Mar 2015 11:39 PM IST
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अनपरा-शक्तिनगर मार्ग पर 24 घंटे छाए रहने वाले धूल के गुबार से खफा बांसी के ग्रामीणों ने बुधवार की दोपहर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया।
पानी टैंकर रोक कर भी नाराजगी जताई। पुलिस और संबंधित परियोजना के अधिकारियों ने समुचित पहल का आश्वासन दिया, तब जाकर ग्रामीण शांत हुए।
पूर्व प्रधान रोहतास मित्तल, मणिभूषण पांडेय, लल्लू तिवारी आदि ग्रामीणों का कहना था कि 24 घंटे छाए रहने वाली कोयले की धूल ने आवागमन दुश्वार कर दिया है।
इसके चलते सड़क से सटे गांवों में स्थिति नारकीय बनी हुई। फेफड़े में घुसती धूल लोगों को बीमार बना रही है। कागजों पर नियमित पानी का छिड़काव और पटरियों पर जमा कोयले के
धूल के नियमित सफाई का मसौदा तैयार किया गया। प्रशासनिक स्तर की बैठकों में भी इस मसौदे पर मुहर लगाई गई लेकिन इस पर अनुपालन अब तक नहीं किया गया। पानी छिड़काव की कोरमपूर्ति तो की जा रही है,
पटरियों की सफाई पर एकदम से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। निजी परियोजना के अधिकारी और रेणुसागर चौकी इंचार्ज ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। तब जाकर प्रदर्शन कर रहे लोग शांत हुए। कहा कि 24 घंटे के भीतर इस पर संजीदगी नहीं दिखाई गई तो ग्रामीण बड़े स्तर पर आंदोलन को विवश होंगे।
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पानी टैंकर रोक कर भी नाराजगी जताई। पुलिस और संबंधित परियोजना के अधिकारियों ने समुचित पहल का आश्वासन दिया, तब जाकर ग्रामीण शांत हुए।
पूर्व प्रधान रोहतास मित्तल, मणिभूषण पांडेय, लल्लू तिवारी आदि ग्रामीणों का कहना था कि 24 घंटे छाए रहने वाली कोयले की धूल ने आवागमन दुश्वार कर दिया है।
इसके चलते सड़क से सटे गांवों में स्थिति नारकीय बनी हुई। फेफड़े में घुसती धूल लोगों को बीमार बना रही है। कागजों पर नियमित पानी का छिड़काव और पटरियों पर जमा कोयले के
धूल के नियमित सफाई का मसौदा तैयार किया गया। प्रशासनिक स्तर की बैठकों में भी इस मसौदे पर मुहर लगाई गई लेकिन इस पर अनुपालन अब तक नहीं किया गया। पानी छिड़काव की कोरमपूर्ति तो की जा रही है,
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पटरियों की सफाई पर एकदम से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। निजी परियोजना के अधिकारी और रेणुसागर चौकी इंचार्ज ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। तब जाकर प्रदर्शन कर रहे लोग शांत हुए। कहा कि 24 घंटे के भीतर इस पर संजीदगी नहीं दिखाई गई तो ग्रामीण बड़े स्तर पर आंदोलन को विवश होंगे।
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