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मीड डे मील न चखने वाले शिक्षकों पर होगा केस
ब्यूरो, अमर उजाला/ सोनभद्र
Updated Fri, 06 May 2016 11:03 PM IST
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शिक्षक
- फोटो : demo
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मथुरा में मीड डे मील में मिले दूध का सेवन करने से दो बच्चों और एक आंगनबाड़ी सहायिका की हुई मौत के बाद जिले के शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों की नींद उड़ गई है। बेसिक शिक्षाधिकारी ने सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षकों को मीड डे मील के तहत बने भोजन और दूध को चखने के बाद ही बच्चों को देने का आदेश दे दिया है। इसकी मानीटरिंग खंड शिक्षाधिकारी करेंगे। बगैर चखे बच्चों को भोजन देने वाले शिक्षकों केे खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
बता दें कि जिले में 1810 प्राथमिक और 654 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैै। बीएसए कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में 190206 बच्चे और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 62064 बच्चे अध्यनरत है। सभी प्रधानाध्यापकों और प्रधानों की जिम्मेदारी है कि कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को मीड डे मील के साथ डेढ़ सौ मिली लीटर दूध और कक्षा छह से आठ तक के प्रति बच्चों को दो सौ मिली लीटर दूध देना है।
लेकिन दुरूह और नक्सल क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों में बच्चों को मानक के अनुरूप भोजन और दूध मुहैया नहीं कराया जा रहा है।
बीएसए मनभरन राम राजभर ने बताया कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को साफ-सफाई और मीनू के अनुसार बच्चों को मीड डे मील देने का निर्देश दिया गया हैै। बताया कि बच्चों को दिए जाने वाले भोजन और दूध का सेवन पहले शिक्षक करेंगे। ऐसा न करने वाले शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ ही प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
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बता दें कि जिले में 1810 प्राथमिक और 654 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैै। बीएसए कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में 190206 बच्चे और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 62064 बच्चे अध्यनरत है। सभी प्रधानाध्यापकों और प्रधानों की जिम्मेदारी है कि कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को मीड डे मील के साथ डेढ़ सौ मिली लीटर दूध और कक्षा छह से आठ तक के प्रति बच्चों को दो सौ मिली लीटर दूध देना है।
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लेकिन दुरूह और नक्सल क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों में बच्चों को मानक के अनुरूप भोजन और दूध मुहैया नहीं कराया जा रहा है।
बीएसए मनभरन राम राजभर ने बताया कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को साफ-सफाई और मीनू के अनुसार बच्चों को मीड डे मील देने का निर्देश दिया गया हैै। बताया कि बच्चों को दिए जाने वाले भोजन और दूध का सेवन पहले शिक्षक करेंगे। ऐसा न करने वाले शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ ही प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
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