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म्योरपुर बीईओ पर शिक्षकों ने लगाए गंभीर आरोप, जांच शुरू

Sun, 28 Aug 2022 11:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 28 Aug 2022 11:48 PM IST
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Teachers made serious allegations against Mayorpur BEO, investigation started
म्योरपुर में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी पर शिक्षकों ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत का संज्ञान लेते हुए डीएम ने इसकी जांच शुरू करा दी है। मुख्य विकास अधिकारी की निगरानी में गठित दो सदस्यीय टीम बीईओ के खिलाफ शिकायत की विभिन्न बिंदुओं पर जांच करेगी। टीम ने बयान व साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए बीईओ और शिकायतकर्ता शिक्षकों को नोटिस भी जारी की है। जांच की खबर से शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है। फिलहाल विभाग के जिम्मेदारों ने इस मामले में चुप्पी साध ली है।
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विभागीय सूत्रों के मुताबिक प्राथमिक विद्यालय महमद के सहायक शिक्षक अमरेश कुमार वैश्य, प्राथमिक विद्यालय राजो में तैनात मनीष कुमार, प्राथमिक विद्यालय परसीदाही के प्रधानाध्यापक संतोष कुमार सिंह, उच्च प्राथमिक विद्यालय धुर्वाह के शिक्षक रामचंद्र वैश्य ने म्योरपुर बीईओ के खिलाफ सत्ताधारी दल से जुड़े एक जनप्रतिनिधि से शिकायत की थी। बीईओ से बातचीत का ऑडियो भी प्रस्तुत किया। मामले को गंभीरता से लेते हुए जनप्रतिनिधि ने डीएम को जांच के लिए निर्देशित किया। डीएम ने सीडीओ की निगरानी में टीम गठित की है। दो सदस्यीय टीम में डीआईओएस राजेंद्र प्रसाद यादव और डीसी एनआरएलएम एके जौहरी शामिल हैं। टीम ने बीईओ और शिकायतकर्ता शिक्षकों को पत्र देकर अपना पक्ष रखने के लिए शुक्रवार को ही बुलाया था। बीईओ के खिलाफ शिक्षकों की शिकायत पर जांच के बाद विभाग में खलबली मची हुई है। मामले को लेकर चर्चाएं जोरों पर है। विभागीय अफसर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं। डीआईओएस राजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि शिकायकर्ता और बीईओ का बयान दर्ज किया गया है। विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है। जल्द ही जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
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जाति बदलकर नौकरी कर रहे हैं कई शिक्षक
चार राज्यों की सीमा पर स्थित जिले में जाति को लेकर खेल लंबे समय से चल रहे है। सीमावर्ती राज्यों में जिन जातियों को पिछड़ी जाति या अनुसूचित जाति के तहत अधिसूचित किया गया है, उन्हें यूपी में एससी या एसटी का दर्जा मिला हुआ है। सीमावर्ती क्षेत्रों में कई लोग इसका लाभ उठा रहे हैं। गलत नाम-पता दर्शाकर वह दूसरी श्रेणी का जाति प्रमाण पत्र हासिल कर उसके आरक्षण का लाभ पा रहे हैं। म्योरपुर, दुद्धी, बभनी, चोपन और घोरावल ब्लाक में ऐसे कई मामले हैं। कई बार इसकी जांच की मांग भी उठ चुकी है, लेकिन मामला पेंचीदा होने के कारण कोई भी इसमें हाथ डालने की जहमत नहीं उठाना चाहता।
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